Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
थोड़ा हट के

तमिलनाड़ु में साम्यवाद और लेनिनवाद की उपस्थिति में ममता बनर्जी के साथ समाजवाद की शादी

दूल्हा ए.एम. समाजवाद हैं जो के.ए. मोहन के बेटे हैं और दुल्हन एक कांग्रेसी परिवार से है और के. पलानीस्वामी और पी.नीलमबल की बेटी हैं।

तमिल नाडु की ममता बनर्जी से हो रही है समाजवादी की शादी।(सांकेतिक चित्र)

कहा जाता है नाम में क्या रखा है लेकिन जब माता-पिता द्वारा अपने बच्चों का नाम कुछ असामान्य सा रखा जाता है, तो बच्चे खुद ब खुद मशहूर हो जाते हैं। रविवार 13 जून को सेलम के कट्टूर में अमानी कोंडलमपट्टी क्षेत्र में ममता बनर्जी के साथ समाजवाद की शादी होने वाली है।

दूल्हा ए.एम. ‘ समाजवाद’ हैं जो के.ए. मोहन के बेटे हैं। मोहन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के एक नेता हैं और एक कट्टर कम्युनिस्ट पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। दुल्हन एक कांग्रेसी परिवार से है और के. पलानीस्वामी और पी.नीलमबल की बेटी हैं। ‘साम्यवाद’ और ‘लेनिनवाद’ समाजवाद के भाई हैं और उनके भतीजे ‘मार्क्‍सवाद’ हैं। दूल्हे के परिवार और दुल्हन के परिवार दोनों का आपस में गहरा संबंध है।


भाकपा के विल्लुपुरम जिला सचिव 52 वर्षीय मोहन साल 2016 में विधानसभा चुनाव पीपुल्स वेलफेयर एलायंस के उम्मीदवार के रूप में लड़ चुके हैं। मोहन ने आईएएनएस को फोन पर बताया, “1991 में जब सोवियत संघ टूट गया और खबरें प्रकाशित हुईं कि साम्यवाद खत्म हो चुका है, उस दौरान अपनी शादी से पहले ही मैंने सोच लिया था कि मैं अपने बच्चों का नाम ऐसे रखूंगा, जो इस विचारधारा को दर्शाता हो। इस तरह से मैंने अपने बच्चों का नाम साम्यवाद, समाजवाद और लेनिनवाद रखा और मार्क्‍सवाद मेरा पोता है।”

समाजवादी एवं ममता बनर्जी।(IANS)

समाजवाद ने इसकी खामियों पर बात करते हुए आईएएनएस से कहा, “स्कूल के दिनों में मेरे और मेरे भाइयों के लिए इस नाम का होना इतना भी अच्छा नहीं था। हमें अपने गांव में काफी आलोचनाओं और अपमान का सामना करना पड़ा। लेकिन जब हम कॉलेज में पहुंचे, तब चीजें बदल गईं और सबका ध्यान हम पर आ गया।”

यह भी पढ़ें: किताबें देने की दीवानगी ऐसी कि प्रतिदिन 4 किमी पैदल चलती हैं 64 वर्ष की राधामणी

पेशे से समाजवाद और लेनिनवाद पायल और चांदी के गहनों के व्यापार में शामिल हैं, जबकि साम्यवाद एक वकील हैं। समाजवाद कहते हैं, “मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी पत्नी का नाम भी बेहद अनोखा है। उसका नाम पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम पर है। उसके माता-पिता कांग्रेस समर्थक हैं और इसलिए उन्होंने अपनी बेटी का नाम ममता बनर्जी रखा, जो एक तेजतर्रार नेता थीं और अब भी हैं। तृणमूल कांग्रेस बनाने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के ही साथ थीं।”

सीपीआई तमिलनाडु के राज्य सचिव आर. मुथारासन और उप सचिव के. सुब्बारायन इस शादी में शामिल होने वाले हैं।(आईएएनएस-SHM)

Popular

भारत, अमेरिका के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की ( Pixabay )

भारत(india) और अमेरिका(America) के विशेषज्ञों ने शनिवार को कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) के माध्यम से जलवायु परिवर्तन (Environment change) से निपटने के लिए विभिन्न तकनीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि वे 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से पांच - जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ताकत, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, खपत और उत्पादन जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए साझेदारी की है। विज्ञान विभाग के सचिव एस.चंद्रशेखर ने कहा, "सख्त जलवायु व्यवस्था के तहत हम उत्सर्जन कटौती प्रौद्योगिकियों के पोर्टफोलियो के सही संतुलन की पहचान और अपनाने का एहसास कर सकते हैं। ग्लासगो में हाल ही में संपन्न सीओपी-26 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ-साथ महत्वाकांक्षाओं को सामने लाया। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद हम जलवायु लक्ष्यों को पूरा करेंगे।"

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्बन कैप्चर पर पहली कार्यशाला में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, "पीएम ने हम सभी को 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन राष्ट्र बनने को कहा है।" उन्होंने सीसीयूएस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आरडी एंड डी की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की हालिया पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

Keep Reading Show less

वेल्लोर के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला ( Pixabay)

कोरोना के इस दौर में ऐप टेक्नॉलॉजी (App Technology) की पढ़ाई कई समस्याओं का समाधान कर रही है। ऐसा ही एक समाधान 10 वर्षीय छात्र कनिष्कर आर ने कर दिखाया है। कनिष्कर ने पेशे से वकील अपने पिता की मदद एक ऐप (App) बनाकर की। दस्तावेज संभालने में मददगार यह ऐप वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करता है। 10 वर्षीय कनिष्कर का यह ऐप अब उसके पिता ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य वकील भी इस्तेमाल कर रहे हैं और यह एक उद्यम की शक्ल ले रहा है।

कनिष्कर अपने पिता को फाईलें संभालते देखता था, जो दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही थीं। जल्द ही वह समझ गया कि उसके पिता की तरह ही अन्य वकील भी थे, जो इसी समस्या से पीड़ित थे। इसलिए जब कनिष्कर को पाठ्यक्रम अपने कोडिंग के प्रोजेक्ट के लिए विषय चुनने का समय आया, तो उसने कुछ ऐसा बनाने का निर्णय लिया, जो उसके पिता की मदद कर सके। वेल्लोर (Vellore) के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट के एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करना है। इस ऐप द्वारा यूजर्स साईन इन करके अपने काम को नियोजित कर सकते हैं और क्लाईंट से संबंधित दस्तावेज एवं केस की अन्य जानकारी स्टोर करके रख सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से यूजर्स सीधे क्लाईंट्स से संपर्क भी कर सकते हैं। जिन क्लाईंट्स को उनके वकील द्वारा इस ऐप की एक्सेस दी जाती है, वो भी ऐप में स्टोर किए गए अपने केस के दस्तावेज देख सकते हैं।

Keep Reading Show less

डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है

आम आदमी पार्टी(AAP) पंजाब के लोकसभा चुनाव में अपनी बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है वहीं पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने राजनैतिक शैली में वेब सीरीज़ के रूप में 'इनसाइडर अकाउंट" निकला है जिसमे दावा किया गया है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। 'ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता का निर्माण शिकागो में कार्यरत चंडीगढ़ के चिकित्सक डॉ.मुनीश रायज़ादा द्वारा किया गया है। यूट्यूब(Youtube) पर उपलब्ध यह वेब सीरीज़ यह दर्शाती है कि कैसे एक पार्टी पारदर्शी होने के साथ साथ व्यवस्था परिवर्तन लाने के बजाय गैर-पारदर्शी औऱ राजनीतिक आदत का हिस्सा बन गई। यह वेब सीरीज अक्टूबर 2020 में पूरी होने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लयेर पर रिलीज हुई। डॉ.मुनीश रायज़ादा के अनुसार इस वेब सीरीज़ को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

डॉ.मुनीश रायजादा ने फोन पर आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि, " मंच इस वेब सीरीज का प्रचार यह कहकर नहीं कर रहा था कि यह एक राजनीतिक वेब सीरीज है, और मैंने सोचा कि मैं इस वेब सीरीज को बड़े पैमाने में दर्शकों तक कैसे ले जा सकता हूँ फिर मैंने यूट्यूब के बारे में सोचा।" यह वेब सीरीज यूट्यूब पर 17 जनवरी को रिलीज़ किया गया।

Keep reading... Show less