Saturday, August 15, 2020
Home देश दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के सर्वेक्षण में 93% मुस्लिम महिलाओं ने किया तीन...

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के सर्वेक्षण में 93% मुस्लिम महिलाओं ने किया तीन तलाक कानून का समर्थन

तीन तलाक कानून लागू किये हुए लगभग एक साल हो गए है। मोदी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का शुरुआत में काफी विरोध हुआ लेकिन अब इस फैसले को दिल्ली की 93 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने अपना समर्थन दिया है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट में, 93 फीसदी मुस्लिम महिलाओं ने बताया की तीन तलाक कानून लागू होने से उन्हें नया जीवन मिला है। 

इस सर्वेक्षण को बीते जनवरी-फरवरी माह में, उत्तर पूर्वी दिल्ली के 30 से ज्यादा इलाकों में करीब 600 महिलाओं पर किया गया, जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक कानून को मुखर रूप से अपना समर्थन दिया  है। अध्ययन में शामिल 66.3 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं विवाहित थी। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक , दिल्ली के  उत्तर-पूर्वी जिले में सबसे अधिक 29.34 प्रतिशत मुस्लिम आबादी निवासरत है।

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने जारी की रिपोर्ट

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान  ने 16 जुलाई को इस रिपोर्ट को जारी करते हुए कहा कि तीन तलाक का कुछ अज्ञानी मुस्लिम पुरुषों ने गलत इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अध्ययन के दौरान शामिल होने वाली ज्यादातर मुस्लिम महिलाओं का मानना था की मुस्लिम पुरुषों द्वारा किया जाने वाला एक से ज्यादा विवाह भी गलत है, और इस पर रोक  लगाने का मोदी सरकार एवं उच्चतम न्यायालय का फैसला जनता के हित में है।

आपको बता दें कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चल रहा है। जाफ़रूल इस्लाम ने अभी हाल ही अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि देश में मुस्लिमों का शोषण किया जा रहा है। आगे उन्होंने ये भी लिखा था की, जिस दिन भारत के मुसलमानों ने अरब देशों से उनपर हो रहे शोषण की शिकायत कर दी तो देश में जल जला आ जाएगा।

शत् प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के विरोध में

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भी अपने रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि देश की 100 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं इस कुरीति के विरोध में हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता यासिर जिलानी का कहना है की यह अध्ययन काफी हद तक सही है। उन्होंने दो टुक शब्दों में डीएमसी अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान को अपना मन साफ रखने की सलाह दी है। आगे जिलानी ने ये भी कहा की ऐसे लोग ही मुस्लिम समाज के सुधार एवं देश के सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने में अटकलें पैदा करते हैं।

POST AUTHOR

जुड़े रहें

5,783FansLike
0FollowersFollow
152FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

रियाज़ नाइकू को ‘शिक्षक’ बताने वाले मीडिया संस्थानो के ‘आतंकी सोच’ का पूरा सच

कौन है रियाज़ नायकू? कश्मीर के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कमांडर बुरहान वाणी 2016 में ...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

“कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया..” के सदाबहार गायक जसपाल सिंह की कहानी

“कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया” इस गाने को किसने नहीं सुना होगा। अगर आप 80’ के दशक से हैं...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

रामायण की अफीम से तुलना करने वाले प्रशांत भूषण लगातार हिन्दू धर्म को करते आयें हैं बदनाम

रामायण पर घटिया टिप्पणी करने वाले वकील प्रशांत भूषण पर इस शुक्रवार सुप्रीम कोर्ट द्वारा करारा तमाचा जड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट...

हाल की टिप्पणी