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राजनीति

जानिए कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश की मंत्रिमंडल में कौन कितना अमीर?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित उनके मंत्रिमंडल में सहयोगी मंत्रियों ने अपनी संपत्तियों के बारे में घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं पर गौर करें तो मुख्यमंत्री से उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य ज्यादा अमीर हैं। यही नहीं, नीतीश से उनके बेटे निशांत भी ज्यादा धनवान हैं। साल 2010 में नीतीश सरकार ने सभी मंत्रियों

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित उनके मंत्रिमंडल में सहयोगी मंत्रियों ने अपनी संपत्तियों के बारे में घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं पर गौर करें तो मुख्यमंत्री से उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य ज्यादा अमीर हैं। यही नहीं, नीतीश से उनके बेटे निशांत भी ज्यादा धनवान हैं। साल 2010 में नीतीश सरकार ने सभी मंत्रियों के लिए प्रत्येक साल की पहली तारीख को अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करना अनिवार्य कर दिया था।

मंत्रियों द्वारा मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की वेबसाइट में दिए गए अपने संपत्तियों के ब्यौरे के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास फिलहाल 35,885 रुपये नकद के तौर पर हैं। नीतीश के बैंक में करीब 34,000 रुपये जमा हैं जबकि उनके पुत्र निशांत के पास वर्तमान समय में 28,297 रुपये नकद हैं तथा विभिन्न बैंकों में फिक्सड या जमा के तौर पर एक करोड़ रुपये हैं।


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इसी तरह, मुख्यमंत्री के पास जहां 98 हजार के आभूषण हैं वहीं निशांत 20 लाख से अधिक कीमत के आभूषणों के मालिक हैं। नीतीश दिल्ली के द्वारिका में 1000 वर्ग फीट वाले एक फ्लैट के मालिक हैं वहीं उनके बेटे के पास कल्याण बिगहा में कृषि और गैर कृषि योग्य भूमि, बख्तियारपुर और पटना में आवासीय परिसर है। इसके अलावा मुख्यमंत्री से उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी उनसे अमीर हैं। मंत्रिमंडल में सबसे अमीर मंत्रियों की सूची में मुकेश सहनी भी शामिल हैं।

नितीश की मंत्रिमंडल में सबसे अमीर मंत्रियों की सूची में मुकेश सहनी का नाम शामिल है। (Wikimedia Commons)

पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के मंत्री सहनी के बैंकों में 23 लाख रुपये नकद जमा हैं जबकि उनके शेयर में भी 78 लाख रुपये की ज्यादा राशि लगी हुई है। सहनी के मुंबई में तीन संपत्तियां है, जिनकी कीमत सात करोड़ से ज्यादा की है। सहनी और उनकी पत्नी के पास एक-एक फ्लैट है।

राज्य की परिवहन मंत्री शीला कुमारी के पास कोई वाहन नहीं हैं, जबकि उनके और उनके पति के पास खेती लायक 30 एकड़ जमीन है। इसके अलावा उनके पास तीन करोड़ की कीमत से अधिक के गैर खेती योग्य जमीन भी है। इनके पास दो फ्लैट हैं।

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उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद गाड़ियों के काफी शौकीन हैं। फिलहाल उनके पास चार वाहन हैं। प्रसाद के पास 54 हजार रुपये नकद है जबकि उनकी पत्नी के पास फिलहाल 4 हजार रुपये नकदी है। उपमुख्यमंत्री के पास ढाई लाख रुपये कीमत के आभूषण हैं जबकि उनकी पत्नी के 20 लाख कीमत के आभूषण हैं।

बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी आभूषणों की शौकीन हैं। इनके पास 150 ग्राम सोना और 70 हजार की चांदी है। रेणु देवी हथियारों की भी शौकीन हैं, इनके पास एक पिस्तौल और राईफल भी है। (आईएएनएस)

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बांके बिहारी मंदिर में होली

कहा जाता है कि अगर किसी इंसान को सुकून चाहिए होता है तो उसे वृंदावन या मथुरा की गलियों में जाना चाहिए, क्योंकि इन्ही गलियों में खेलते हुए कृष्ण जी का बचपन बीता हैं। वृंदावन हो या मथुरा यहां हर दूसरा व्यक्ति कृष्ण भक्ति में लीन नज़र आता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की वह हिंदुस्तानी है या कहीं और से आया है। हर कोई कृष्ण की महिमा में डूबा हुआ होता है। वैसे तो वृंदावन में कई मंदिर है जहां हर रोज हज़ारों की संख्या में भक्त आते हैं और अपनी हाजिरी लगवाते हैं, लेकिन बांके बिहारी मंदिर की बात अलग है। यहां भी भक्तों का मेला लगा रहता है, पर हर किसी को कुछ बातें मालूम नहीं है। ऐसे ही कुछ तथ्यों के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।

1) बांके बिहारी मंदिर की स्थापना स्वामी श्री हरिदास जी ने की थी। वह श्री कृष्ण के भक्त थे और महान गायक तानसेन के गुरु थे। वह अपने गीत से श्री कृष्ण को प्रसन्न करने की कोशिश किया करते थे। ऐसा कहा जाता है कि श्री हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न हो श्री कृष्ण ने दर्शन दिए थे।

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(instagram , virat kohali)

भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान विराट कोहली और अनुष्का

भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान विराट कोहली और उनके फाउंडेशन ने यहां मड, मलाड में आवारा पशुओं के लिए एक ट्रॉमा और रिहेब सेंटर का उद्घाटन किया है। इसके पहले इस साल की शुरूआत में, भारतीय कप्तान कोहली ने कहा था कि वह मुंबई में दो पशु देखभाल सुविधाएं स्थापित कर रहे हैं।
कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को शहर में आवारा जानवरों के सामने आने वाली कठिनाइयों को देखने का श्रेय दिया।

अभिनेत्री अनुष्का ने कई मौकों पर जानवरों के कल्याण और उनके अधिकारों के प्रति अपना समर्थन दिया है। अनुष्का के जानवरों के प्रति दीवानगी से प्रेरित होकर कोहली अपने फाउंडेशन के जरिए आवारा जानवरों की मदद करने के मौके तलाश रहे हैं।

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भीड़ में चलते लोग।

मौजूदा समय में विश्व की जनसंख्या 7 अरब से भी ज्यादा है। इस जनसंख्या को यहां तक पहुंचने में कई सदियां लग गई है। समस्त विश्व को 1 अरब से 2 अरब तक की आबादी होने में 100 सालों का समय लगा था। लेकिन 2 अरब से 3 अरब होने में मात्र 30 साल लगे, वहीं 3 से 4 अरब होने में 15 साल लगे थे। उसके बाद से यह अंतर और कम हो गया। औद्योगिक क्रांति के बाद अठारहवीं शताब्दी में विश्व जनसंख्या में विस्फोट हुआ था। तकनिकी प्रगति की वजह से मृत्यु दर में गिरावट आई जो कि जनसंख्या विस्फोट का एक बहुत बड़ा कारण बना। भारत में भी जनसंख्या विस्फोट देखा गया था।

1951 में भारत की जनसंख्या मात्र 36.1 करोड़ थी जो 2011 की जनगणना में 121.02 करोड़ हो गई। और अब यह लगभग 135 करोड़ के ऊपर है। अगर किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है तो उसका मतलब है कि वहाँ का मृत्यु दर कम है और जन्म दर ज्यादा। यह दर्शाता है कि उस जगह पर चिकित्सकीय सुविधाएं अच्छी है। लेकिन बढ़ती जनसंख्या देश के लिए मुसीबत का सबब भी बन सकती है, क्योंकि जनसंख्या में वृद्धि हुई है किन्तु साधनों में नहीं। भारत के साथ भी यही समस्या है। लगातार जनसंख्या बढ़ने से कई जगहों पर साधनों की कमी महसूस होने लगी है।

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