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देश

स्वच्छ, साक्षर और नशा मुक्त समाज के लिए अलख जगाएं मंगल दल : योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवक और महिला मंगल दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में साक्षरता, स्वच्छता और नशा मुक्ति के लिए अलख जगाने का आह्वान किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ । (Twitter )

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवक और महिला मंगल दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में साक्षरता, स्वच्छता और नशा मुक्ति के लिए अलख जगाने का आह्वान किया है। योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 67 हजार से अधिक युवक एवं महिला मंगल दलों को खेल सामग्री का वितरण कर रहे थे। योगी के हाथों 11 दलों के सदस्यों को खेल सामग्री मिली, जबकि शेष को जिलों में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सामग्री का वितरण किया गया।

कोविड काल में युवक एवं महिला मंगल दलों द्वारा आमजन को जागरूक करने के लिहाज से किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक एवं महिला मंगल दलों के रूप में युवाओं की असीम ऊर्जा, सामथ्र्य और रचनात्मकता समाज के उन्नति में बड़ी सहायक है। खेल कार्यक्रमों के साथ-साथ इन दलों द्वारा किए जा रहे जन-जागरूकता के प्रयासों को अब और विस्तार देने की जरूरत है।


युवा राष्ट्र शक्ति का प्रतीक

गोरखपुर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बांदा और गोंडा के अलग-अलग गांवों में गठित युवक मंगल दल के सदस्यों से संवाद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि ऊर्जा सभी के पास है और यह महत्वपूर्ण भी है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवा शक्ति, राष्ट्र शक्ति का प्रतीक है। वह कल का नहीं आज का नागरिक है। अपने सकारात्मक और सार्थक का इस्तेमाल उसे देश और समाज के हित में करना चाहिए। इसी में सबकी उन्नति है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2 लाख से अधिक राजस्व ग्राम हैं। युवा कल्याण विभाग सभी गांवों में युवक एवं महिला मंगल दलों के गठन की दिशा में काम करे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गठित 67 हजार से अधिक युवक एवं महिला मंगल दलों से वर्चुअली मुखातिब हुए योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 तक भारत को ट्यूबरक्लोसिस के दंश से मुक्त करने का संकल्प लिया है। यह दल इस संकल्पपूर्ति में सहायक बने।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो खुद को युवा कहलाना तो पसंद करते हैं लेकिन युवाओं के हित की उन्हें कोई चिंता नहीं रही। यह युवक मंगल दल, दशकों तक उपेक्षित रहे, लेकिन आज की सरकार ने न केवल इस महत्वपूर्ण संगठन को पुन: सक्रिय किया, बल्कि गांवों में ओपन जिम बनवा रही है, खेल के मैदानों का विकास कर रही है और आवश्यक से संसाधन उपलब्ध करवा रही है। यही नहीं, खेल के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ मुहिम शुरू की, जिसके शानदार नतीजे मिल रहे हैं। योगी ने कहा खेलों से हमारे भीतर एक टीम भावना का विकास होता है। यह टीम भावना घर से लेकर नौकरी सहित जीवन के हर क्षेत्र में काम आती है। मुख्यमंत्री योगी ने सभी युवक एवं मंगल दलों को आश्वस्त किया कि उन्हें विकास के लिए हर जरूरी माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इससे पहले, प्रदेश के युवा कल्याण, खेल व पंचायती राज विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी ने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं के बहुमुखी विकास के लिए नियोजित प्रयास कर रही है। गांवों में ओपन जिम, ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण हो रहे हैं। युवक एवं महिला मंगल दल के रूप में युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश सफल हो रही है। राज्य युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. विभ्राट चंद्र कौशिक ने सीएम योगी द्वारा युवाओं के हित में किए जा रहे कार्यों को ऐतिहासिक बताया। (आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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