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राजनीति

बंगाल, तमिलनाडु सहित 5 राज्यों में घोषित हुए चुनाव कार्यक्रम का जानें पूरा ब्यौरा

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग ने घोषित किया है।

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग ने घोषित किया है। राज्यों में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक मतदान और दो मई को चुनावी नतीजे आएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को विज्ञान भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव तारीखों का एलान किया। 

असम में कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 12 जिलों की 47 विधानसभा सीटों में वोट पड़ेंगे। पहले चरण की अधिसूचना दो मार्च को जारी होगी, 27 मार्च को मतदान होगा और दो मई को नतीजे आएंगे। 13 जिलों की 39 विधानसभा सीटों का चुनाव दूसरे चरण में होगा। दूसरे चरण की अधिसूचना पांच मार्च को जारी होगी, एक अप्रैल को मतदान और दो मई को नतीजे आएंगे। तीसरे चरण में 12 जिलों की 40 विधानसभा सीटों के लिए छह अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण की अधिसूचना 12 मार्च को जारी होगी।


बंगाल में 8 चरण

पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों के लिए आठ चरणों में चुनाव होंगे। दो मार्च को पहले चरण की अधिसूचना जारी होगी, 27 मार्च को मतदान होगा, दो मई को नतीजे आएंगे। इसी तरह दूसरे चरण में बांकुरा, पश्चिम मेदिनीपुर सहित चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों के लिए एक अप्रैल को मतदान होगा। बंगाल में तीसरे चरण की अधिसूचना 12 मार्च को जारी होगी और छह अप्रैल को मतदान होगा। तीसरे चरण में कुल 31 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। चौथे चरण की पांच जिलों की 44 विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना 16 मार्च को जारी हो जाएगी और 10 अप्रैल को मतदान होगा। पांचवें चरण की 45 विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना 23 मार्च को जारी होगी, मदान 17 अप्रैल को होगा। छठें चरण की अधिसूचना 26 मार्च को जारी होगी, मतदान 22 अप्रैल को होगा। छठें चरण में कुल चार जिलों की 43 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। सातवें चरण की अधिसूचना 31 मार्च को जारी होगी, 26 अप्रैल को मतदान होगा। सातवें चरण में 36 सीटों पर चुनाव होंगे। इसी तरह आठवें चरण की 35 विधानसभा सीटों के लिए भी अधिसूचना 31 मार्च को जारी होगी और मतदान 29 अप्रैल को होगा। सभी चरणों के नतीजे एक साथ दो मई को आएंगे।

 

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केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में सिर्फ एक चरण

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में सिर्फ एक चरण में ही चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तीनों राज्यों के लिए 12 मार्च को अधिसूचना जारी होगी। 19 मार्च तक नामांकन किए जा सकेंगे। छह अप्रैल को तीनों राज्यों में एक साथ मतदान होगा और दो मई को चुनाव नतीजे आएंगे। तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों, केरल में 140 और पुदुचेरी में 30 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होंगे। ( AK आईएएनएस )

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आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में भारत की दिया कुमारी ने रखा भारत का पक्ष।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े मुद्दे पर भारतीय महिला संसदों के दल ने हिस्सा लिया। स्पेन के मैड्रिड में आईपीयू की 143वीं असेंबली के दौरान आयोजित महिला सांसद पूनम बेन मादाम और दीयाकुमारी के फोरम के 32वें सत्र को संबोधित किया।

इस दौरान सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि जहां सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसरों के नए रास्ते खोलती है, वहीं वे बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार सहित चुनौतियों, खतरों और हिंसा के नए रूपों को भी जन्म देती हैं। भारत में ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से निपटने के लिए कड़े उपाय हैं।

सांसद दीया ने कहा कि भारत ने वर्ष 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम बनाया था और समय-समय पर इसमें संशोधन किया है। यह अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित करने और प्रसारित करने पर रोक लगाता है और अधिनियम के विभिन्न वर्गों में उल्लंघन के लिए दंडात्मक प्रावधान भी निर्धारित करता है। उन्होंने आईटी इंटरमीडियरीज गाइडलाइंस रूल्स, 2011 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट पर भी विचार व्यक्त किये। भारतीय दल ने कहा कि केवल कानूनी प्रावधान और उनका सख्ती से क्रियान्वयन ही काफी नहीं है, ऑनलाइन यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए विशेष नीतियों की आवश्यकता है।

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली में भारत का दल।(IANS)

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भारत ने रूस और चीन से कहा कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।(IANS)

भारत ने रूस और चीन से कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। RIC Meeting त्रिपक्षीय ढांचे की 18 वीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान रखा, जो शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग पर हुई, जिसमें रूस और चीन के विदेश मंत्रियों सेर्गेई लावरोव और वांग यी ने भी भाग लिया।

जयशंकर ने अफगानिस्तान में समावेशी और प्रतिनिधि सरकार होने पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, "RIC देशों के लिए आतंकवाद, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी आदि के खतरों पर संबंधित दृष्टिकोणों का समन्वय करना आवश्यक है।" मंत्री ने मास्को और बीजिंग के अपने दो समकक्षों को बताया कि, अफगान लोगों की भलाई के लिए भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप, नई दिल्ली ने देश में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति की पेशकश की थी।

हालांकि, मानवीय पहल में रुकावट आ गई थी, क्योंकि बुधवार तक पाकिस्तान इस खेप को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं था। जयशंकर ने आज कहा, "RIC देशों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है कि मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट और राजनीतिकरण के अफगान लोगों तक पहुंचे। एक निकट पड़ोसी और अफगानिस्तान के लंबे समय से साथी के रूप में, भारत उस देश में हाल के घटनाक्रमों, विशेष रूप से अफगान लोगों की पीड़ा के बारे में चिंतित है।"

तीनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि आरआईसी देशों के बीच सहयोग न केवल उनके अपने विकास में बल्कि वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता में भी योगदान देगा। जयशंकर ने अपने संबोधन में, आरआईसी तंत्र के तहत यूरेशियन क्षेत्र के तीन सबसे बड़े देशों के बीच घनिष्ठ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और राजनीति आदि क्षेत्रों में हमारा सहयोग वैश्विक विकास, शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।"

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वैज्ञानिको के अनुसार कोरोना का यह नया वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट से भी ज़्यादा खतरनाक है। (Wikimedia Commons)

कोरोना(Corona) के कारण लगभग 18 से 20 महीने झूझने और घरों में बंद रहने के बाद दुनिया में अब ज़िन्दगी पटरी पर लौट रही है लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट ने अब दुनिया के कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। नए वैरिएंट का नाम बी.1.1.1.529 है। इस वैरिएंट के आने से वैज्ञानिको के बीच चिंता बढ़ गई है क्योंकि उनकी माने तो यह वैरिएंट डेल्टा प्लस वैरिएंट(Delta Plus Variant) से भी ज़्यादा खतरनाक है।

दक्षिण अफ्रीका(South Africa) में इस वैरिएंट के अब 100 मामले सामने आए हैं और अब यह धीरे-धीरे तेज़ी से फैलता जा रहा है।

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