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देश

यूपी में युवाओं के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाती जा रही खादी

उत्तर प्रदेश में खादी अपनी मजबूत पहचान बनाती जा रही है। इसे बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं जिससे यह युवाओं की खास पंसदीदा बनती जा रही है।

युवाओं के बीच लोकप्रिय खादी के उत्पादों को इसके उत्कृष्ट कारीगर रोज नया कलेवर देने में जुटे हैं। (Pixabay)

उत्तर प्रदेश में खादी (Khadi) अपनी मजबूत पहचान बनाती जा रही है। इसे बढ़ावा देने के लिए यूपी (UP) सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं जिससे यह युवाओं की खास पंसदीदा बनती जा रही है। विदेशों में भी खादी को बढ़ावा देने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर फैशन शो के आयोजन किए हैं। खादी का दायरा बढ़ने से कोरोना काल के दौरान भी सरकार ने इसे विभिन्न परियोजनाओं से जोड़ कर रोजगार के नए-नए अवसर पैदा किए हैं। युवाओं के बीच लोकप्रिय खादी के उत्पादों को इसके उत्कृष्ट कारीगर रोज नया कलेवर देने में जुटे हैं।

यूपी में बीते तीन महीनों में खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 75 जिलों में 185 परियोजनाओं को 786.06 लाख रुपये की अनुदान राशि दी है। इसके माध्यम से यूपी के 1480 लोगों को रोजगार मिल सका है। गौरतलब है कि बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाला खादी उद्योग यूपी में रोज बढ़ रहा है। सरकार खादी एवं अन्य छोटे उद्योगों के लिए बेहतर बाजार स्थापित कर रही है।


खादी के उत्पादों के प्रति बढ़ते रुझान का असर है कि लखनऊ, बुलंदशहर, हापुड़, फतेहपुर, बाराबंकी, औरैया, हरदोई, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, चंदौली, शामली, प्रतापगढ़ में उद्योग बढ़ा और युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर मिलना शुरू हुए। युवाओं के सपनों को साकार करने वाली योगी सरकार ने अपनी विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों से रोजगार के अवसर दिलाने का लक्ष्य प्राप्त किया है।

बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाला खादी उद्योग यूपी में रोज बढ़ रहा है। सरकार खादी एवं अन्य छोटे उद्योगों के लिए बेहतर बाजार स्थापित कर रही है। (IANS)

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उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से 30 जून तक यूपी में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister’s Employment Generation Program) के तहत बैंकों से स्वीकृत परियोजनाओं में 4928 लोगों को रोजगार दिया। इस कार्यक्रम के तहत खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड और जिला उद्योग केन्द्र में बैंकों द्वारा 616 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। जिनको 2283.71 लाख अनुदान राशि दी गई। यूपी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यामों को बढ़ावा देने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने विकास का जो मॉडल रखा, उसके चलते गांवों में उद्योग तो बढ़े ही साथ में गांव-गांव से युवाओं का पलायन भी रुका।

अपर मुख्य सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग डॉ. नवनीत सहगल ने कहा कि यूपी में खादी को बढ़ावा देने के लिए सरकार नए-कदम उठा रही है। अन्य राज्यों की अपेक्षा प्रदेश ने कोरोना काल में भी खादी ने काफी अच्छी प्रगति की है। (आईएएनएस-SM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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