जब नवरात्रि में अचानक खुद हिलने लगे मंदिर के घंटे

नवरात्रि के पवित्र दिनों में नौ देवियों के धाम की यात्रा भी की जाती है। लेकिन वह नजारा कितने दिव्य होगा जब आपको माता के दर्शन के लिए नहीं जाना पड़े बल्कि माता स्वयं आप को दर्शन देने के लिए आए।
जब नवरात्रि में अचानक खुद हिलने लगे मंदिर के घंटे
जब नवरात्रि में अचानक खुद हिलने लगे मंदिर के घंटेWikimedia

संस्कृत शब्द नवरात्रि का अर्थ है "नौ रातें" हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। इस पर्व के दौरान लगातार नौ रात और 10 दिनों तक देवी के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। और यह पर वर्ष में चार बार आता है। चैत्र, आषाढ़, अश्विन, माघ मास ने प्रतिपदा से नवमी तक यह पर्व मनाया जाता है। नवरात्रि के पवित्र दिनों में नौ देवियों के धाम की यात्रा भी की जाती है। लेकिन वह नजारा कितने दिव्य होगा जब आपको माता के दर्शन के लिए नहीं जाना पड़े बल्कि माता स्वयं आप को दर्शन देने के लिए आए। आज हम आपको इस लेख में नवरात्रि में हुई एक ऐसी ही दिव्य घटना के बारे में बताने जा रहे हैं।

जब नवरात्रि में अचानक खुद हिलने लगे मंदिर के घंटे
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मंगलनगर (Mangalnagar) स्थित श्री नवदुर्गा मंदिर (Shri Navdurga Temple) में उस समय श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई, जब मंदिर में लगे दो घंटे खुद ही हिलते रहे। पुजारी ने कहा कि मंदिर में अभी तक ऐसा नहीं हुआ, जबकि मंदिर के अन्य घंटे नहीं हिल रहे थे।

दुर्गा
दुर्गाWikimedia

मंगलनगर स्थित श्री नवदुर्गा मंदिर में शाम को आरती की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद श्रद्धालु महिला रीता ने नजर मंदिर में लगे घंटों पर पड़ी। उन्हें मंदिर में लगे दो बड़े घंटे खुद ही हिलते नजर आए। उनकी नजर अन्य घंटों पर पड़ी तो वह नहीं हिल रहे थे। ऐसा देख पहले तो श्रद्धालुओं ने भूकंप समझा, लेकिन जब दो घंटे से ज्यादा हो गए तो वह इसे चमत्कार समझने लगे। मंदिर पुजारी विवेकानंद शास्त्री ने बताया कि मंदिर में घंटे अचानक खुद से हिलता नहीं देखा गया।

(PT)

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