Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

जाने भारत के पहले प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट को जिसका प्रधानमंत्री ने किया है शिलान्यास​

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गौतमबुद्धनगर जिले में प्रदेश के पांचवे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। नोएडा का यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा।

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा जेवर एयरपोर्ट। (Twitter)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव(Uttar Pradesh Assembly Elections) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रदेश का दौरा कर जनता को सौगातें दे रहे हैं इसी सौगात के क्रम मे गौतमबुद्धनगर के जेवर एयरपोर्ट(Jevar Airport) का नंबर भी आ गया। जेवर में उत्तर प्रदेश खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने गुरुवार को गौतमबुद्धनगर जिले में प्रदेश के पांचवे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। नोएडा(Noida) का यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। आज हम आपको इसी एयरपोर्ट की विशेषता के बारे में बताएंगे -

क्या है जेवर एयरपोर्ट की विशेषता?


नोएडा(Noida) का यह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट(international airport) एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा और इसी के साथ भारत में उत्तर प्रदेश पांच अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला पहला और अकेला राज्य बन गया है। यह भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा(Airport) होगा, जहां उत्सर्जन शुद्ध रूप से शून्य होगा। हवाई अड्डे ने एक ऐसा समर्पित भूखंड चिह्न्ति किया है, जहां परियोजना स्थल से हटाये जाने वाले वृक्षों को लगाया जायेगा। इस तरह उसे जंगलमय पार्क का रूप दिया जायेगा। यहां के सभी मूल जंतुओं की सुरक्षा करने के साथ-साथ हवाई अड्डे के विकास के दौरान प्रकृति का पूरा ध्यान रखा जायेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र(NCR) दिल्ली में यह दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। दरअसल, इस इलाके में पिछले 30-35 वर्षों से इस तरह के एक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। यह हवाई अड्डा उत्तरी भारत के लिये लॉजिस्टिक्स का द्वार भी बनेगा क्योंकि पहली बार भारत में एकीकृत मल्टी मॉडल कार्गो केंद्र के रूप में किसी हवाई अड्डे को बनाया जा रहा है। समर्पित कार्गो टर्मिनल(cargo terminal) की क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन होगी, जिसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन कर दिया जायेगा।

कितनी लागत में तैयार हो रहा है जेवर एयरपोर्ट?

नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट(Noida International Airport) के प्रथम चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है हालांकि इस एयरपोर्ट के निर्माण में 34 से 35 हजार करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है। यह 1300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला है। पहले चरण का निर्माण हो जाने के बाद हवाई अड्डे की क्षमता वार्षिक रूप से 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करने की हो जायेगी। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी(Zurich Airport International AG) द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण का मैदानी काम, यानी भू-अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पूरा किया जा चुका है। इसकी वजह से 1 लाख से अधिक लोगों को नौकरी एवं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही इस इलाके के विकास की वजह से 5 लाख लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलने की भी संभावना है।

ट्रेन और सड़क माध्यम से भी जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट

हवाई अड्डे में ग्राउंड ट्रांस्पोर्टेशन सेंटर(Ground Transportation Center) विकसित किया जायेगा, जिसमें मल्टी मॉडल ट्रांजिट केंद्र होगा, मेट्रो और हाई स्पीड रेलवे के स्टेशन होंगे, टैक्सी, बस सेवा और निजी वाहन पार्किंग सुविधा मौजूद होगी। इस तरह हवाई अड्डा सड़क, रेल और मेट्रो से सीधे जुड़ने में सक्षम हो जायेगा। नोएडा और दिल्ली को निर्बाध मेट्रो सेवा के जरिये जोड़ा जायेगा। आसपास के सभी प्रमुख मार्ग और राजमार्ग, जैसे यमुना एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे और इस तरह के अन्य एक्सप्रेस-वे को भी हवाई अड्डे(Jevar Airport) से जोड़े जायेंगे। हवाई अड्डे को प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल से भी जोड़ने की योजना है, जिसके कारण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच का सफर मात्र 21 मिनट का हो जायेगा।

यह भी पढ़े - उत्तर प्रदेश की जनता को अब मिलेगा मुफ्त राशन का डबल डोज़

जेवर एयरपोर्ट में कब से शुरू होंगी उड़ाने?

माना जा रहा है कि अगले 3 साल में यानि 2024 तक इस एयरपोर्ट(Jevar Airport) से उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी और इसके प्रथम चरण के पूरा हो जाने के बाद 1.2 करोड़ यात्री सालाना यहां से उड़ान भर सकेंगे। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश(Western Uttar Pradesh) के गौतमबुद्धनगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ और एनसीआर के इलाके के आस-पास के जिलों में रहने वाले करोड़ो लोगों को फायदा होगा और साथ ही इस इलाके में व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें/

Popular

यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

Keep Reading Show less

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

Keep Reading Show less

मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

Keep reading... Show less