Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

जानिए क्या है ‘भारतीय अनुवाद संघ’ और क्यों है इसकी आवश्यकता?

शिक्षा मंत्री ने कहा, "भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है। संविधान की आठवीं अनुसूची में अभिलिखित 22 भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भाषाएं भी हैं। शिक्षा और रोजगार की भाषा के तौर पर ये भाषाएं विकसित और स्वीकृत नहीं हो पाई हैं।"

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल। (PIB)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘भारतीय अनुवाद संघ’ की शुरुआत की है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा, “भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है। संविधान की आठवीं अनुसूची में अभिलिखित 22 भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भाषाएं भी हैं, जो संबंधित भाषाई समुदाय की रोजमर्रा आवश्यकताओं को स्थानिक स्तर पर पूरा करती हैं। हालांकि शिक्षा और रोजगार की भाषा के तौर पर ये भाषाएं विकसित और स्वीकृत नहीं हो पाई हैं।”


अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारत की विभिन्न भाषाओं में स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के विकल्प तैयार करने का संकल्प लिया है। यह संकल्प पूरा करने के लिए अथक प्रयत्न करने की आवश्यकता है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक तैयारी की आवश्यकता है, जिसमें शैक्षणिक संस्थाओं, शिक्षकों, बहु भाषाविदों और अनुवादविदों तथा विशेषज्ञों की बड़ी भूमिका रहने वाली है।”

यह भी पढ़ें – आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 33 करोड़ छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा

उन्होंने कहा कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय अनुवाद एवं निर्वचन संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसमें बहुभाषाविदों, विषय विशेषज्ञों तथा अनुवाद एवं निर्वचन विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा। अनुवाद एवं निर्वचन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को गति देने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक प्रयोग को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

समय के साथ इस संस्थान का विस्तार भी होगा और देश के प्रमुख स्थानों तथा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इसके केंद्र खोले जाएंगे अथवा सहकारी गतिविधियां संयोजित की जाएंगी। यह संस्थान भारतीय और विदेशी भाषाओं की उच्च गुणवत्ता संपन्न लिखित और वाचिक ज्ञान सामग्री को सुलभ कराने का कार्य करेगा।

यह भी पढ़ें – शब्दों के हवाले से संस्कृत की संस्कृति को एक नई दिशा

डॉ. निशंक ने कहा, “भारतीय अनुवाद संघ केंद्रीय विश्वविद्यालयों और इस क्षेत्र में कार्य करने वाली सार्वजनिक संस्थाओं के सहयोग से इस योजना को व्यवस्थित करेगा। इसमें राज्य विश्वविद्यालय एवं उनकी संस्थाएं भी सम्मिलित हो सकती हैं। इस दृष्टि से भारतीय अनुवाद संघ द्वारा शिक्षा विभाग, भारत सरकार के स्वयं पोर्टल पर विधि, प्रबंधन, कंप्यूटर आदि विभिन्न विद्याशाखाओं के लिए अंग्रेजी में उपलब्ध वीडियो व्याख्यानों एवं पाठों का मराठी में अनुवाद कार्य कराया जा रहा है। मुझे भरोसा है कि भारतीय अनुवाद संघ अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल होगा। भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं के बीच सेतु-बंधन के द्वारा सहकार संबंध मजबूत होंगे। इससे पारस्परिक साझेदारी और समझदारी बढ़ेगी।” (आईएएनएस)

Popular

26/11 आतंकी हमले की तस्वीर (Twitter)

मुंबई में हुए 26/11 हमले को एक दशक बीत चुका है। लेकिन जैसे जैसे समय आगे बढ़ रहा है उसी तरीके 26/11 हमले के समय होने वाली घटना भी उजागर हो रही है। इसी तरह अबकी बार एक ऐसा खुलासा किया गया है जो तात्कालिक मनमोहन सिंह सरकार पर कई प्रश्न खड़े कर रहा है? यह खुलासा आर.एस.एन. सिंह द्वारा किया गया है। सिंह एक पूर्व सैन्य खुफिया अधिकारी हैं, जिन्होंने बाद में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग में काम किया।

आर.एस.एन.सिंह ने भारतीय रक्षा समीक्षा के लेख में लिखा है लश्कर-ए-तैयबा ने जब 26/11 को मुंबई पर हमला किया, उस समय तत्कालीन केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता के नेतृत्व में भारत के गृह मंत्रालय और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम पाकिस्तान के मुरी में थी। टीम 24 नवंबर, 2008 को इस्लामाबाद पहुंची थी और उसे दो दिन बाद, यानी 26 नवंबर को वापस लौटना था। गुप्त रूप से, आतिथ्य को और एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया था। इसमें इस्लामाबाद से 60 किमी उत्तर पूर्व में एक हिल स्टेशन मुरी के स्वास्थ्यप्रद वातावरण में एक रात का प्रवास शामिल था। सिंह ने लिखा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि मुंबई पर हमले के समय भारत की टीम उस गुप्त स्थान पर रहे।

Keep Reading Show less

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा जेवर एयरपोर्ट। (Twitter)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव(Uttar Pradesh Assembly Elections) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रदेश का दौरा कर जनता को सौगातें दे रहे हैं इसी सौगात के क्रम मे गौतमबुद्धनगर के जेवर एयरपोर्ट(Jevar Airport) का नंबर भी आ गया। जेवर में उत्तर प्रदेश खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने गुरुवार को गौतमबुद्धनगर जिले में प्रदेश के पांचवे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। नोएडा(Noida) का यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। आज हम आपको इसी एयरपोर्ट की विशेषता के बारे में बताएंगे -

क्या है जेवर एयरपोर्ट की विशेषता?

Keep Reading Show less

उत्तर प्रदेश में अब योगी सरकार जनता को देगी मुफ्त राशन का डबल डोज (Pixabay)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के 15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को सरकार मुफ्त राशन की डबल डोज देने जा रही है। यूपी के लोगों को राशन दुकानों से दोगुना मुफ्त राशन(Free Ration) मिलेगा। योगी सरकार(Yogi Government) के बाद केंद्र सरकार(Central Government) ने भी पीएमजीकेएवाई के तहत मुफ्त राशन वितरण अभियान को मार्च तक बढ़ा दिया है।

केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब यूपी के पात्र कार्ड धारकों को हर महीने 10 किलो राशन मुफ्त मिलेगा। केंद्र ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(Pradhanmantri Garib Ann Kalyan Yojna) को मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है। राशन कार्ड धारकों को महीने में दो बार गेहूं और चावल मुफ्त मिलेगा। दाल, खाद्य तेल और नमक भी मुफ्त दिया जाएगा। कोविड काल से चल रहे मुफ्त राशन वितरण के जरिये सरकार आर्थिक रूप से कमजोर गरीबों,मजदूरों को बड़ा सहारा देने की योजना पर काम कर रही है। महामारी के दौर में शुरू हुई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना नवंबर में खत्म हो रही थी, इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 3 नवंबर को अयोध्या में राज्य सरकार की ओर से होली तक मुफ्त राशन वितरण की घोषणा की थी।

राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार अंत्योदय राशन कार्डधारकों और पात्र परिवारों को दिसंबर से दोगुना राशन वितरण किया जाएगा। अंत्योदय अन्न योजना के तहत लगभग 1,30,07,969 इकाइयां और पात्र घरेलू कार्डधारकों की 13,41,77,983 इकाइयां प्रदेश में हैं।

Keep reading... Show less