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मनोरंजन

मेलबर्न के भारतीय फिल्म समारोह में ‘लूडो’, ‘शेरनी’, ‘सूररई पोट्रु’ ने शीर्ष नामांकन हासिल किया

विद्या बालन-स्टारर 'शेरनी', एंथोलॉजी 'लूडो', 'सूरराई पोटरू' में सूर्या और बिस्वजीत बोरा के निर्देशन में बनी 'गॉड ऑन द बालकनी' को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) 2021 में शीर्ष सम्मान के लिए नामांकित किया गया है।

अनुराग बसु द्वारा निर्देशित लूडो(instagram , Anurag Basu)

विद्या बालन-स्टारर ‘शेरनी’, एंथोलॉजी ‘लूडो’, ‘सूरराई पोटरू’ में सूर्या और बिस्वजीत बोरा के निर्देशन में बनी ‘गॉड ऑन द बालकनी’ को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) 2021 में शीर्ष सम्मान के लिए नामांकित किया गया है। पुरस्कार समारोह 20 अगस्त को होगा। यह उत्सव ऑस्ट्रेलिया में विक्टोरियन सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। यह एक वार्षिक उत्सव है जो ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में होता है।

इस साल फेस्टिवल वेब शोज के तहत तीन कैटेगरी लॉन्च कर रहा है। यह महोत्सव अभिनेता और अभिनेत्री श्रेणी के तहत प्रत्येक श्रृंखला में सर्वश्रेष्ठ श्रृंखला, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को मान्यता देगा।


नामों की इस सूची में 2021 की असाधारण फिल्में शामिल हैं जैसे अनुराग बसु द्वारा निर्देशित ‘लूडो’, अमित मसुकर द्वारा निर्देशित विद्या बालन-स्टारर ‘शेरनी’, ‘सूरराई पोट्रु’ (तमिल) जो सितारों और सूर्या द्वारा निर्मित और सुधा कोंगारा द्वारा निर्देशित हैं, और ‘गॉड ऑन द बालकनी’, हरीश खन्ना अभिनीत और बिस्वजीत बोरा द्वारा निर्देशित एक असमिया फिल्म है।

इस साल की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री में ‘शट अप सोना’, ‘डब्ल्यू.ओ.एम.बी’, ‘अबाउट मम्मा’ सहित कुछ सबसे सम्मोहक कहानियां हैं।

सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ इंडी फिल्म और सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र के विजेता प्रत्येक पुरस्कार के अलावा ब्लैक मैजिक डिजाइन से अत्याधुनिक कैमरा जीतते हैं। एक और मुख्य आकर्षण यह है कि सर्वश्रेष्ठ फिल्म विजेता को वार्षिक प्रतिष्ठित एएसीटीए (ऑस्ट्रेलियन एकेडमी ऑफ सिनेमा एंड टेलीविजन आर्ट्स अवार्डस) में सर्वश्रेष्ठ एशियाई फिल्म श्रेणी के तहत नामांकन की मंजूरी मिल जाती है।

मलयालम फिल्म ‘कायट्टम’, ‘लूटकेस’, ‘लूडो’, ‘शेरनी’, ‘सूररई पोटरु’ और ‘ताशेर घवर’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

सर्वश्रेष्ठ इंडी फिल्म के लिए, ‘फायर इन द माउंटेंस’, ‘गॉड ऑन द बालकनी’, ‘लैला और सत्त गीत – गोजरी’, ‘नासिर’, ‘पिंकी एली?’, ‘सेठथुमन’, ‘स्थलपुराण’, ‘द ग्रेट इंडियन किचन’ को नॉमिनेट किया गया है।

राजकुमार राव, सूर्या, पंकज त्रिपाठी, नील देशमुख, कौमाराने वलावने, जितिन पुथनचेरी, हरीश खन्ना और बेंजामिन दैमारी जैसे नाम सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में हैं।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए विद्या बालन, रसिका दुग्गल, स्वास्तिका मुखर्जी, कनी कुसरुति और रीमा कलिंगल नामांकित हैं।

अली फजल, दिव्येंदु, मनोज बाजपेयी, मोहम्मद जीशान अय्यूब, पंकज त्रिपाठी और सैफ अली खान को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पुरुष)-श्रृंखला के लिए नामित किया गया है।

यह भी पढ़े : ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 2 महत्वपूर्ण सबक प्रदान करता है: शरद केलकर .

बेस्ट परफॉर्मेंस (फीमेल) सीरीज के लिए नीना गुप्ता, प्राजक्ता कोली, रसिका दुग्गल, सामंथा अक्किनेनी, शाहाना गोस्वामी और श्वेता त्रिपाठी शर्मा जैसे नामों को नॉमिनेट किया गया है।(आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
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