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खेल

Test में 300 विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय तेज गेंदबाज बने इशांत

इशांत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में डेनियल लॉरेंस को पगबाधा आउट कर 300 विकेट की उपलब्धि हासिल कर ली।

 इशांत शर्मा टेस्ट मैचों में भारत की ओर से 300 विकेट लेने वाले तीसरे तेज गेंदबाज बन गए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ यहां एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन सोमवार को इशांत ने यह मुकाम हासिल किया। इशांत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में डेनियल लॉरेंस को पगबाधा आउट कर 300 विकेट की उपलब्धि हासिल कर ली।

इशांत के अलावा भारत के विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने टेस्ट मैचों में 300 विकेट लिए हैं। इनके अलावा ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन, पूर्व गेंदबाज अनिल कुंबले और हरभजन सिंह के नाम भी टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड है। 


हालांकि, इशांत इस मुकाम तक काफी धीमी गति से पहुंचे हैं। उन्होंने 98 टेस्ट मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल की है जबकि अश्विन महज 54 मुकाबलों में 300 विकेट पूरे कर चुके थे। अश्विन के पीछे कुंबले (66 मैच), हरभजन (72), कपिल (83) और जहीर ने (89) मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। 
 
यह भी पढ़ें : जाने किस दिन कुंबले ने टेस्ट में झटके थे एक पारी में सभी 10 विकेट
 

कुंबले भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 619 विकेट लिए हैं। उनके पीछे कपिल हैं जिन्होंने 434 विकेट तथा हरभजन के नाम अबतक 417 विकेट हैं। इशांत ने 2007 में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ अपना टेस्ट पदार्पण किया था। उन्होंने भारत के लिए 80 वनडे और 14 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने क्रमश: 115 और आठ विकेट झटके हैं।
(आईएएनएस)

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

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कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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क्रांतिकारी दुर्गावती देवी (wikimedia commons)

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