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मनोरंजन

तैमूर की अम्मी और सैफ की पत्नी नहीं बन सकती ‘सीता’, करीना कपूर पर ट्वीट करके बोले यूजर्स

सोशल मीडिया पर भड़के हुए लोगों ने यहां तक कह दिया की जिस औरत को कपड़े पहनने तक की तमीज़ ना हो उसे मां सीता का रोल करने का कोई हक नहीं है. एक के बाद ट्वीट आने अलगे और #BoycottKareenaKhan ट्रेंड करने लगा.

करीना कपूर की कास्टिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है(twitter)

बॉलीवुड एक्ट्रेस और अक्सर अपने बोल्ड अंदाज़ के लिए सुर्ख़ियों में रहनें वाली करीना कपूर खान एक बार फिर विवादों में फंस गईं हैं. लेकिन इस बार किसी बयान या रोल के लिए नहीं बल्कि अपनी एक डिमांड की वजह से. दरअसल करीना कपूर खान ने एक फिल्म में सीता के किरदार के लिए कुछ ऐसी डीमांड रख दी की गुस्साए लोगों ने उनकी शादी से लेकर उनके बच्चे के नाम तक को लेकर उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई.

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बॉलीवुड अदाकारा करीना कपूर खान (Kareena Kapoor) जल्दी ही महेश बाबू (Mahesh Babu) स्टारर निर्माता मधु मंटेना की फिल्म रामायण (Ramayana) में नजर आने वाली हैं. इतना ही नहीं, बताया गया है कि फिल्म के लिए करीना कपूर खान 12 करोड़ रुपये चार्ज कर रही हैं. जिसके बाद ये खबर आग की तरह सोशल मीडिया पर फैली.


सोशल मीडिया पर भड़के हुए लोगों ने यहां तक कह दिया की जिस औरत को कपड़े पहनने तक की तमीज़ ना हो उसे मां सीता का रोल करने का कोई हक नहीं है. एक के बाद ट्वीट आने अलगे और #BoycottKareenaKhan ट्रेंड करने लगा. नागपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक्ट्रेस के खिलाफ जिला अधिकारी के समक्ष ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर यह फिल्म बनी तो इसका बड़ा विरोध किया जाएगा.

कुछ लोगों ने तो एक्ट्रेस को मां सीता के किरदार के लिए नहीं बल्कि शूपर्णखा के रोल के लिए परफेक्ट बताया है. जबकि कुछ इंटरनेट यूजर्स सुशांत सिंह राजपूत की मौत के लिए बॉलीवुड को कुसूरवार ठहराकर अदाकारा करीना कपूर खान (Kareena Kapoor) के खिलाफ कमेंट कर रहे. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि सीता के किरदार को निभाने के लिए एक्ट्रेस यामी गौतम बेस्ट हैं. यूजर्स का मेकर्स से कहना है कि सीता के किरदार के लिए करीना को छोड़ कंगना रनौत, यामी गौतम और अनुष्का शेट्टी सबसे बेस्ट रहेंगे.

यह भी पढ़े : विद्या बालन: मैंने बॉलीवुड की रूढ़ियों को चुनौती दी

देखिए कुछ ट्वीटस

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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