जेएनयू में भिड़े Left और ABVP के छात्र, क्या है पूरा मामला?

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जेएनयू में भिड़े Left और Abvp के छात्र। (Twitter)

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर के अंदर हुई हिंसा के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें 6 छात्र घायल हो गए। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनोज सी ने कहा, “हमें जेएनयूएसयू, एसएफआई, डीएसएफ और आइसा के छात्रों के एक समूह से अज्ञात एबीवीपी छात्रों के खिलाफ शिकायत मिली है।”

डीसीपी ने आगे कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों ने भी सूचित किया है कि वे लिखित में शिकायत भी देंगे। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वही आवश्यक उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’ देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक की छवि को धूमिल करने वाले जेएनयू में रविवार को कैम्पों में एक बार फिर झड़प हुई।

वाम गठबंधन के सदस्यों ने एबीवीपी पर परिसर में एक छात्रावास में मांसाहारी भोजन पर जबरन प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया, जबकि एबीवीपी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई(NSUI) सहित वाम गठबंधन के सदस्य उन्हें राम नवमी के अवसर पर ‘पूजा’ और ‘हवन’ कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दे रहे थे।

क्या है पूरा मामला?

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों और वामपंथी गठबंधन के सदस्यों के बीच मांसाहारी भोजन पड़ोसने को लेकर हुई झड़प में कम से कम छह छात्र मामूली रूप से घायल हो गए। रविवार की दोपहर दो गुटों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।

वाम गठबंधन के सदस्यों ने एबीवीपी पर परिसर में कावेरी छात्रावास में मांसाहारी भोजन पर जबरन प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया, जबकि एबीवीपी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई सहित वाम गठबंधन के सदस्य उन्हें राम नवमी के अवसर पर पूजा और हवन कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

बाद में, शाम को, झड़पें और तेज हो गईं और घायल छात्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम जिला) मनोज सी. ने कहा कि स्थिति अब शांतिपूर्ण है और दोनों छात्र दल शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं।

एबीवीपी(ABVP) ने एक बयान में कहा कि कावेरी छात्रावास के निवासियों ने रामनवमी मनाने के लिए एक ‘पूजा’ का आयोजन किया था, जो दोपहर 3.30 बजे शुरू होनी थी। लेकिन वामपंथियों द्वारा किए गए हंगामे के कारण यह शाम 5.00 बजे ही शुरू हो सका। एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सिद्धार्थ यादव ने आईएएनएस को बताया, “हम कोई पूजा नहीं कर रहे थे, बल्कि यह कावेरी छात्रावास के आम छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था। पिछले 9 दिनों से सब कुछ शांति से चल रहा था लेकिन आज वामपंथी संगठन के सदस्यों ने हंगामा किया और हमें पूजा करने नहीं दे रहे थे।”

उन्होंने कहा कि छात्रावास में मांसाहारी भोजन पर जबरन प्रतिबंध लगाने का कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि वामपंथी गठबंधन के सदस्यों को रामनवमी के अवसर पर धार्मिक समारोह आयोजित करने वाले छात्रों से समस्या थी। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय इफ्तार और रामनवमी का शांतिपूर्ण गवाह रहा है। इस एक साथ उत्सव ने एक बार फिर इस तथ्य को स्थापित किया कि जेएनयू भारत के एक सूक्ष्म जगत का प्रतिनिधित्व करता है जहां विभिन्न पहचान शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में हैं। हालांकि, वामपंथी इस तथ्य को पचा नहीं पाते हैं।”

यादव ने कहा कि घटना के दौरान एबीवीपी जेएनयू के संयुक्त सचिव विकास कुमार घायल हो गए। उन्होंने कहा, “उनकी उंगलियां वामपंथी गुंडों के हमले के कारण फ्रैक्च र हो गए हैं। रवि राज नाम के एक अन्य छात्र के सिर पर चोटें आईं। यादव ने कहा, “उसके सिर पर फूल के गमले से वार किया गया था।”

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वहीं, जेएनयूएसयू(JNUSU) ने एक बयान में एबीवीपी पर मेस कमेटी पर रात के खाने के मेनू को बदलने और सभी छात्रों के लिए सामान्य मांसाहारी खाने को बाहर करने के लिए मजबूर करने और हमला करने का आरोप लगाया। जेएनयूएसयू ने कहा, “मेन्यू में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के छात्रों के लिए खाद्य पदार्थ हैं, जो अपनी व्यक्तिगत पसंद के आधार पर इसका सेवन कर सकते हैं। लेकिन, एबीवीपी पूरी तरह से हंगामा करने और कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़ करके अपने ब्राह्मणवादी आधिपत्य के आदशरें को मजबूत करने के लिए बाहुबल और अपनी ‘गुंडागर्दी’ का उपयोग कर रही है।”

बयान के अनुसार, जेएनयू(JNUSU) और उसके छात्रावास सभी के लिए समावेशी स्थान हैं, न कि किसी एक वर्ग विशेष के लिए। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के छात्रों की अलग-अलग खाद्य प्राथमिकताएं होती हैं जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। बयान में कहा गया है, “एबीवीपी का यह कृत्य जेएनयू जैसे लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष स्थानों पर आधिपत्य जमाने की उनकी बहिष्कृत राजनीति और दक्षिणपंथी हिंदुत्व की नीतियों को दर्शाता है।”

आईएएनएस(LG)

 

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