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संस्कृति

कन्याकुमारी में हिंदुओ के लिए महत्वपूर्ण रोचक तथ्य

यह स्थान श्रीपद पराई के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन मान्यताओं की बात करे तो इसके अनुसार इस स्थान पर कभी कन्याकुमारी ने भी तपस्या की थी।

भारत के तमिलनाडु राज्य में बसा कन्याकुमारी स्थल (wikimedia commons)

कुमारी देवी मंदिर :

यह स्थान श्रीपद पराई के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन मान्यताओं की बात करे तो इसके अनुसार इस स्थान पर कभी कन्याकुमारी ने भी तपस्या की थी। इसलिए इस स्थान को कन्याकुमारी कहा जाता है। यहां कुमारी देवी के पैरों के निशान भी हैं। कन्याकुमारी के समुद्री तट पर ही कुमारी देवी का मंदिर है, जहां देवी पार्वती के कन्या रूप को पूजा जाता है। प्राचीन कथाओ में कहा गया है कि भगवान शिव ने एक असुर वाणासुर को वरदान दिया था कि कुंवारी कन्या के अलावा किसी के हाथों उसका वध नहीं होगा। प्राचीनकाल में कभी भारत पर शासन करने वाले राजा भरत की आठ पुत्री और एक पुत्र था। राजा भरत ने अपने साम्राज्य को नों बराबर हिस्सों में बांटकर अपनी संतानों को दे दिया था और दक्षिण का हिस्सा उनकी पुत्री कुमारी को मिला। कुमारी भगवान शिव की अनन्य भक्त थीं और भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं। कहा जाता हैं कि विवाह की तैयारियां होने लगीं लेकिन नारद मुनि यह चाहते थे कि वाणासुर नामक असुर का कुमारी के हाथों वध हो जाए। इस कारण शिव और देवी कुमारी का विवाह नहीं हो पाया। कुमारी को शक्ति देवी का अवतार माना जाने लगा और वाणासुर के वध के बाद कुमारी की याद में ही दक्षिण भारत के इस स्थान को 'कन्याकुमारी' कहा जाने लगा। यह भी कहा जाता है कि शहर का नाम देवी कन्या कुमारी के नाम पर पड़ा है । प्रचलित कथाओं में कुमारी देवी को भगवान श्रीकृष्ण की बहन भी माना गया है। प्रचलित कथा के अनुसार ऐसा कहा गया है कि देवी का विवाह संपन्न न हो पाने के कारण बचे हुए दाल-चावल बाद में कंकर बन गए। आश्चर्यजनक रूप से कन्याकुमारी के समुद्र तट की रेत में दाल और चावल के आकार और रंग-रूप के कंकर बड़ी मात्रा में देखे जा सकते हैं।


\u0915\u0928\u094d\u0915\u0941\u092f\u093e\u092e\ यह स्थान श्रीपद पराई के नाम से भी जाना जाता है। (wikimedia commons)


कन्याश्रम- सर्वाणी :

कन्याश्रम में माता का पृष्ठ भाग (पीठ) गिरा था। इसमें शक्ति है सर्वाणी और भगवान शिव को निमिष कहा गया है। कुछ विद्वान को मानना है कि यहां मां का उर्ध्वदंत गिरा था। कन्याश्रम को कालिकशराम या कन्याकुमारी शक्तिपीठ के नाम से भी जाना जाता है। चारों ओर जल से घिरा हुआ है यह शक्तिपीठ। ये एक छोटा सा टापू है जहां का दृश्य बहुत ही मनोरम और रमणीय है। जो सभी भक्तों के मन को आनंदित कर देती है।
भगवान शिवजी की पत्नी सती अपने पिता राजा दक्ष के द्वारा हुए एक यज्ञ में गई थी लेकिन वहां भगवान शिव को राजा दक्ष ने अपमानित किया था। माता सती अपने पति का अपमान सहन नहीं कर पाई और उसी यज्ञ में कूदकर वो भस्म हो गई। भगवान शिवजी जो जब यह पता चला तो वो क्रोधित हो गए उन्होंने अपने गण वीरभद्र को भेजकर यज्ञ स्थल को उजाड़ दिया और राजा दक्ष का सिर काट दिया। बाद में भगवान शिवजी अपनी पत्नी सती की जली हुई लाश लेकर विलाप करते हुए सभी ओर घूमते रहे। जहां-जहां माता के अंग और आभूषण गिरे वहां-वहां शक्तिपीठ निर्मित हो गए। जैसे जहां माता का हार (माला) गिरी थी वो स्थल मैहर कहलाया। भगवान विष्णु के चक्र से विच्छिन्न होकर अंग और आभूषण 108 स्थलों पर गिरे थे, जिनमें में 51 का खास महत्व है और माता के 51 शक्तिपीठ स्थापित हुए । जिसमे से एक कन्याश्रम भी है।

यह भी पढ़ें : बांके बिहारी मंदिर के बारे में रोचक तथ्य

यहां पर अम्मन मंदिर जो पार्वती माता को समर्पित है। मंदिर के भीतर के अंधकार में जगमगाते तेल के दिये एक रहस्यमयी वातावरण प्रस्तुत करते हैं । द्वार की चौखट पर प्रज्ज्वलित दिये के प्रकाश में प्रकाशमान देवी की सुंदर प्रतिमा मंत्रमुग्ध कर रही थी।

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गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है।(wikimedia commons)

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई प्रतिभाशाली लोगों को पुरस्कारों से नवाजा गया एसे में बी प्राक ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अपने गीत 'तेरी मिट्टी' के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता है। उन्होंने और भी विजेताओं के साथ इस पल को साझा किया है ये उनके लिए खास पल रहा। गायक ने अपनी बड़ी जीत के बारे में कहा, "यह साल बहुत अच्छा रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा यह पुरस्कार जीतने का पल खास हैं। मैं बहुत खुश हूं। मुझे लगता है कि मैं बहुत खुशनसीब हूं कि हमने एक टीम के साथ ऐसा गीत बनाया जो हमारे राष्ट्र के लिए गौरव के साथ गूंजता है।"

साथ हि वह कहते हैं कि इस पल को वह कभी नहीं भूलेंगे। "आज का दिन मेरे करियर के लिए अनमोल दिन है उन्होंने कहा। हर कलाकार चाहता है कि उसकी सराहना की जाए और राष्ट्रीय पुरस्कार से बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता।"

 \u092b\u093f\u0932\u094d\u092e \u0915\u0947\u0938\u0930\u0940 2019 की फिल्म केसरी का मुख्य आकर्षण था(wikimedia commons)

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वैश्विक डिजिटल सुरक्षा कंपनी नॉर्टनलाइफ लॉक की तरफ से जारी की गई है रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

वैश्विक डिजिटल सुरक्षा कंपनी नॉर्टनलाइफ लॉक की तरफ से एक रिपोर्ट पेश करी गई है जिसमें कई अहम दावे किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले भारत में पिछले एक तिमाही में औसतन 187,118 ब्लॉक प्रतिदिन 17,214,900 से अधिक साइबर सुरक्षा खतरों को सफलतापूर्वक रोका गया।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तकनीकी सहायता (technical support) के घोटाले की प्रभावशीलता महामारी के दौरान बढ़ गई है, क्योंकि उपभोक्ताओं की हाइब्रिड वर्क शेड्यूल और पारिवारिक गतिविधियों को प्रबंधित करने के लिए अपने उपकरणों पर निर्भरता बढ़ गई है। साथ ही साथ रिपोर्ट में यह भी सचेत किया गया है कि आगामी छुट्टियों के मौसम के साथ-साथ खरीदारी और चैरिटी से संबंधित फिशिंग हमलों में तकनीकी सहायता घोटाले बढ़ने का अंदेशा है।

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डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म फोनपे पर रिचार्ज करने के लिए उपयोगकर्ताओं को देने होंगे शुल्क।(Wikimedia Commons)

भारत के टॉप डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म फोनपे(PhonePe) ने अपनी एक घोषणा में कहा , "मोबाइल रिचार्ज के लिए फोनपे एक प्रयोग चला रहा है, जहां उपयोगकर्ताओं के एक छोटे से वर्ग से 51-100 रुपये के रिचार्ज के लिए 1 रुपये और 100 रुपये से अधिक के रिचार्ज के लिए 2 रुपये का प्रोसेसिंग शुल्क लिया जा रहा है।"

हालांकि , कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि उसके पेमेंट ऐप(PhonePe) पर सभी यूपीआई मनी ट्रांसफर, ऑफलाइन और ऑनलाइन भुगतान (यूपीआई, वॉलेट, क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर) सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त हैं और वे जारी रहेंगे। कंपनी ने कहा कि फोनपे इन लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं लेता है, और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगा।

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