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खेल

कोहली के पास आईसीसी खिताबी सूखे को खत्म करने का मौका : पटेल

विराट कोहली के पास अब मौका है कि वह बतौर कप्तान अपना पहला आईसीसी खिताब जीते। उन्होंने कई आईसीसी टूनार्मेंटों में भारत का नेतृत्व किया है|

पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने कहा है कि विराट कोहली ने बतौर कप्तान अब तक कोई भी आईसीसी टूर्नामेंट (ICC Tournament 2021) खिताब नहीं जीता है और अब उनके पास विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल को जीतकर इस खिताबी सूखे को खत्म करने का मौका है। भारत को साउथम्पटन में 18 से 22 जून तक न्यूजीलैंड के साथ डब्ल्यूटीसी (WTC) का फाइनल खेलना है।

पटेल ने एक टीवी शो में कहा, ” यह क्रिकेट का सबसे बेस्ट फॉर्मेट है। हर कोई टेस्ट खिलाड़ी बनना चाहता है और अब यहां टेस्ट चैंपियनशिप का विश्व कप है।”


विराट कोहली (Virat Kohli) के पास अब मौका है कि वह बतौर कप्तान अपना पहला आईसीसी (ICC) खिताब जीते। (सोशल मीडिया)

उन्होंने कहा, ” विराट कोहली (Virat Kohli) के पास अब मौका है कि वह बतौर कप्तान अपना पहला आईसीसी (ICC) खिताब जीते। उन्होंने कई आईसीसी टूनार्मेंटों में भारत का नेतृत्व किया है, लेकिन यह सबसे बड़ा है। अगर भारत उनकी कप्तानी में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतती है तो यह कोहली के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।”

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कोहली 2017 के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और 2019 में 50 ओवरों के विश्व कप में भारत की कप्तानी कर चुके हैं। भारत को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से 180 रन से जबकि विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से 18 रन से हार का सामना करना पड़ा था। (आईएएनएस-SM)

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जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

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