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देश

बिहार, पूर्णिया: देर रात महादलित बस्ती के घरों में लगाई आग, आखिर दोषी कौन?

यह घटना है, बिहार के पूर्णिया जिले की| माना जा रहा है कि, मुस्लिमों की एक भीड़ द्वारा महादलित बस्ती के घरों को देर रात आग लगा दिया गया।

माना जा रहा है कि, मुस्लिमों की एक भीड़ द्वारा महादलित बस्ती के घरों को देर रात आग लगा दिया गया। (सोशल मीडिया)

हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिससे एक बार फिर बिहार (Bihar) की सियासत गरमाई हुई है। घटना की बात करें तो यह घटना है, बिहार के पूर्णिया (Purnia) जिले के बायसी थाना के मझुवा गांव की। जहां मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वह सामने आया है कि मुस्लिमों की एक भीड़ द्वारा महादलित बस्ती के घरों को देर रात आग लगा दिया गया। बताया जा रहा है कि, जमीनी विवाद को लेकर यह घटना घटित हुई थी। फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

घटनास्थल पर मौजूद चौकीदार भरत राय ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि, देर रात करीब 11:30 बजे के बीच 100 – 150 लोगों की भीड़ ने गांव पर हमला कर दिया। उनके पास पेट्रोल का गैलन भी था। जिससे उस भीड़ ने महादलित बस्ती के घरों पर पेट्रोल छिड़ककर घरों को आग के हवाले कर दिया। बस्ती के लोगों को भी उस भीड़ ने बड़ी बेरहमी से मारा – पीटा। बच्चे – बूढ़े जो दिखे सबको निर्ममता पूर्वक मारा गया। इसी झड़प में बस्ती के पूर्व चौकीदार नेवीलाल राय की भी पीट – पीटकर हत्या कर दी गई।


घटना की सूचना मिलते ही, बायसी के एसडीएम अमरेंद्र कुमार पंकज, एसडीओ बायसी थाना प्रभारी, अमित कुमार समेत कई थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच इस झड़प को रोका और घायल हुए सभी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद एसपी दयाशंकर ने बताया कि, इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार की जा चुकी है। लेकिन अभी और लोगों की गिरफ्तारी बांकी है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। हम जल्द सभी आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लेंगे। 

महिलाओं और बच्चों के अभद्र व्यवहार भी किया गया है। (सोशल मीडिया)

इस घटना के बाद हमेशा की तरह बिहार की सियासत गरमाई हुई है। बीजेपी ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, मुस्लिम (Muslim) समुदायों की भीड़ ने महादलित बस्ती के लोगों के घरों में आग लगा दी। उन्हें मारा – पीटा गया। महिलाओं और बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया है। बीजेपी ने इस घटना पर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है और कहा है कि, पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी दिया जाए। 

विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के विनोद बंसल ने ट्वीट कर कहा है कि “पूर्णिया में दलितों पर इस्लामिक आक्रमण के बाद भी यदि किसी का दिल नहीं पसीजा तो वह मानव नहीं पत्थर है।” 

यह भी पढ़ें : क्या भारत पर नया ‘टूलकिट’ थोपा जा रहा है?

जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी राजद पर हमला बोलते हुए कहा है कि, ऐसे लोग जो जनभावनाओं का मजाक उड़ाते हैं, उसे जनता कभी माफ नहीं करेगी। राजद जो घड़ियाली आंसू बहाती है, उन आँसुओं की असल सच्चाई बिहार की जनता ने देख लिया है। (SM) 

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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