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 पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil gavaskar) ने कहा है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में वह रोहित शर्मा (Rohit sharma) और विराट कोहली (Virat kohli) को आगे भी भारत के लिए ओपनिंग करते देखना चाहते हैं। कोहली ने शनिवार को यहां के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra modi stadium) में खेले गए पांचवें और निर्णायक टी20 मुकाबले में पहली बार रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरूआत की और पहले विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की। कोहली ने नाबाद 80 रन बनाए। कोहली को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला।


भारत ने अपने बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड (England) को 36 रन से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज 3-2 से जीत ली।

गावस्कर ने इंडिया टूडे से कहा, “आपके सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को सीमित ओवरों के क्रिकेट में सबसे अधिक ओवरों तक बल्लेबाजी करनी चाहिए। इसलिए विराट कोहली (Virat kohli) के लिए इस क्रम में शीर्ष पर बल्लेबाजी करना बहुत महत्वपूर्ण था। इसलिए हो सकता है कि राहुल की खराब फॉर्म के कारण यह किया गया हो क्योंकि इससे हमें आगे बढ़ने के लिए एक शुरूआती संयोजन मिला है।”

उन्होंने कहा, “जब सचिन तेंदुलकर (Sachin tendulkar) वनडे में नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी कर रहे थे और तब उन्हें ओपनिंग करने के लिए भेजा गया और न केवल उनकी बल्लेबाजी में बल्कि पूरी टीम में एक बदलाव आया था। तो स्पष्ट रूप से, आपके सबसे अच्छे बल्लेबाज को जितने ओवर बल्लेबाजी करने को मिलेंगे वह सही है।”

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट पर 224 रन का विशाल स्कोर बनाया और फिर इंग्लैंड को निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट पर 188 रन पर रोक दिया। इंग्लैंड को हराकर सीरीज जीतने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि वह आगामी आईपीएल (IPL) में भी बतौर ओपनर बल्लेबाजी करने के लिए उतरेंगे।

यह भी पढ़े :- विराट कोहली : आईसीसी की ताजा टी20 रैंकिंग में पांचवें नंबर पर!

गावस्कर ने कहा, “मैं चाहता हूं कि यह ओपनिंग फॉमूर्ला जारी रहे। जिस तरह से उन्होंने एक-दूसरे के साथ साझेदारी की, वह शानदार थी। जब ऐसी चीजें होती हैं तो निचले क्रम के बल्लेबाजों के लिए चीजें आसान हो जाती हैं।”
(आईएएनएस-SM)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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