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व्यक्ति विशेष

जानिए कैसे, दबंग स्टाइल में कुख्यात अपराधी से नेता बना मुख्तार अंसारी?

कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी, मउ निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुका है। उसका ऐसा दबदबा कि लोग उसके खिलाफ बोलने से पहले सोचते हैं।

कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी, मउ निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुका है। उसका ऐसा दबदबा कि लोग उसके खिलाफ बोलने से पहले सोचते हैं। उसने पांच बार लगातार चुनाव जीता। इतना ही नहीं, पांच में से दो बार स्वतंत्र चुनाव लड़कर जीत हासिल की। मुख्तार का अपने क्षेत्र में दबदबा ऐसा है कि जेल में रहते हुए भी उसने 2007, 2012 और 2017 के चुनाव में भी अपनी जोरदार जीत दर्ज हासिल की। 57 वर्षीय मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश का ऐसा कुख्यात अपराधी माना जाता है जो सूबे में अपना रसूख रखता है और लोग उसका सम्मान करते हैं।


मुख्तार अंसारी की अंडरवल्र्ड में यात्रा साल 1980 में शुरू हुई। अंसारी उस समय मखनु सिंह गिरोह का सदस्य था। 1980 के दशक में यह गिरोह साहिब सिंह के नेतृत्व वाले गिरोह से सैदपुर में जमीन के मामले को लेकर एक अन्य गिरोह के साथ भिड़ गया, जिसके बाद हिंसक घटनाएं बढ़ती चली गईं।

साहिब सिंह के गैंग के सदस्य बृजेश सिंह ने बाद में अपना खुद का गैंग बना लिया और 1990 के गाजीपुर के अनुबंध कार्य माफिया पर कब्जा कर लिया। अंसारी के गिरोह ने उसके साथ 100 करोड़ रुपये के अनुबंध कारोबार को नियंत्रण करने के लिए प्रतिस्पर्धा की, जो कोयला खनन, रेलवे निर्माण, स्क्रैप निपटान, सार्वजनिक कार्यों और शराब व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में फैला था। गैंग अपहरण के अलावा संरक्षण और जबरन वसूली रैकेट भी चला रहा था।

उसने 1995 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र संघ से राजनीति में एंट्री की और 1996 में बसपा के टिकट पर विधायक बना। 2002 में सिंह ने अंसारी के काफिले पर हमला किया। इस हमले में अंसारी के तीन लोगों की मौत हो गई। बृजेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे मृत मान लिया गया। अंसारी पूर्वांचल में गैंग का प्रमुख बन गया। हालांकि, बृजेश सिंह किसी तरह से बन निकला और झगड़ा फिर से शुरू हो गया।

अंसारी के राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए सिंह ने भाजपा नेता कृष्णानंद राय के चुनाव अभियान का समर्थन किया। राय ने 2002 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहम्मदाबाद से मुख्तार अंसारी के भाई और पांच बार के विधायक अफजल अंसारी को हरा दिया।

अंसारी ने गाजीपुर-मऊ क्षेत्र में चुनावों के दौरान अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मुस्लिम वोट बैंक का इस्तेमाल किया। उनके विरोधियों ने हिंदू वोटों को मजबूत करने की कोशिश की, जो जातिगत आधार पर विभाजित हैं। अपराध, राजनीति और धर्म के मिश्रण ने क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा के कई उदाहरणों को जन्म दिया। ऐसे ही एक दंगे के बाद 2005 में लोगों को हिंसा के लिए भड़काने के आरोप में मुख्तार अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। तब से ही वह करीब 16 सालों से जेल में है।

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उसका दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी 1927-28 में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष थे। वह मुस्लिम लीग के प्रमुख भी थे। साथ ही वह जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापक सदस्य और पूर्व कुलपति भी थे। डॉन के नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान अंसारी, जिन्हें ‘शेर का नोहशेरा’ कहा जाता है, महावीर चक्र से सम्मानित थे। मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी एक राष्ट्रीय स्तर के भारतीय निशानेबाज हैं जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किये हैं।

वहीं बसपा सांसद और मुख्तार के बड़े भाई अफजल अंसारी ने कहा, “ज्यादातर मामलों में मुख्तार को आपराधिक साजिश के लिए गिरफ्तार किया गया और राजनीतिक कारणों से उसके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। हम मीडिया ट्रायल नहीं चाहते, जो चल रहा है।” कृष्णानंद राय हत्याकांड के बारे में बात करते हुए अफजल ने कहा, हत्या के समय मुख्तार पहले से ही जेल में था। उस पर मामले में साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।(आईएएनएस-SHM)

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मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। (IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के समक्ष 22 मिनट के अपने संबोधन में 'अद्वितीय' पैमाने पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और समस्या-समाधान क्षमता के संदर्भ में भारत की शक्ति के विचार को सामने रखा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जब भारतीयों की प्रगति होती है तो विश्व के विकास को भी गति मिलती है। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत में सुधार होता है, तो दुनिया बदल जाती है। भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों की मापनीयता और उनकी लागत-प्रभावशीलता दोनों अद्वितीय हैं।"

पेश हैं मोदी के भाषण की 10 खास बातें:

आकांक्षा: "ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था, वो आज चौथी बार, भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यूएनजीए को संबोधित कर रहा है।

लोकतंत्र: सबसे लंबे समय तक गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर पिछले 7 साल से भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे हेड ऑफ गवर्मेट की भूमिका में देशवासियों की सेवा करते हुए 20 साल हो रहे हैं। मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं। हां, लोकतंत्र उद्धार कर सकता है। हां. लोकतंत्र ने उद्धार किया है।"

बैंकिंग: "बीते सात वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जो अब तक इससे वंचित थे। आज 36 करोड़ से अधिक ऐसे लोगों को भी बीमा सुरक्षा कवच मिला है, जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे।"

स्वास्थ्य देखभाल: "50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देकर, भारत ने उन्हें क्वालिटी हेल्थ सर्विस से जोड़ा है। भारत ने 3 करोड़ पक्के घर बनाकर, बेघर परिवारों को घर का मालिक बनाया है।"

जलापूर्ति: "प्रदूषित पानी, भारत ही नहीं पूरे विश्व और खासकर गरीब और विकासशील देशों की बहुत बड़ी समस्या है। भारत में इस चुनौती से निपटने के लिए हम 17 करोड़ से अधिक घरों तक, पाइप से साफ पानी पहुंचाने का बहुत बड़ा अभियान चला रहे हैं।"

भारत और भारतीय: "दुनिया का हर छठा व्यक्ति भारतीय है। जब भारतीय प्रगति करते हैं, तो दुनिया के विकास को भी गति मिलती है। जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है।"

विज्ञान और तकनीक: "भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों का स्केल और उनकी कम लागत, दोनों अतुलनीय है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए हर महीने 3.5 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।"

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वैक्सीन : "मैं यूएनजीए को ये जानकारी देना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित कर ली है, जिसे 12 साल की आयु से ज्यादा के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। एक और एमआरएनए टीका विकास के अंतिम चरण में है।" निवेश का अवसर: "मैं दुनिया भर के वैक्सीन निमार्ताओं को भी निमंत्रण देता हूं। आओ, भारत में वैक्सीन बनाएं।"

आतंकवाद: "प्रतिगामी सोच वाले देश आतंकवाद को एक राजनीतिक उपकरण के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इन देशों को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना नितांत आवश्यक है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का उपयोग आतंकवाद फैलाने या आतंकवादी हमलों के लिए न हो।"

आतंकवाद से निपटने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, "हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा कि वहां की नाजुक स्थितियों का कोई देश, अपने स्वार्थ के लिए, एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश ना करे। इस समय अफगानिस्तान की जनता को, वहां की महिलाओं और बच्चों को, वहां के अल्पसंख्यकों को मदद की जरूरत है और इसमें हमें उन्हें सहायता प्रदान करके अपना दायित्व निभाना ही होगा।" (आईएएनएस-SM)


पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र बहुत संवेदनशील हैं और उनके लिए तोड़फोड़ के ऐसे प्रयासों के बारे में जानना नितांत आवश्यक है। (Unsplash)

भारत चीन सीमा पर बसे हुए गांव चिंता का विषय हैं। हैग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड ने एक बड़ी सूचना देते हुए बड़ा खुलासा किया है कि चीन ने भारत के साथ अपनी सीमा पर 680 'जियाओकांग' (समृद्ध या संपन्न गांव) बनाए हैं। ये गांव भारतीय ग्रामीणों को बेहतरीन चीनी जीवन की और प्रभावित करने के लिए हैं।

कृष्ण वर्मा, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया, " ये उनकी ओर से खुफिया मुहिम और सुरक्षा अभियान है। वे लोगों को भारत विरोधी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम अपने पुलिस कर्मियों को इन प्रयासों के बारे में अभ्यास दे रहे हैं और उन्हें उनकी हरकतों का मुकाबले का सामना करने के लिए सक्षम बना रहे हैं। चीनी सरकार के द्वारा लगभग 680 संपन्न गांव का निर्माण किया जा चुका है। जो चीन और भूटान की सीमाओं पर हैं। इस गांव में चीन के स्थानीय नागरिक भारतीयों को प्रभावित करते है कि चीनी सरकार बहुत अच्छी है। शुक्रवार को भारत सरकार के पूर्व विशेष सचिव वर्मा गुजरात के गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में 16 परिवीक्षाधीन उप अधीक्षकों (डीवाईएसपी) के लिए 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में थे।

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बड़े देशों के एक समूह ने 'नो न्यू कोल पावर कॉम्पेक्ट' की घोषणा की है।(Canva)

विदेशी कोयला बिजली वित्त को रोकने की चीन की घोषणा के बाद, श्रीलंका, चिली, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, मोंटेनेग्रो और यूके जैसे देशों के एक समूह ने 'नो न्यू कोल पावर कॉम्पेक्ट' की घोषणा की है। इसका उद्देश्य अन्य सभी देशों को नए कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों के निर्माण को रोकने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य तक पहुंचा जा सके। पहली बार, विकसित और विकासशील देशों का एक विविध समूह नए कोयले से चलने वाले बिजली उत्पादन को समाप्त करने के वैश्विक प्रयासों को गति देने के लिए एक साथ आया है। उनकी नई पहल के लिए हस्ताक्षरकर्ताओं को वर्ष के अंत तक कोयले से चलने वाली बिजली उत्पादन परियोजनाओं के नए निर्माण की अनुमति तुरंत बंद करने और समाप्त करने की आवश्यकता है।

ये देश अन्य सभी सरकारों से इन कदमों को उठाने और संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन सीओपी26 से पहले समझौते में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं ताकि शिखर सम्मेलन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को "इतिहास को कोयले की शक्ति सौंपने" में मदद मिल सके। नो न्यू कोल पावर कॉम्पेक्ट, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के आह्वान का जवाब देता है कि इस साल नए कोयले से चलने वाली बिजली का निर्माण समाप्त करने के लिए, 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य को पहुंच के भीतर रखने और जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से बचने के लिए पहला कदम है। साथ ही सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने के लिए सतत विकास लक्ष्य 7 को प्राप्त करना है।

एनर्जी कॉम्पैक्ट्स जीवित दस्तावेज हैं और अन्य देशों को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। समूह का लक्ष्य जल्द से जल्द नए हस्ताक्षरकर्ताओं की सबसे बड़ी संख्या को इकट्ठा करना है। ऊर्जा पर संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय वार्ता 40 वर्षो में पहली बार ऊर्जा पर चर्चा करने वाला एक महासचिव के नेतृत्व वाला शिखर सम्मेलन है। यह जलवायु लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ कोविड रिकवरी प्रक्रियाओं सहित विकास प्राथमिकताओं को पहचानता है। श्रीलंका और चिली ने हाल ही में नई कोयला परियोजनाओं को रद्द करने और राजनीतिक बयान देने में नेतृत्व दिखाया है कि वे अब नई कोयला शक्ति का पीछा नहीं करेंगे। डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, मोंटेनेग्रो और यूके ने अपनी पिछली कोयला परियोजनाओं को पहले ही रद्द कर दिया है और अब वे अपने शेष कोयला बिजली उत्पादन की सेवानिवृत्ति में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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