Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

पुलिस हिरासत मौत मामले में महाराष्ट्र है सबसे आगे

इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं, जिसमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 26 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा में मंगलवार को यह जानकारी दी।

इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।


संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं। राय(Nityanand Rai) ने कहा, "यह प्राथमिक रूप से संबंधित राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पुलिस अत्याचारों की घटना को उचित रूप से रोके तथा सुनिश्चित करे और साथ ही नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा करे।"

Nityanand Rai,Home ministry केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Twitter)



यह रेखांकित करते हुए कि हिरासत में मौत या राज्य पुलिस और जेल अधिकारियों से जुड़े उल्लंघन भी राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उन्होंने कहा(Nityanand Rai), "इसे देखते हुए, केंद्र सरकार हिरासत में होने वाली मौतों के मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं करती है। केंद्र ने परामर्श जारी किया और एनएचआरसी ने हिरासत में होने वाली मौतों के सभी मामलों में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पालन किए जाने वाले दिशा-निर्देश और सिफारिशें जारी की हैं।" इसके अलावा, मानवाधिकारों की बेहतर सुरक्षा और विशेष रूप से हिरासत में व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों में अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के लिए एनएचआरसी द्वारा समय-समय पर कार्यशालाएं और सेमिनार भी आयोजित किए जाते हैं।

यह भी पढ़े - किसान आंदोलन के कारण हुआ है करोड़ों का घाटा!


हिरासत की मौत के मामलों में जहां एक तरफ लगातार भाजपा शासित उत्तर प्रदेश विपक्ष के निशाने पर रहा है, वहीं मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार के द्वारा दिए गए जवाब के बाद विपक्ष खुद ही घिर गया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना के गठबंधन वाले महाराष्ट्र में ऐसे सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं।

input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें/

Popular

'संभावित रूप से हानिकारक' कंटेंट की विजिबिलिटी को कम करेगा इंस्टाग्राम (Wikimedia Commons)

मेटा(Meta) के स्वामित्व वाला फोटो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) अपने ऐप में 'संभावित रूप से हानिकारक' कंटेंट को कम दिखाई देने के लिए नए कदम उठा रहा है। एनगैजेट की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने कहा कि यूजर्स के फीड और स्टोरीज में पोस्ट करने के तरीके को सशक्त करने वाला एल्गोरिदम अब ऐसे कंटेंट को प्राथमिकता देगा, जिसमें 'बदमाशी, अभद्र भाषा या हिंसा भड़काने वाली सामग्री हो सकती है।'

इंस्टाग्राम के नियम पहले से ही इस प्रकार की अधिकांश सामग्री को प्रतिबंधित करते हैं, जबकि परिवर्तन सीमा रेखा पोस्ट या कंटेंट को प्रभावित कर सकता है जो अभी तक ऐप के मॉडरेटर तक नहीं पहुंची है। कंपनी ने एक अपडेट में बताया, "यह समझने के लिए कि क्या कोई चीज हमारे नियमों को तोड़ सकती है, हम चीजों को देखेंगे जैसे कि कैप्शन एक कैप्शन के समान है जो पहले हमारे नियमों को तोड़ता था।"

Keep Reading Show less

सरकार ने यह करके बिल्कुल सही कदम उठाया है, अमर जवान ज्योति अस्थाई थी: जेबीएस यादव (Wikimedia Commons)

दिल्ली इंडिया गेट पर जलने वाली अमर जवान ज्योति का नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय हो गया, सरकार के इस फैसले को डेप्युटी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ से 2005 में रिटायर्ड हुए लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने इसे बिल्कुल सही ठहराया है। दरअसल इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से अमर जवान ज्योति जल रही है। वहीं 25 फरवरी, 2019 को नेशनल वॉर मेमोरियल में अमर जवान ज्योति प्रज्वलित की गई थी।

साल 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर हिंदुस्तानी सेना को कमांड कर रहे, लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने आईएएनएस को बताया कि, सरकार ने यह करके बिल्कुल सही कदम उठाया है, अमर जवान ज्योति अस्थाई थी। उस वक्त हमारे पास नेशनल वॉर मेमोरियल नहीं था और अंग्रेजों का बना हुआ था। फिर इसमें बदलाव करके अमर जवान ज्योति लगाई गई थी।

Keep Reading Show less

नेताजी भारतीय लोगों के दिलों में थे, हैं और आगे भी रहेंगे। ( Wikimedia Commons )

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह पराक्रम दिवस के अंग के तौर पर आयोजित एक वेबिनार में जर्मनी से शामिल हुईं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी डॉ. अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी के पास भारत की वित्तीय और आर्थिक मजबूती के लिए एक विजन था और भारत को आजादी मिलने से पहले ही उन्होंने एक योजना आयोग का गठन कर लिया था।

जर्मनी से इस वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ. अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी भारतीय लोगों के दिलों में थे, हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके पिता एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे लेकिन उनके मन में सभी धर्मों के लिए सम्मान था। उनके पिता ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहां सभी धर्म के लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हों। उन्होंने कहा कि नेताजी लैंगिक समानता के हिमायती थे। उनका दृष्टिकोण एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना था जहां पुरुषों और महिलाओं को न केवल समान अधिकार हों, बल्कि वे समान कर्तव्यों का पालन भी कर सकें।

Keep reading... Show less