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संस्कृति

मध्यप्रदेश की आनंद की नगरी : मांडू

मांडव या मांडू, शहर विंध्य पर्वत की श्रृंखला और नर्मदा नदी के किनारें बसा है ।

जहाज महल जहाज की आकृति में दो कृत्रिम तालाबों के बीच स्थित हैं(wikimedia commons)

मध्यप्रदेश राज्य में कई पर्यटक स्थल है लेकिन उनमे एक प्रमुख पर्यटक स्थल मांडव है , यह पर्वतीय नगर धार जिले में आता है ।मांडू धार से लगभग 35 किमी और इंदौर से लगभग 100 किमी दूरी पर स्थित है । यह मालवा क्षेत्र में स्थित है। यहा की भाषा हिंदी है। मांडव या मांडू, शहर विंध्य पर्वत की श्रृंखला और नर्मदा नदी के किनारें बसा है । मांडू में पर्यटक के लिए कई प्रमुख जगह है । यह शहर बाजबाहदुर और रानी रूपमती के प्रेम की निशानी है । साथ ही इसका विकास होशंगशाह ने भी करवाया था । मुस्लिम शासकों ने इसे शादियाबाद या सिटी ऑफ जॉय करार दिया।

मांडू के प्रमुख पर्यटक स्थल :


मुख्य द्वार :

मांडू नगर में किलो में प्रवेश करने के लिए तीन प्रमुख दरवाजे है जिसमे पहले द्वार- आलमगीर गेट, भंगी गेट और दिल्ली गेट। भंगी गेट के बाद सड़क मार्ग से दिल्ली गेट और गाडी गेट तक जाती है।। यहा पर ऐतिहासिक महत्व की कई पुरानी इमारते हैं। कहा जाता है कि मालवा के राजपूत परमार शासक भी बाहरी आक्रमण से अपनी रक्षा के लिए मांडू को एक बेहद सुरक्षित स्थान मानते थे।


प्रमुख किले :

मांडू में पर्यटकों के लिए देखने लायक बहुत से स्थान हैं, जिनमें हिंडोला महल रानी रूपमती का महल, प्रसिद्ध जहाज महल, अशरफी महल और जामा मस्जिद, प्रमुख हैं। रूपमती का महल और होशंगशाह का मकबरा वास्तुकला के कुछ अनमोल रत्न हैं यहाँ भगवान सुपार्श्वनाथ की श्वेत वर्णी सुंदर प्राचीन प्रतिमा है। इसकी की स्थापना सन् 1472 में की गई थी। यहा कई जैन मंदिर है, जिसके कारण यह जैन धर्मावलंबियों के लिए एक तीर्थ स्थान है। मांडू अपने अद्भुत किले के लिए प्रसिद्ध है। चंपा बावड़ी भी एक आकर्षक स्थल है ।ऐसा माना जाता है कि मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने ताज महल के निर्माण की प्रेरणा केवल होशंगशाह के मकबरे से ली थी। मांडू मानसून में घूमने के लिए आदर्श स्थान है, जब मौसम खुशनुमा होता है और चारों ओर खिलता है। अशरफी महल :अशरफी का अर्थ होता है 'सोने के सिक्के'। इस महल के निर्माण की बात करे तो इसे मोहम्मद खिलजी ने मदरसे के लिए किया था। यहाँ विद्धार्थियों के रहने के लिए कई कमरों का निर्माण भी किया गया था।
जहाज महल :

मांडव का प्रमुख महल है जहाज महल इसका निर्माण 1469 से 1500 ईस्वी के मध्य हुआ था। यह महल जहाज की आकृति में दो कृत्रिम तालाबों कपूर तालाब व मुंज तालाब दो तालाबों के मध्य में बना हुआ है। इसे देख कर एसा लगता है मानों तालाब के बीच में कोई सुंदर जहाज तैर रहा हो।

होशंगशाह की कब्र :

यह भी अद्भुत तरीके से बनी है , जो कि भारत में मार्बल से बनाई हुई ऐसी पहली कब्र है, जिसमें अफगानी शिल्पकला का बेहतर नमूना देखने को मिलता है।

हिंडोला महल :

हिंडोला महल मांडू के खूबसूरत महलों में से एक है। हिंडोला का अर्थ होता 'झूला'। इस महल की दीवारे कुछ झुकी होने के कारण यह महल हवा में झुलते हिंडोले के समान प्रतीत होता है।

\u0939\u093f\u0902\u0921\u094b\u0932\u093e \u092e\u0939\u0932 हिंडोला महल मांडू के खूबसूरत महलों में से एक है(wikimedia commons)


रानी रूपमती महल :

रानी रूपमती के महल को देखे बगैर मांडू दर्शन अधूरा सा है। इस महल का निर्माण बाजबहादुर ने रानी रूपमती के लिए कराया था जो कि365 मीटर ऊँची खड़ी चट्टान पर स्थित ।

बाज बहादुर का महल :

बाज बहादुर के महल का निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ था। इस महल में बड़े बड़े आँगन व हॉल बने हुए हैं। यहाँ से मांडू का सुंदर नजारा देखने को मिलता रहता है। नीलकंठ यहाँ भगवान शिवजी का मंदिर है जिसमें जाने के लिए अंदर सीढ़ी उतरकर जाना पड़ता है। । ऊपर पेड़ों से घिरे तालाब से एक धार नीचे शिवलिंग का अभिषेक करती जाती है।

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पहुंच मार्ग :

मांडू इंदौर के पास होने से हवाई , ट्रेन से भी जुड़ा है , इंदौर यहा से 100 km की दुरी पर बसा है साथ ही आप यहा सड़क मार्ग से बड़ी आसानी से आ जा सकते है ।

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