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मनोरंजन

राम लक्ष्मण ने कई सिंगर्स की आगे बढ़ने में मदद की है!

उनके बारे में सोचने पर जो पहली बात दिमाग में आती है, वह है उनका स्वभाव। वह एक खुशमिजाज और मृदुभाषी इंसान थे: कुमार सानू

दिवंगत कम्पोजर राम लक्ष्मण।(साभार: ट्विटर)

जाने-माने गायक कुमार सानू ने कम्पोजर राम लक्ष्मण के साथ मिलकर कई सारी फिल्मों में काम किया है, जिनमें ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी कई फिल्में शामिल हैं। अपने साथी राम के निधन के बाद राम-लक्ष्मण के तौर पर काम करने वाले लक्ष्मण का शनिवार को निधन हो गया है। इस मौके पर लक्ष्मण उर्फ विजय पाटिल को याद कर कुमार सानू काफी भावुक हो गए। उन्होंने आईएएनएस संग इस पर बात की। गायक ने कहा, “मैंने ‘हम साथ-साथ हैं’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी तीन-चार और फिल्मों में विजय जी के साथ काम किया है, जिन्हें दुनिया राम लक्ष्मण के नाम से जानती है। हमने जिन भी गानों पर साथ में किया है, उनमें से अधिकतर हिट रही हैं।”

वह आगे कहते हैं, “उनके बारे में सोचने पर जो पहली बात दिमाग में आती है, वह है उनका स्वभाव। वह एक खुशमिजाज और मृदुभाषी इंसान थे, जिनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी। उनके बोल हमेशा मीठे होते थे और मैंने कभी भी उन्हें अपना आपा खोते नहीं देखा है। वह एक गजब के इंसान थे। उनका जाना निश्चित रूप से इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। हम बस अब दुआएं मांग सकते हैं ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले।”


बॉलीवुड गायक कुमार सानु।(Wikimedia Commons)

कुमार सानू ने आगे कहा, “वह मुझे कुमार जी के नाम से बुलाते थे। कोई भी गाना सिखाते वक्त वह हमेशा अपने गायकों को सहजता का अनुभव कराते थे। अगर कभी कोई गाना मुझे मुश्किल लगा भी, तो उन्होंने यह कहकर मुझे हिम्मत दी कि ‘कोशिश तो करो, मैं हूँ ना, घबराओ मत। मुझे पता है तुम गा लोगे।’ उनके इसी स्वभाव के चलते वह कलाकारों में काफी मशहूर थे।”

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वह आगे कहते हैं, “वह हमेशा अपने सिंगर्स को साहस दिलाते थे। मुझे अभी भी याद है कि रिकॉडिर्ंग खत्म हो जाने के बाद उनके चेहरे पर एक मुस्कान रहती थीं आज यह सोचकर मुझे काफी दुख हो रहा है कि वह अब नहीं हैं। इंडस्ट्री के प्रति उनका योगदान अपार है। उन्होंने कई शानदार गीतों का तोहफा दिया है और कई सिंगर्स की आगे बढ़ने में मदद की है।”(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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