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देश

मध्य प्रदेश में भाजपा प्रमुख ने राममंदिर निर्माण के लिए दिया एक माह का वेतन

भगवान राम की नगरी अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह का दौर जारी है। भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और सांसद विष्णु दत्त शर्मा और उनकी धर्मपत्नी डॉ. स्तुति शर्मा ने अपने वेतन की एक माह की राशि का चेक मंदिर निर्माण के लिए समिति को सौंपा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

भगवान राम की नगरी अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह का दौर जारी है। भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और सांसद विष्णु दत्त शर्मा और उनकी धर्मपत्नी डॉ. स्तुति शर्मा ने अपने वेतन की एक माह की राशि का चेक मंदिर निर्माण के लिए समिति को सौंपा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने अपने आवास पर श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के अंतर्गत अपने एक माह का वेतन एक लाख रुपये एवं उनकी धर्मपत्नी स्तुति शर्मा ने अपने एक माह का वेतन 61 हजार रुपये का चेक संग्रह कार्य में लगे लोगों को सौंपा।

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शर्मा ने यह चेक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख एवं निधि समर्पण अभियान के सह प्रमुख ओम प्रकाश सिसोदिया, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री एवं अभियान के प्रांत प्रमुख बृजेश चैहान, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव एवं विभाग मंत्री राजेश साहू को सौंपा। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर उपस्थित थे। (आईएएनएस )

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क्रांतिकारी दुर्गावती देवी (wikimedia commons)

हिंदुस्तान की भूमि पर कई साहसी और निडर लोगों का जन्म हुआ जिन्होने भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। लेकिन दुःख की बात यह है कि इनका नाम इतिहास के पन्नों में इतनी बार दर्ज नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। ऐसी ही एक वीरांगना का नाम है दुर्गावती देवी। इन्हें दुर्गा भाभी के नाम से भी जाना जाता है। यह उन महिलाओं में से एक थी जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ क्रांति में भाग लिया था।

दुर्गा भाभी का जन्म 7 अक्टूबर 1907 में उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हुआ था। इनका जन्म छोटी उम्र में ही भगवती वोहरा जी के साथ हुआ। भगवती वोहरा का परिवार लाहौर का प्रतिष्ठित परिवार था। दुर्गावती के पति भी क्रांति में पुरजोर तरीके से भाग लेना चाहते थे। लेकिन पिता के दबाव के कारण ऐसा कर नहीं पा रहे थे। पिता का देहांत होने के बाद भगवती जी ने भी क्रांति में भाग लिया था।

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गणेश जी की मूर्ती (unsplash)

हिंदुस्तान एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्मो के लोग रहते है। हर एक धर्म की अपनी अलग मान्यताएँ भी है। किसी भी धर्म को सामान नज़रिये से देखा जाना चाहिए, लेकिन क्या ऐसा होता है? मेरे लिए इसका उत्तर है नहीं। हिंदुस्तान में अनेक धर्म तो है लेकिन हिन्दू धर्म का खास तौर पर मज़ाक बनाया जाता है। ऐसा क्यों है कि सनातन धर्म का मज़ाक बनाना आसान है। इसके पीछे बहुत से कारण है, इस आर्टिकल में इन्ही कुछ कारणों पर रोशनी डाली गई है।

जागरूकता की कमी- आज का युवा सोशल मीडिया में इतना खोया हुआ है कि उसे मालूम ही नहीं है कि उनका धर्म कितना गौरवशाली है। जब किसी धर्म का युवा ही जागरूक नहीं होगा तो उस धर्म का प्रचार कौन करेगा। ज्यादातर हिन्दू युवाओं को मालूम तक नहीं है कि वेद कितने प्रकार के होते हैं, हमारे धर्म में कितने उपनिषद है, भगवत गीता में कितने श्लोक है। इस अज्ञानता की वजह से कोई भी आकर कुछ भी हिन्दू धर्म के बारे में बुरा कह जाता है और लोग उसी को सच मान लेते है। लोगों में अपने धर्म के बारे में जानने की इच्छा ही नहीं है।

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ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर।(IANS)

ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ओला एस1 स्कूटर बेचे हैं। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि उसने पहले 24 घंटों में हर सेकेंड में 4 स्कूटर बेचने में कामयाबी हासिल की है। बेचे गए स्कूटरों का मूल्य पूरे 2डब्ल्यू उद्योग द्वारा एक दिन में बेचे जाने वाले मूल्य से अधिक होने का दावा किया जाता है।

कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

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