Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
स्वास्थ्य

महामारी को मात देने के लिए महिलाओं ने अपनाया योग : सर्वेक्षण

हालिया सर्वेक्षण के मुताबिक, हर दो में से एक महिला का कहना है कि महामारी ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मक ढंग से प्रभावित किया है।

महामारी ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक ढंग से प्रभावित किया है।[unslpash]

कोरोनावायरस महामारी का न केवल हमारे शरीर पर प्रभाव पड़ा है, बल्कि इससे इंसान की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई है। इस दौरान लोगों में चिंता, तनाव, अवसाद जैसी कई चीजों का इजाफा हुआ है। एनामोर द्वारा किए गए एक हालिया सर्वेक्षण में इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, हर दो में से एक महिला का कहना है कि महामारी ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मक ढंग से प्रभावित किया है।

एक्टिव और फिट रहकर कई महिलाओं को खराब मूड से निपटने में मदद मिली है। महामारी के दौरान 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने सक्रिय रूप से योग को अपनाया है। उनका कहना है कि लॉकडाउन के समय में अवसाद को मात देने में व्यायाम काफी कारगर साबित हुआ है। 85 प्रतिशत महिलाएं इस बात से सहमत हैं कि योग तनाव को कम करने और चिंता को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है।


महामारी के समय में एथलेबिकिंग और क्वॉरंटाइन फैशन का बोलबाला बढ़ा है क्योंकि घर पर रहने के दौरान लोग इन्हीं कपड़ों में खुद को सहज पाते हैं और वर्क फ्रॉम होम के लिए भी इन्हें स्टाइलिश माना गया है। महिलाओं का भी यही मानना है कि किसी एक्टिविटी के लिए आपकी ड्रेसिंग जितनी बेहतर होगी, आपका परफॉर्मेंस भी उतना ही बेहतर होगा। लगभग 94 प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि स्ट्रेच करने के लिए सही पोशाक पहनने से योग सेशन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।

योग के फायदों को महिलाएं अच्छी तरह से समझती हैं।(Pixabay)

योग के फायदों को महिलाएं अच्छी तरह से समझती हैं। सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से सत्तर प्रतिशत ने सहमति व्यक्त की कि योग एक स्वस्थ जीवन शैली की ओर ले जा सकता है और 60 प्रतिशत ने महामारी के दौरान इस गतिविधि को अन्य प्रकार के व्यायामों के मुकाबले अधिक पसंद किया क्योंकि इसके काफी सारे लाभ हैं। योग न केवल तनाव को कम करने और चिंता का प्रबंधन करने में मदद करता है, बल्कि यह ताकत में वृद्धि, शरीर में संतुलन लाने और लचीलेपन को बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक स्थिति अच्छी होती है।

महिलाएं मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए वर्कआउट कर रही हैं। सर्वेक्षण में शामिल 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने सप्ताह में 3 बार से अधिक व्यायाम करने का दावा किया। कई अन्य महिलाएं (61 फीसदी) भी सक्रिय रहने के लिए दौड़ना, चलना और टहलना पसंद कर रही हैं।

यह भी पढ़े : इंग्लैंड में 20 लाख से अधिक लोगों को लंबे समय तक कोविड रह सकता है: शोध .

एनामोर की उपाध्यक्ष सैंड्रा डेनियल्स कहती हैं, “स्वास्थ्य ही संपदा है और महामारी ने इस बात को और अच्छे से साबित कर दिखाया है। हमारे सर्वेक्षण में स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि अधिक से अधिक महिलाएं मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए आज एक्टिव रहने को प्राथमिकता दे रही हैं। एनामोर की तरफ से पेश एथलिसर को आधुनिक भारतीय महिलाओं को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है। यह स्मार्ट, एक्टिव और आज के जमाने का है। इसे पहनकर आप न सिर्फ अच्छी दिखेंगी, बल्कि अच्छा महसूस भी करेंगी।”(आईएएनएस-PKM)

(धर्म, संस्कृति, देश और दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण खबरों के लिए न्यूज़ग्राम हिंदी को फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें।)

Popular

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

Keep Reading Show less

ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर।(IANS)

ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ओला एस1 स्कूटर बेचे हैं। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि उसने पहले 24 घंटों में हर सेकेंड में 4 स्कूटर बेचने में कामयाबी हासिल की है। बेचे गए स्कूटरों का मूल्य पूरे 2डब्ल्यू उद्योग द्वारा एक दिन में बेचे जाने वाले मूल्य से अधिक होने का दावा किया जाता है।

कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

Keep Reading Show less

अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

Keep reading... Show less