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दुनिया

Israel-Palestine Violent Clashes: इजरायल पर हो रहे हमलों के बीच भारत दो गुटों में बटा!

इजरायल और फिलस्तीनी आतंकी संगठन के बीच चल रहे भीषण झड़प पर पूरे विश्व की नजर है। साथ ही भारत में लिबरलधारियों ने आग उगलना भी शुरू कर दिया है।

इजरायली सेना हमास आतंकी संगठन को मुँह तोड़ जवाब दे रही है।(Wikimedia Commons)

इजरायल और गाजा के बीच हो रही हिंसक झड़प पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। यरूशलम के अल-अक्सा मस्जिद(Al-Aqsa Mosque) में हुए हिंसक झड़प के बाद, गाजा पट्टी से आतंकी गुटों द्वारा बीते रविवार रात को Isarael के अश्कलोन शहर और आसपास के जगहों की ओर रॉकेट लॉन्च किए गए। जिसको समय रहते इजराइल के सुरक्षा प्रणाली में शामिल कारगर हथियार आइरन डोम मिसाइल सिस्टम ने इस हमले का समय रहते पता लगा लिया और हवा में ही नष्ट कर दिया। जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बचाव हुआ।

किन्तु, Gaza Strip से हुए इस हमले ने इजरायल को वापस अपने पुराने रूप में लाने पर मजबूर कर दिया है। अब इजरायल भी जवाबी करवाई करने में पीछे नहीं हट रहा है। उसने भी हमास के सैन्य चौंकियों पर गोले दागे। इसके बाद भी हमास आतंकी गुट पीछे हटने को राजी नहीं है और Israel को “अभी तो यह शुरुआत है,” जैसी धमकियां दे रहा है।


इन धमकियों का जवाब इजरायली सुरक्षा बालों ने बहुत घातक तरीके से दिया है। यह इसलिए क्योंकि इजरायल के रक्षा बालों ने बुधवार को यह घोषणा की, कि उसने हमास के दो मुख्य नेताओं को हवाई हमले में ढेर कर दिया है। इजरायल सुरक्षा बल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके यह जानकारी दी गई कि “आईएसए के साथ हमारे लड़ाकू जेट विमानों ने हमास की खुफिया जानकारी के प्रमुख: हसन काओगी जो हमास सैन्य खुफिया सुरक्षा विभाग का प्रमुख था और उसके सहायक वेल इस्सा, को मार गिराया है।” इसी ट्वीट में इजरायली सेना ने चुटकी लेते हुए लिखा कि “लगता है कि हमारी जानकारी बेहतर है।”

आपको बता दें कि मंगलवार को गाजा पट्टी से इजरायल पर एक हजार मिसाइल छोड़े जाने के बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की, कि हमास और फिलिस्तीनी इस्लामी जिहाद आतंकवादी समूहों को इजरायल के नागरिकों पर अपने हमलों के लिए “एक महंगी कीमत चुकानी होगी”। रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ और आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ अविव कोहावी के साथ बयान देते हुए, नेतन्याहू फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों को दोषी ठहराते हुए कहा कि “उनका खून अपने हाथों पर है।”

इसी बीच भारत के लिए भी इजरायल से एक दुःखद खबर आई है कि इजरायल के अश्कलोन शहर में हमास के रॉकेट हमले में केरल की एक भारतीय नर्स की मृत्यु हो गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार 31 वर्षीय सौम्या संतोष दक्षिणी इजरायल में वृद्ध महिलाओं की देखभालकर्ता थीं। जिन्होंने हमास रॉकेट हमले में अपनी जान गवाई। जिस समय यह हमला हुआ था तब सौम्या अपनी घर के छज्जे पर अपने पति से जो भारत में रहते हैं, उनसे फोन बात कर रही थी। सौम्या जिस वृद्ध महिला की देखभाल कर रहीं थीं, उनकी भी इस हमले में मृत्यु हो गई है।

किन्तु, देश के लिब्रलधारियों को अब इजरायल एक आतंकी देश लगता है, और सभी इजरायल पर हुए हमले को छोड़ गाजा पट्टी में इजरायली सेना द्वारा आतंकी संगठन पर किए जवाबी करवाई में मानवता का हनन दिख रहा है। किसी भी लिबरल ने सौम्या संतोष की मृत्यु पर दुःख नहीं जताया, लेकिन “अल्लाह इजरायल को नष्ट करेंगे। #अल्लाहु-अकबर!” ऐसी दुआएं जरूर मांगी जा रहीं हैं। इन सभी में सबसे आगे है लिब्रलधारियों की बेटी और अभिनेत्री स्वरा भास्कर जिहोंने ट्विटर पर लिखा कि “इजरायल एक रंगभेदी राज्य है। इजरायल एक आतंकी राज्य है” किन्तु स्वरा ने आतंकी हमले पर और सौम्य संतोष की मृत्यु पर दुःख के दो शब्द नहीं फूटे। स्वरा के साथ ऐसे कई लिबरल हैं, खास बात यह कि अधिकांश विशेष समुदाय से नाता रखते हैं। इसी बीच तथाकथित युवा नेता, जिसने हिन्दुओं को ‘सड़ा’ हुआ कहा था, शर्जील उस्मानी ने पिलस्तीन के सहयोग में लैपटॉप बनाने वाली मशहूर कम्पनी ‘एचपी’ और जूतों की मशहूर निर्माता ‘प्यूमा’ का बहिष्कार करने को कहा। जिसका जवाब भी इनको करारा मिल रहा है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका में बढ़ रहे हैं एशियाई लोगों पर हमले : पैनल

बहरहाल, इजरायल और गाजा पट्टी में चल रहे भीषण संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र भी चिंतित है। वहीं दूसरी ओर तुर्की के राष्ट्रपति रिस्प टेयिप एरडोगान ने सभी इस्लामिक मुल्कों से इजरायल के खिलाफ एक-जुट होने का न्योता दिया है। अब देखना यह है की यह संघर्ष आगे किस नतीजे पर रुकता है। क्योंकि इजरायल के इतिहास पर ध्यान देंगे तो यह ज्ञात होगा कि इजरायल ने कभी पहले हार नहीं मानी है।

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भारत, अमेरिका के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की ( Pixabay )

भारत(india) और अमेरिका(America) के विशेषज्ञों ने शनिवार को कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) के माध्यम से जलवायु परिवर्तन (Environment change) से निपटने के लिए विभिन्न तकनीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि वे 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से पांच - जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ताकत, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, खपत और उत्पादन जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए साझेदारी की है। विज्ञान विभाग के सचिव एस.चंद्रशेखर ने कहा, "सख्त जलवायु व्यवस्था के तहत हम उत्सर्जन कटौती प्रौद्योगिकियों के पोर्टफोलियो के सही संतुलन की पहचान और अपनाने का एहसास कर सकते हैं। ग्लासगो में हाल ही में संपन्न सीओपी-26 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ-साथ महत्वाकांक्षाओं को सामने लाया। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद हम जलवायु लक्ष्यों को पूरा करेंगे।"

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्बन कैप्चर पर पहली कार्यशाला में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, "पीएम ने हम सभी को 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन राष्ट्र बनने को कहा है।" उन्होंने सीसीयूएस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आरडी एंड डी की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की हालिया पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

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वेल्लोर के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला ( Pixabay)

कोरोना के इस दौर में ऐप टेक्नॉलॉजी (App Technology) की पढ़ाई कई समस्याओं का समाधान कर रही है। ऐसा ही एक समाधान 10 वर्षीय छात्र कनिष्कर आर ने कर दिखाया है। कनिष्कर ने पेशे से वकील अपने पिता की मदद एक ऐप (App) बनाकर की। दस्तावेज संभालने में मददगार यह ऐप वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करता है। 10 वर्षीय कनिष्कर का यह ऐप अब उसके पिता ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य वकील भी इस्तेमाल कर रहे हैं और यह एक उद्यम की शक्ल ले रहा है।

कनिष्कर अपने पिता को फाईलें संभालते देखता था, जो दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही थीं। जल्द ही वह समझ गया कि उसके पिता की तरह ही अन्य वकील भी थे, जो इसी समस्या से पीड़ित थे। इसलिए जब कनिष्कर को पाठ्यक्रम अपने कोडिंग के प्रोजेक्ट के लिए विषय चुनने का समय आया, तो उसने कुछ ऐसा बनाने का निर्णय लिया, जो उसके पिता की मदद कर सके। वेल्लोर (Vellore) के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट के एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करना है। इस ऐप द्वारा यूजर्स साईन इन करके अपने काम को नियोजित कर सकते हैं और क्लाईंट से संबंधित दस्तावेज एवं केस की अन्य जानकारी स्टोर करके रख सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से यूजर्स सीधे क्लाईंट्स से संपर्क भी कर सकते हैं। जिन क्लाईंट्स को उनके वकील द्वारा इस ऐप की एक्सेस दी जाती है, वो भी ऐप में स्टोर किए गए अपने केस के दस्तावेज देख सकते हैं।

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डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है

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डॉ.मुनीश रायजादा ने फोन पर आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि, " मंच इस वेब सीरीज का प्रचार यह कहकर नहीं कर रहा था कि यह एक राजनीतिक वेब सीरीज है, और मैंने सोचा कि मैं इस वेब सीरीज को बड़े पैमाने में दर्शकों तक कैसे ले जा सकता हूँ फिर मैंने यूट्यूब के बारे में सोचा।" यह वेब सीरीज यूट्यूब पर 17 जनवरी को रिलीज़ किया गया।

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