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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को एक चुनावी रैली में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि “एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) के बारे में कहा जा सकता है कि जैसे चांदी के चंद टुकड़ों के लिए यहूदियों ने प्रभु यीशू को धोखा दिया, उसी तरह एलडीएफ (LDF) ने सोने के चंद टुकड़ों के लिए केरल को धोखा दिया।” सत्तारूढ़ वामदल और कांग्रेस (Congress) की अगुवाई वाली यूडीएफ दोनों को आड़े हाथों लेते हुए मोदी ने मतदाताओं से ‘मेट्रोमैन’ के रूप में विख्यात भारतीय जनता पार्टी के ई. श्रीधरन (Sreedharan) को चुनने का आग्रह किया जो “सबसे अच्छा विकल्प और विकास का चेहरा” हैं।


मोदी ने कहा कि केरल में इनका शासन एक मैच फिक्िंसग की तरह है जिसमें एक मोर्चा 5 साल तक प्रदेश को लूटता है तो इसके बाद दूसरा मोर्चा इसे अगले 5 वर्ष तक लूटता है। इन दोनों ने लोगों को गुमराह किया है। केंद्र में लेफ्ट यूपीए (UPA) का समर्थन करता है और चुनाव के दौरान वे एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। और, जब वे यहां सत्ता में आते हैं तो वे कार्रवाई नहीं करते हैं।

ठेठ केरल (Kerala) शैली के परिधान में सजे मोदी सुबह 10.45 बजे पलक्कड़ पहुंचे और सीधे जनसभा स्थल गए जहां लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि पलक्कड़ के लोगों का भाजपा के साथ घनिष्ठ संबंध है और वह राज्य में मौजूदा स्थिति से अलग दृष्टिकोण के साथ आए हैं।

मोदी ने कहा “राज्य में स्थिति यह है कि यूडीएफ ने सूरज की किरणों (मतलब सौर घोटाला) को भी नहीं बख्शा है। वामपंथी यहूदियों (Yahudi) की तरह हैं जिन्होंने चांदी के चंद टुकड़ों के लिए प्रभु यीशू को धोखा दिया, उसी तरह (सोने की तस्करी घोटाले का जिक्र करते हुए) वामपंथियों ने सोने के चंद टुकड़ों के लिए केरल को धोखा दिया है।”

उन्होंने कहा कि इस सबका मूल कारण यह है कि केरल की जनता इन दो मोर्चो के हाथों में खेल रही है। वे अपनी जेबें भरने के लिए वोट बैंक की राजनीति करते हैं।

मोदी ने कहा, “भाजपा (BJP) अलग है। अब देश भर के युवा और पेशेवर लोग भाजपा में शामिल हो चुके हैं।”

मोदी के साथ मंच पर 88-वर्षीय श्रीधरन भी मौजूद थे, जो पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार हैं। मोदी ने कहा, “मेट्रोमैन एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है।”

मोदी ने कहा, “वह केरल के एक गर्वित पुत्र हैं और अगर उन्हें सत्ता चाहिए होती तो वह इसे 20 साल पहले पा सकते थे। उन्हें पता था कि जब वह भाजपा में शामिल होंगे तो उन पर प्रहार होगा।”

केरल (Kerala) में प्रतिद्वंद्वी मोचरें पर जमकर प्रहार करते हुए मोदी ने उन्हें सबसे अधिक बार सड़कें जाम करने के लिए दोषी ठहराया, जिसके परिणामस्वरूप केरल का विकास धीमा हो गया है।

मोदी ने कहा कि यही वजह है कि भाजपा को चुना जाना चाहिए क्योंकि हमने (फास्ट – एफ, ए, एस, टी) तेज विकास की नीति को अपनाया है। एफ – मत्स्य और उर्वरक; ए – कृषि और आयुर्वेद; एस – कौशल विकास और सामाजिक न्याय और टी – पर्यटन और प्रौद्योगिकी।

मोदी ने कहा, “हम आप सभी को विश्वास दिलाते हैं कि हम इन नीतियों के साथ चलेंगे और केरल तेजी से विकास करेगा।” सबरीमाला मंदिर के मुद्दे पर मोदी ने वाम और यूडीएफ दोनों को आड़े हाथों लिया।

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उन्होंने कहा, “केरल की संस्कृति (Culture) और परंपराओं को वामपंथियों ने शर्मसार किया है। लेकिन मुझे बहुत गर्व है कि हमारी पार्टी इसके साथ खड़ी है और हम सरकार को बताना चाहते हैं कि हम डरेंगे नहीं।”

मोदी ने कहा, “जब लोगों ने विरोध किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यहां तक कि संस्कृति और परंपराओं के बारे में बोलने के कारण हमारे प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जब यह सब हुआ तब कांग्रेस (Congress) के नेतृत्व वाला यूडीएफ चुप था।” (आईएएनएस-SM)

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
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कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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