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देश

भारत में टीवी पर छाए रहे मोदी, राम मंदिर भूमिपूजन सर्वाधिक देखे जाने वाला कार्यक्रम बना

इस रिपोर्ट से पता चला कि मोदी को लेकर यह उत्साह न केवल स्वतंत्रता दिवस के भाषण, बल्कि कोविड -19 के पहले संबोधन से लेकर 3 जुलाई को लेह में जवानों के शहीद होने के बाद दिए गए संबोधन और अन्य में भी देखा गया।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री(Image: PIB)

By: निखिला नटराजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन के दौरान रेटिंग स्टार के रूप में उभरे हैं। नीलसन एंड ब्रॉडकास्ट ऑडियंस काउंसिल (बीएआरसी) के प्रजेंटेशन में स्वतंत्रता दिवस के दिन मोदी के कार्यक्रम को टेलीविजन पर 4.64 बिलियन यानि कि 4.64 अरब मिनट तक देखे जाने का रिकॉर्ड बना।


जबकि 2018 में इसे 3.59 अरब मिनट और 2019 में 3.28 अरब मिनट देखा गया। मोदी के दर्शकों ने इस वर्ष 152 मिनट के भाषण को देखा, जबकि यह 2018 के 150 मिनट से और 2019 के 126 मिनट से अधिक था। यही नहीं, देखे जाने वाले समय (मिनट) को छोड़ भी दें तो इसे देखने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। इस साल इसे 13.3 करोड़ लोगों ने देखा, जबकि 2018 में 12.1 और 2019 में 10.9 करोड़ लोगों ने देखा था।

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आईएएनएस ने 27 अगस्त को बीएआरसी प्रमुख सुनील लुल्ला द्वारा पेश की गई इस रिपोर्ट के 11 वें संस्करण की समीक्षा की, जिसमें कई रोचक जानकारियां सामने आईं। इस रिपोर्ट से पता चला कि मोदी को लेकर यह उत्साह न केवल स्वतंत्रता दिवस के भाषण, बल्कि कोविड -19 के पहले संबोधन से लेकर 3 जुलाई को लेह में जवानों के शहीद होने के बाद दिए गए संबोधन और अन्य में भी देखा गया। कोविड -19 पर उनके 19 मार्च के पहले संबोधन को 1.275 अरब मिनट तक 8.3 करोड़ लोगों ने देखा। 24 मार्च को यह संख्या दोगुनी हुई लेकिन तीसरे संबोधन में ये आंकड़े गिर गए।

उनके संबोधनों की लोकप्रियता की यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। लॉकडाउन संबोधनों के अलावा उप्र में अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन ने तो पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। जबकि अधिकांश कार्यक्रम में मोदी मौन बैठे थे और यह कार्यक्रम सबसे अधिक समय तक चला, इसके बाद भी इसे 198 टीवी चैनलों पर फैले 16.3 करोड़ दर्शकों ने 7.3 अरब मिनटों तक पहुंचाया।

अयोध्या भूमि पूजन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी(Image: PIB)

हालांकि, 50 से अधिक चीनी ऐप्स के खिलाफ मोदी की दंडात्मक कार्रवाई ने उन्हें भारत के स्मार्टफोन वर्ग को लेकर जारी की गई संख्या में कोविड से पहले के 81 प्रतिशत से बाद में 25 प्रतिशत पर ला दिया।

स्मार्टफोन पर स्ट्रीमिंग लॉकडाउन के पीक समय के बाद नीचे गिर रहा है। घर से काम करने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का प्रतिशत इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या के मुकाबले 12 गुना बढ़ गया और इस पर खर्च किया गया समय 6 गुना बढ़ गया। होम डिलीवरी ऐप्स का उपयोग भी बहुत बढ़ा है।

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दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने बिग बॉस को पीछे छोड़ दिया है, जब एमेजॉन प्राइम, हॉटस्टार, एमएक्स (प्लेयर ऑनलाइन), नेटफ्लिक्स, वूट और जी 5 पर डायरेक्ट रिलीज हुईं तमाम फिल्मों को उनकी डिजनी प्लस पर रिलीज हुई ‘दिल बेचारा’ ने पीछे छोड़ा।

अमेरिका को लेकर नीलसन ने बताया कि 2020 में वीडियो स्ट्रीमिंग घरों के बीच कुल टीवी उपयोग का 25 प्रतिशत रही, जो कि 2019 की 16 प्रतिशत से अधिक है। इस साल स्ट्रीमिंग का एक-चौथाई हिस्सा 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों का है।(आईएएनएस)

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स्टेशन पर चाय बेचने वाले का बेटा चौथी बार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित कर रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (IANS)

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में 76 सत्र मे संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए एक सकारात्मक और प्रेरक भाषण दिया।

यूएनजीए में भाषणों के सप्ताहांत चरण की शुरुआत के कुछ ही क्षणों के भीतर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "लोकतंत्र उद्धार कर सकता है, लोकतंत्र ने करके दिखाया है"। अपनी बात को आगे कहते हुए उन्होंने गहरी संवेदना से भरी, खुद के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, "स्टेशन पर चाय बेचने वाले का बेटा चौथी बार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित कर रहा है।

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मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। (IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के समक्ष 22 मिनट के अपने संबोधन में 'अद्वितीय' पैमाने पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और समस्या-समाधान क्षमता के संदर्भ में भारत की शक्ति के विचार को सामने रखा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जब भारतीयों की प्रगति होती है तो विश्व के विकास को भी गति मिलती है। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत में सुधार होता है, तो दुनिया बदल जाती है। भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों की मापनीयता और उनकी लागत-प्रभावशीलता दोनों अद्वितीय हैं।"

पेश हैं मोदी के भाषण की 10 खास बातें:

आकांक्षा: "ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था, वो आज चौथी बार, भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यूएनजीए को संबोधित कर रहा है।

लोकतंत्र: सबसे लंबे समय तक गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर पिछले 7 साल से भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे हेड ऑफ गवर्मेट की भूमिका में देशवासियों की सेवा करते हुए 20 साल हो रहे हैं। मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं। हां, लोकतंत्र उद्धार कर सकता है। हां. लोकतंत्र ने उद्धार किया है।"

बैंकिंग: "बीते सात वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जो अब तक इससे वंचित थे। आज 36 करोड़ से अधिक ऐसे लोगों को भी बीमा सुरक्षा कवच मिला है, जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे।"

स्वास्थ्य देखभाल: "50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देकर, भारत ने उन्हें क्वालिटी हेल्थ सर्विस से जोड़ा है। भारत ने 3 करोड़ पक्के घर बनाकर, बेघर परिवारों को घर का मालिक बनाया है।"

जलापूर्ति: "प्रदूषित पानी, भारत ही नहीं पूरे विश्व और खासकर गरीब और विकासशील देशों की बहुत बड़ी समस्या है। भारत में इस चुनौती से निपटने के लिए हम 17 करोड़ से अधिक घरों तक, पाइप से साफ पानी पहुंचाने का बहुत बड़ा अभियान चला रहे हैं।"

भारत और भारतीय: "दुनिया का हर छठा व्यक्ति भारतीय है। जब भारतीय प्रगति करते हैं, तो दुनिया के विकास को भी गति मिलती है। जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है।"

विज्ञान और तकनीक: "भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों का स्केल और उनकी कम लागत, दोनों अतुलनीय है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए हर महीने 3.5 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।"

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वैक्सीन : "मैं यूएनजीए को ये जानकारी देना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित कर ली है, जिसे 12 साल की आयु से ज्यादा के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। एक और एमआरएनए टीका विकास के अंतिम चरण में है।" निवेश का अवसर: "मैं दुनिया भर के वैक्सीन निमार्ताओं को भी निमंत्रण देता हूं। आओ, भारत में वैक्सीन बनाएं।"

आतंकवाद: "प्रतिगामी सोच वाले देश आतंकवाद को एक राजनीतिक उपकरण के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इन देशों को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना नितांत आवश्यक है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का उपयोग आतंकवाद फैलाने या आतंकवादी हमलों के लिए न हो।"

आतंकवाद से निपटने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, "हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा कि वहां की नाजुक स्थितियों का कोई देश, अपने स्वार्थ के लिए, एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश ना करे। इस समय अफगानिस्तान की जनता को, वहां की महिलाओं और बच्चों को, वहां के अल्पसंख्यकों को मदद की जरूरत है और इसमें हमें उन्हें सहायता प्रदान करके अपना दायित्व निभाना ही होगा।" (आईएएनएस-SM)


पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र बहुत संवेदनशील हैं और उनके लिए तोड़फोड़ के ऐसे प्रयासों के बारे में जानना नितांत आवश्यक है। (Unsplash)

भारत चीन सीमा पर बसे हुए गांव चिंता का विषय हैं। हैग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड ने एक बड़ी सूचना देते हुए बड़ा खुलासा किया है कि चीन ने भारत के साथ अपनी सीमा पर 680 'जियाओकांग' (समृद्ध या संपन्न गांव) बनाए हैं। ये गांव भारतीय ग्रामीणों को बेहतरीन चीनी जीवन की और प्रभावित करने के लिए हैं।

कृष्ण वर्मा, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया, " ये उनकी ओर से खुफिया मुहिम और सुरक्षा अभियान है। वे लोगों को भारत विरोधी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम अपने पुलिस कर्मियों को इन प्रयासों के बारे में अभ्यास दे रहे हैं और उन्हें उनकी हरकतों का मुकाबले का सामना करने के लिए सक्षम बना रहे हैं। चीनी सरकार के द्वारा लगभग 680 संपन्न गांव का निर्माण किया जा चुका है। जो चीन और भूटान की सीमाओं पर हैं। इस गांव में चीन के स्थानीय नागरिक भारतीयों को प्रभावित करते है कि चीनी सरकार बहुत अच्छी है। शुक्रवार को भारत सरकार के पूर्व विशेष सचिव वर्मा गुजरात के गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में 16 परिवीक्षाधीन उप अधीक्षकों (डीवाईएसपी) के लिए 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में थे।

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