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दुनिया

Earth Day: दिव्य युग में वन पृथ्वी पर एक नया हरित स्थान

पर्यावरण संरक्षण अभियान में नागरिकों का भाग लेना, हरित और कम कार्बन वाले जीवन के माध्यम से पृथ्वी के समग्र पर्यावरण में सुधार करना है।

हरित और कम कार्बन वाले जीवन के माध्यम से पृथ्वी के समग्र पर्यावरण में सुधार करना है। (VOA)

 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस है। यह वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के लिए खासतौर पर स्थापित एक दिवस है, जिसका उद्देश्य मौजूदा पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण अभियान में नागरिकों का भाग लेना, हरित और कम कार्बन वाले जीवन के माध्यम से पृथ्वी के समग्र पर्यावरण में सुधार करना है। इधर के सालों में चीन पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा महत्व देता है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग कभी-कभार कहते हैं कि स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं। उनका यह भी कहना है कि अपने नेत्रों की भांति ही पारिस्थितिक पर्यावरण की रक्षा की जाए, और जीवन की भांति ही पारिस्थितिक पर्यावरण के साथ व्यवहार किया जाए। उनका यह भी कहना है कि पारिस्थितिक और पर्यावरण संरक्षण एक महान कार्य है जो वर्तमान में अहम है और भविष्य में लाभ देगा।

वर्तमान में हपेई प्रांत के श्योंगआन नव क्षेत्र का निर्माण जोरों पर है। 16 जनवरी, 2019 को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हपेई प्रांत के श्योंगआन नव क्षेत्र के निरीक्षण दौरे पर एक खास जगह की यात्रा की, जहां विशाल भूमि में वन रोपण किया जा रहा है, इसे ‘सहस्राब्दी वन’ कहा जाता है।


श्योंगआन नव क्षेत्र की स्थापना साल 2017 में हुई, जो राष्ट्रपति शी चिनफिंग से केंद्रित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति द्वारा किया गया एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रणनीतिक विकल्प है। अपनी स्थापना से लेकर अब तक चार सालों में श्योंगआन नव क्षेत्र में तीन गुनी रात चौगुनी परिवर्तन हो रहा है, खासकर पारिस्थितिक पर्यावरण के निर्माण क्षेत्र में।

पहले वृक्ष रोपण किया जाए, फिर शहर का निर्माण। यह श्योंगआन नव क्षेत्र के निर्माण की एक नई अवधारणा है। इस तरह श्योंगआन नव क्षेत्र पारिस्थितिकी की प्राथमिकता देते हुए हरित विकास पर महत्व देता है। साल 2018 में पारित ‘हपेई श्योंगआन नव क्षेत्र की परियोजना’ के अनुसार, नव शहर के निर्माण के दौरान श्योंगआन में नीले और हरित स्थानों का क्षेत्रफल 70 प्रतिशत होगा।

22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस है। (Pexel)

अपनी स्थापना से लेकर अब तक पिछले चार सालों में श्योंगआन में 27 हजार हेक्टेयर के क्षेत्रफल में 2 करोड़ से अधिक वृक्षों का रोपण किया जा चुका है। नव क्षेत्र में वन कवरेज दर 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने श्योंगआन के दौरे पर कहा था कि बेहतर पारिस्थितिक पर्यावरण श्योंगआन नव क्षेत्र का महत्वपूर्ण मूल्य प्रतिबिंबित करता है। नीला आसमान, स्वच्छ जल, हरित पर्यावरण होना चाहिए। भविष्य में जीवन का सबसे उच्चतम मापदंड पारिस्थितिकी से जुड़ा हुआ है। श्योंगआन का निर्माण एक ‘सहस्राब्दी योजना’ है, जिसकी शुभारंभ ‘सहस्राब्दी वनों’ से होनी चाहिए।

वर्तमान में श्योंगआन नव क्षेत्र में ‘सहस्राब्दी वनों’ का आकार बुनियादी तौर पर सामने आ गया है। विशाल वन में न केवल स्थानीय लोग, बल्कि पेइचिंग और थ्येनचिन जैसे आसपास के शहरों से पर्यटक आते हैं। वन उद्यान में ‘वन बिग डेटा सिस्टम’ का अभिनव अनुप्रयोग किया जाता है। प्रत्येक पेड़ों पर एक क्यूआर कोड चिन्हित किया गया है। इसे स्कैन करके लोग पेड़ों की प्रजातियां, उत्पत्ति स्थल, पेड़ रोपण का समय, इसकी जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति, पेड़ के विकास की जानकारी आदि सूचना प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल पर्यटक पेड़ से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि पेड़ों के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को साकार करने के लिए भी लाभदायक है।

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‘सहस्राब्दी वनों’ से हमारे पास सहस्राब्दी में हरे-भरे पर्यावरण में जीवन बीत सकते हैं। आने वाले दिनों में श्योंगआन नव क्षेत्र में वन रोपण के जोरदार विकास से यहां चीन में ही नहीं, पृथ्वी पर हरे रंग की एक विशाल भूमि पैदा होगी, जो वैश्विक पारिस्थितिक पर्यावरण विकास के लिए बड़ा योगदान भी है।(आईएएनएस-SM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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