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'हर घर दस्तक' अभियान को मजबूती देने में लगे हैं मंडाविया!

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को राज्यों से यह अनुरोध किया कि राज्य के अधिकारियों को हर सप्ताह एक दिन पूर्ण वैक्सीन टीकाकरण को लेकर लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक पात्र घर में जाने के लिए प्रेरित किया जाए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (IANS)

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया(mansukh mandaviya) मणिपुर, मेघालय, नगालैंड और पुडुचेरी के स्वास्थ्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक करी। यह बैठक इन राज्यों में कोविड-19(Covid-19)टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करने के लिए आयोजित हुई थी। जिसकी अध्यक्षता मनसुख मांडवीया कर रहे थे। उन्होंने हर घर दस्तक अभियान के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की।

इस बैठक में मंडाविया(mansukh mandaviya) ने कहा, "हम कोविड-19 टीकाकरण के अंतिम चरण में हैं। आइए हम टीकाकरण की गति बढ़ाकर और इसकी कवरेज का विस्तार करके पूर्ण कोविड-19 टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए एक जोरदार अभियान की शुरुआत करें।" इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कम टीकाकरण होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जबकि भारत की पहली खुराक कवरेज 82 प्रतिशत और दूसरी खुराक कवरेज 43 प्रतिशत है, पुडुचेरी में यह कवरेज क्रमश: 66 प्रतिशत और 39 प्रतिशत, नगालैंड में 49 प्रतिशत और 36 प्रतिशत, मेघालय में 57 प्रतिशत और 38 प्रतिशत तथा मणिपुर में 54 प्रतिशत और 36 प्रतिशत है। इस प्रकार ये राज्य/केंद्र शासित प्रदेश अपनी पहली और दूसरी खुराक की कवरेज में राष्ट्रीय औसत से पीछे चल रहे हैं।



इस बैठक में मंडाविया ने यह दोहराया कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण सबसे शक्तिशाली हथियार है, उन्होंने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से यह अनुरोध किया कि गैर सरकारी संगठनों (NGO), विश्वास-आधारित संगठनों, धार्मिक नेताओं, समुदाय के प्रभावशाली व्यक्तियों और अन्य भागीदारों सहित विभिन्न हितधारकों को पूर्ण कोविड टीकाकरण करने के लिए सभी पात्र आबादी को प्रेरित और संगठित करने के काम में शामिल किया जाए।

उन्होंने गांव में अग्रिम रूप से प्रचार टोली तैनात करने समेत 'हर घर दस्तक' अभियान को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री की रणनीतियों को दोहराया। इनसे गांव में जागरूकता अभियानों के साथ-साथ पात्र आबादी को जुटाना और उन्हें परामर्श सुनिश्चित होगा एवं लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। इसके बाद 'टीकाकरण टोली' होगी, जो यह सुनिश्चित करेगी कि सभी पात्र नागरिकों को टीकाकरण की पहली और दूसरी खुराक दी जाए। मैंने अभी हाल ही में अरुणाचल प्रदेश की अपनी यात्रा के दौरान पूरी तरह से टीकाकरण वाले घर के स्टिकर के उपयोग को देखा है। इसी तरह की नवाचारी रणनीतियों का उपयोग अन्य राज्यों में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य बच्चों और छात्रों को कोविड-19 टीकाकरण राजदूत बना सकते हैं ताकि वे अपने परिवारों और समुदायों के बुजुर्ग और पात्र सदस्यों को कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित कर सकें।

मंडाविया ने राज्यों से जिलावार सूक्ष्म योजनाएं बनाने, पर्याप्त संख्या में दल तैनात करने और टीकाकरण का कम प्रदर्शन करने वाले जिलों की दैनिक प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा किए जाने का आह्वान किया। मंत्री ने राज्यों से यह भी अनुरोध किया कि वे हिचकिचाहट के लिए लक्षित समूहों से निपटने के नवाचारी लघु वीडियो बनाने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक मीडिया मंचों और पारंपरागत मीडिया का प्रभावी उपयोग भी करें।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत की पहली खुराक कवरेज 82 प्रतिशत है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी को छोड़कर अन्य राज्यों का कवरेज 60 प्रतिशत से भी कम है। मेघालय की लक्षित आबादी 20 लाख से अधिक है जबकि 8 लाख से अधिक लोग पहली खुराक की प्रतीक्षा कर रहे हैं और दूसरी खुराक की प्रतीक्षा करने वाले लाभार्थी 2.5 लाख से अधिक हैं।

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इसी तरह, मणिपुर में 10 लाख से अधिक लोग पहली खुराक और 3.7 लाख से अधिक लोग दूसरी प्रतीक्षा कर रहे हैं। राज्य की लक्षित आबादी 23.4 लाख है। नागालैंड की लक्षित आबादी 14.7 लाख है, जिनमें 7.5 लाख लोगों को पहली खुराक दी जानी है और 1.2 लाख लाभार्थी दूसरी खुराक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पुडुचेरी की लक्षित आबादी 11.3 लाख है, जिसमें से 3.88 लाख लोगों को अभी तक पहली खुराक भी नहीं दी गई है और 1.91 लाख पात्र लोगों को अभी दूसरी खुराक दी जानी है।

input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

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