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दुनिया

क्या वैक्सीन कोरोनावायरस के प्रकार-भेद के लिए उपयोगी है?

ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में कोरोनावायरस के 20 से अधिक प्रकार-भेद मिले हैं। संख्या ज्यादा होने की वजह से वैज्ञानिक समुदाय की सतर्कता बढ़ी है। अब इजराइल, मलेशिया और चीन के हांगकांग में ब्रिटेन से आये प्रकार-भेद मिले हैं।

साल 2020 की शुरूआत से फैली इस महामारी से संक्रमित होने के बाद लोगों में सूंघने और स्वाद लेने में दिक्कत आने की समस्या देखी गई। (Pixabay)

ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में कोरोनावायरस के 20 से अधिक प्रकार-भेद मिले हैं। संख्या ज्यादा होने की वजह से वैज्ञानिक समुदाय की सतर्कता बढ़ी है। अब इजराइल, मलेशिया और चीन के हांगकांग में ब्रिटेन से आये प्रकार-भेद मिले हैं। अफ्रीकी रोग रोकथाम केंद्र ने कहा कि नाइजीरिया में संभवत: ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका से अलग प्रकार-भेद मिला है। गंभीर स्थिति के मद्देनजर स्विट्जरलैंड, मैक्सिको, जर्मनी, इटली आदि देशों ने बड़े पैमाने पर वैक्सीन लगाने की योजना बनायी है। क्या वर्तमान कोरोना वैक्सीन प्रकार-भेद की रोकथाम कर सकते हैं, इसपर लोगों का ध्यान केंद्रित है।

सिंगापुर के न्यूज एशिया ने टिप्पणी की कि क्या वैक्सीन और वायरस मेल खाते हैं, यह वैज्ञानिकों के सामने मौजूद दीर्घकालीन चुनौती है। चाहे पूरी तरह मेल नहीं खाते, तो वैक्सीन फिर भी बीमारी पड़ने की संभावना या गंभीरता को कम कर सकता है। इसलिए वैज्ञानिक अनुसंधान करना एकमात्र उपाय है।


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कोरोना वैक्सीन । (Unsplash)

चीनी वैक्सीन

चीन कोरोना वैक्सीन के अनुसंधान में दुनिया के पहले स्थान पर है। चीनी वैक्सीन हमेशा व्यापक ध्यान आकर्षित करते हैं। स्थानीय समानुसार 23 दिसंबर को ब्राजील के साओ पाउलो स्टेट और बुटैन टैन संस्थान ने न्यूज ब्रीफिंग में कहा कि सभी परीक्षण में चीनी वैक्सीन सबसे सुरक्षित और कारगर है।

ब्राजील 15 दिनों में चीनी वैक्सीन के डेटा जारी करेगा। लेकिन पश्चिमी मीडिया ने बढ़ा-चढ़ा कर कहा कि यह अपारदर्शी है। वास्तव में चीनी वैक्सीन कंपनी बस ब्राजील, इंडोनेशिया और तुर्की में मिले डेटा इकट्ठा कर परिणाम जारी करना चाहती है, क्योंकि एक वैक्सीन के तीन परिणाम नहीं होने चाहिए। यह बिलकुल सामान्य है। फाइजर ने ब्राजील समेत बहुत-से देशों के स्वयंसेवकों में क्लिनिकल परीक्षण किया, डेटा अंत में एकीकृत तरीके से जारी किया जाता है। इसलिए चीनी वैक्सीन पर पश्चिमी मीडिया के कालिख का कोई मतलब नहीं है। (आईएएनएस)

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प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

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महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

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