बरेली विकास प्राधिकरण राम गंगानगर में ग्रीन रामायण वाटिका को विकसित कर रहा है

विकसित की जा रही रामायण वाटिका में जहां भगवान विष्णु के दशवतार के दर्शन होंगे, वहीं औषधीय पौधों की सुगंध भी मिलेगी
ग्रीन रामायण वाटिका
ग्रीन रामायण वाटिकाIANS

अयोध्या (Ayodhya) ही नहीं, अब बरेली शहर पर भी भगवान श्रीराम की छत्रछाया रहेगी। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बरेली में भगवान श्रीराम के साथ भरत, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों वाला प्रवेशद्वार तैयार किया है। इसे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भारतीय संस्कृति से भावी पीढ़ी को अवगत कराने की कोशिश भी मानी जा रही है। यहां विकसित की जा रही रामायण वाटिका में जहां भगवान विष्णु के दशवतार के दर्शन होंगे, वहीं औषधीय पौधों की सुगंध भी मिलेगी। बरेली विकास प्राधिकरण राम गंगानगर में ग्रीन रामायण वाटिका (Green Ramayan Vatika) को विकसित कर रहा है। 22.8 करोड़ की लागत से 33000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में रामायण वाटिका का विकास किया जा रहा है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। ग्रीन रामायण वाटिका में चित्रकूट, दंडकारण्य, पंचवटी, शबरी आश्रम, किष्किंधा, अशोक वाटिका, पंपा सरोवर की संकल्पना को साकार किया गया है।

ग्रीन रामायण वाटिका
ग्रीन रामायण वाटिकाIANS

बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रीन रामायण की संकल्पना के साथ वाटिका की दीवारों पर भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को पत्थरों से उकेरा जाएगा। वाटिका में भगवान विष्णु के सभी 10 अवतारों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दुर्लभ पौधों, वृक्षों और वनस्पतियों के संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देने की व्यवस्था की जा रही है। इसके निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है।

ग्रीन रामायण वाटिका में पहुंचते ही भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान से जुड़े सभी प्रसंग और संस्मरण दीवारों पर प्रदर्शित होंगे। रामायण वाटिका को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा वहां औषधीय पौधे जैसे आम, ब्राह्मी, असना, नीम, बांस, दंडकारण्य में अर्जुन, सागौन, साल, पदल, बकली महुआ, गौब, अशोक, पीपल, बरगद, बेल, आंवला, रक्त चंदन, ढाक, कैथा चंदन, नाग केसर, चंपा, मौल सिरी, मृथ संजीवनी के पौधे रोपित किए जाएंगे। बच्चों के खेलने के लिए पार्क, ओपन एयर थियेटर (open air theatre), क्लॉक टावर का भी निर्माण होगा।

ग्रीन रामायण वाटिका
रुद्राक्ष में प्रख्यात "महाभारत" वाराणसी में प्रदर्शित होंगी

उन्होंने बताया कि बरेली विकास प्राधिकरण ने चारों दिशाओं में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया है। 80 फीसदी से ज्यादा निर्माण पूरा हो गया है। उन पर पत्थर लगाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बरेली विकास प्राधिकरण के वीसी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि इन्वर्टिस क्रॉसिंग के पास राम द्वार, झुमका तिराहे पर लक्ष्मण द्वार, बदायूं रोड पर जुए की पुलिया के पास भरत द्वार, बीसलपुर रोड पर हनुमान द्वार का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक द्वार की लागत 95 लाख है। एक प्रवेश द्वार पर पत्थर लगाने की लागत करीब 134 लाख रुपये है। जुलाई 2023 तक प्रवेश द्वार के निर्माण, सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा।

बताया कि प्राधिकरण ने यातायात की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बरेली आने वाले सभी मार्ग फोरलेन और सिक्स लेन चौड़ीकरण कराए गए हैं। डिवाइडर और रोड पर लाइटों की समुचित व्यवस्था हुई है।

आईएएनएस/RS

Related Stories

No stories found.
hindi.newsgram.com