शादीशुदा महिला से 'रेप' और जबरन शादी...पूर्व विधायक नरेश यादव पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता ने मेहरौली से पूर्व विधायक नरेश यादव पर उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया। नरेश पहले आम आदमी पार्टी में थे लेकिन फरवरी 2025 से बीजेपी पार्टी से जुड़े हुए हैं।
तस्वीर में नरेश यादव और पीड़ित महिला
नरेश यादव पर महिला ने लगाए रेप के आरोप X
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Summary
  • विरोध के दौरान एक महिला ने पूर्व AAP व वर्तमान BJP नेता नरेश यादव पर रेप का आरोप लगाया

  • पीड़िता ने केस दबाने, धमकी और कापसहेड़ा रिसोर्ट से जुड़ी घटनाओं का दावा किया

  • सुप्रीम कोर्ट में महिला वकील लड़ रही केस

23 दिसंबर 2025 को यह खबर सामने आई कि उन्नाव से पूर्व बीजेपी (BJP) विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar) को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। खबर सामने आते ही भारी बवाल मचा। मामले ने जब ज्यादा तूल पकड़ा, तो कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए।

जमकर आंदोलन हुआ और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने बीच में हस्तक्षेप किया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जमानत वाले आदेश पर रोक लगा दी। इसी बीच एक हैरान करने वाली जानकारी दिखी। कुलदीप सेंगर को बेल दिए जाने के विरोध में जब आंदोलन हो रहा था, तब एक और रेप पीड़िता इसमें निकलकर सामने आई। ये इल्जाम भी एक बीजेपी (BJP) नेता पर ही लगा है। क्या है पूरा मामला, इसे समझते हैं।

बीजेपी नेता पर रेप का आरोप!

पूर्व बीजेपी (BJP) विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar)को बेल दिए जाने के मामले में जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हो रहा था, तब एक चौंकाने वाली जानकारी निकलकर सामने आती है। कैमरे पर एक और रेप पीड़िता ने अपना दुःख व्यक्त किया। पीड़िता ने मेहरौली से पूर्व विधायक नरेश यादव (Naresh Yadav) पर उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया। नरेश पहले आम आदमी पार्टी में थे लेकिन फरवरी 2025 से बीजेपी पार्टी से जुड़े हुए हैं।

पीड़िता ने बताया कि नरेश यादव (Naresh Yadav) ने उसे बेटी बनाकर उसके साथ रेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता कहती हैं, "यूपी और हरियाणा के अलग-अलग जगह पर ले जाकर मेरे साथ ये शर्मनाक हरकत की गई। मैं 2020 से अपनी लड़ाई लड़ रही हूँ। मैंने काफी शिकायत की लेकिन कोई मेरी फर्याद नहीं सुन रहा है। मेरी शिकायत को दबा दिया गया है। रेप के दौरान मुझे प्रेग्नेंट किया गया। मेरा फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) में अबॉर्शन (abortion) भी कराया गया।"

एक यूट्यूब चैनल को पीड़िता ने बताई सारी बात

यह मामला जब सामने आया, तब एक यूट्यूब चैनल जनमंच ने पीड़िता से बात भी की। इस दौरान महिला ने रिपोर्टर देवेंद्र को बताया कि उन्होंने अपनी बात अरविंद केजरीवाल तक पहुँचाने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। नरेश यादव (Naresh Yadav) ने शिकायत को दबाने की कोशिश की। यह बात तब सामने आई जब पीड़िता अपनी फर्याद लेकर भाजपा कार्यालय आई थी।

जनमंच से बात करते हुए महिला ने कहा, ''मैं और मेरे पति IAS की तैयारी कर रहे थे और हम दोनों अरविंद केजरीवाल की राजनीति से काफी प्रभावित थे। नरेश यादव 2015 में मिला जब ये विधायक नहीं था। इसने वोट सपोर्ट के लिए कहा लेकिन हमने मना कर दिया क्योंकि हम स्टूडेंट्स थे। 2019-20 चुनाव के दौरान ये व्यक्ति हमारे अपार्टमेंट में आया था। वहीं, हमारी मुलाकात हुई। अपार्टमेंट की समस्यांओं को लेकर हमारी बातचीत होती रहती थी। फिर ये मुझे और मेरे पति को अपने साथ जोड़ना चाहता था लेकिन मेरे पति ने मना कर दिया, तो फिर नरेश यादव मेरे पीछे पड़ गया, कि मैं उसकी पार्टी के लिए काम करूँ।"

महिला ने आगे कहा, ''फिर जब मेरे ससुर को दिल का दौड़ा पड़ा, तो पति को तुरंत दिल्ली से बाहर जाना पड़ा। मैं यहां अकेले रह रही थी। फिर नरेश यादव ने मेरे ऊपर प्रेशर बनाया और बेटी बनाकर अपने साथ चुनाव के काम के लिए लेकर गया। मैं इसे डैडू कहती थी। फिर एक दिन इसने कहा कि तुमने मुझे चुनाव जितवाया है और एक मीटिंग है, तो तुम्हें आना होगा। जब मैं गई, तो अपने नौकर को नरेश यादव ने बाहर भेज दिया और अपने भाई नवीन यादव को कापसहेड़ा में शादी के लिए भेज दिया। जैसे ही वो गया, उसके बाद मेरे साथ गलत काम किया। मैं हैरान रह गई कि जो मुझे बेटी कहता था, उसने मेरे साथ ऐसा क्या किया।"

पीड़िता यह भी कहती है कि उनके कई वीडियो बनाए, सारे कुकर्म अपने कापसहेड़ा के रिसोर्ट पर किये। मुझे अगवा कर लिया। मेरे साथ जबरदस्ती शादी की। मैं प्रेग्नेंट हुई थी, तो मेरा गर्भपात भी कराया। मेरे पति ने आवाज उठाने की कोशिश की, तो उन्हें भी नरेश यादव ने अपने गुंडों के जरिये धमकी देना शुरू कर दिया। महिला ने कैमरे पर कई सबूत भी दिखाए हैं।

बता दें कि भारतीय लिबरल पार्टी के अध्यक्ष डॉ मुनीश रायज़ादा ने प्रशासन से यह मांग की है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले। वहीं, मौजूदा जानकारी के मुताबिक पीड़िता का केस सुप्रीम कोर्ट की एक महिला वकील लड़ रही है।

कापसहेड़ा में है नरेश यादव का रिसोर्ट

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास कापसहेड़ा में कालिस्ता रिसोर्ट (Calista Resort) को पूर्व आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश यादव (वर्तमान में बीजेपी) से जोड़कर देखा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, यह रिसोर्ट उनके नाम पर बताया गया है। पीड़िता ने अपने बयान में नरेश यादव के कापसहेड़ा के रिसोर्ट का जिक्र किया है। ऐसे में अनुमान के मुताबिक ये वही जगह हो सकती है। नरेश यादव का ये कापसहेड़ा रिसोर्ट एक और घटना के लिए भी बदनाम है जो आज करीब एक दशक पहले हुआ था।

भारतीय लिबरल पार्टी के अध्यक्ष डॉ मुनीश रायज़ादा एक समय पर आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे। डॉ रायज़ादा ने 2019 में “Transparency: पारदर्शिता” वेब सीरीज बनाई जिसमें उन्होंने अन्ना आंदोलन और आम आदमी पार्टी के शुरुवाती दिनों की अनसुनी कहानियों का विवरण मिलता है।

इसमें उन्होंने कापसहेड़ा रिसोर्ट का जिक्र किया है कि कैसे वहां मीटिंग के दौरान आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया गया था।

बाउंसर तक बुलाए गए थे। इस मीटिंग में रमजान चौधरी, योगेंद्र यादव, कुमार विश्वास, कपिल मिश्रा (जो अब बीजेपी में हैं) और स्वयं डॉ कुमार भी मौजूद थे। इस रिसोर्ट में कथित रूप से अरविंद केजरीवाल ने उन लोगों को बाउंसर से पिटवाया, जो कभी उनके करीबी हुआ करते थे।

'आप' छोड़ बीजेपी में शामिल हुए नरेश यादव

जिन नरेश यादव (Naresh Yadav) की हमने अब तक चर्चा की, वो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे लेकिन अब उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है। उन्होंने पार्टी पर कई आरोप लगाए और कहा कि अब आम आदमी पार्टी में ईमानदारी नजर नहीं आ रही है। ये वाकया 31 जनवरी 2025 की है। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने ये कदम इसलिए भी उठाया, क्योंकि पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था। नरेश दो बार मेहरौली से विधायक रह चुके थे। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी में कुछ ही लोग ईमानदारी की राजनीति करने वाले बचे हैं। इधर उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया, उधर 1 फरवरी 2025 को नरेश बीजेपी से जुड़ गए।

बता दें कि नरेश यादव (Naresh Yadav) का विवादों से पुराना नाता रहा है। जून 2016 में उनपर पंजाब के मालेरकोटला में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए पवित्र कुरान के पन्ने फाड़ने की साजिश रचने का आरोप लगा था। नवंबर 2024 में संगरूर की एक अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराते हुए 2 साल की जेल और 11,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी लेकिन जनवरी 2025 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी इस सजा पर रोक लगा दी थी। इस वजह से वो चुनाव लड़ने के पात्र हो गए थे लेकिन 'आप' ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया।

(RH/MK)

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