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देश

नरसिम्हा राव को उचित पहचान नहीं मिली : उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को उनके कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए साहसिक आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश के विकास को गति देने में उनकी प्रमुख भूमिका के बावजूद 'उचित पहचान' नहीं मिली।

उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू । (Wikimedia Commons )

उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को उनके कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए साहसिक आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश के विकास को गति देने में उनकी प्रमुख भूमिका के बावजूद ‘उचित पहचान’ नहीं मिली। उनके कार्यकाल के समय देश एक ‘गंभीर आर्थिक संकट’ और राजनीतिक ‘अनिश्चितता’ से गुजर रहा था। नायडू ने हैदराबाद में एक वरिष्ठ पत्रकार ए. कृष्णा राव द्वारा लिखित ‘विप्लव तापस्वी : पीवी’ नामक एक तेलुगू पुस्तक का विमोचन के दौरान यह बात कही। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से इस तरह की किताबें पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “महान पुरुषों और महिलाओं के बारे में किताबें और स्मरणीय व्याख्यान दूसरों को प्रेरित करने के लिए होते हैं।

नायडू ने कहा कि नरसिम्हा राव ने कई राजनीतिक पंडितों की अपेक्षाओं से आगे बढ़कर काम किया और अपने कार्यकाल में कई चुनौतियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से देश को आगे बढ़ाया। एक भारतीय वकील और राजनीतिज्ञ नरसिम्हा राव ने 1991 से 1996 तक भारत के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने 23 दिसंबर, 2004 को अंतिम सांस ली। यह देखते हुए कि नरसिम्हा राव, एक कुशल प्रशासक थे, उपराष्ट्रपति ने कहा कि हो सकता है कि कई लोग उनकी नीतियों से सहमत नहीं हों, लेकिन उनके द्वारा की गई कुछ व्यापक पहलें देश के हित में थीं।



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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव । (Wikimedia Commons )

नायडू ने कहा कि नरसिम्हा राव ने लाइसेंस राज को हटाकर, बैंकिंग सुधार, बिजली निजीकरण, दूरसंचार आधुनिकीकरण और निर्यात को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कदम उठाए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में सुधारों को भी शुरू किया और खाद्यान्न के परिवहन पर पाबंदी को भी समाप्त कर दिया। नरसिम्हा राव को एक बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताते हुए नायडू ने कहा कि वह एक महान विद्वान, साहित्यकार और बहुभाषी थे। (आईएएनस )

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औषधि शिक्षा और अनुसंधान(Pharmaceutical Education and Research) के छह संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करने और फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान के विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक परिषद का प्रावधान करने वाला एक विधेयक सोमवार को लोकसभा में पारित हो गया।

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (संशोधन) विधेयक, 2021(The National Institute of Pharmaceutical Education and Research (Amendment) Bill, 2021) पर बहस का जवाब दिया। बिल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च एक्ट, 1998 में संशोधन करना चाहता है, जिसके तहत पंजाब के मोहाली में एनआईपीईआर को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया था।

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एक अध्ययन में पता चला की सर्दी-ज़ुखाम वाले व्यक्तियों को भी कोरोना हो सकता है। (Pixabay)

हाल ही में हुए एक अध्ययन(Study) के बाद पता चला है की पूर्ण टीकाकरण करा चुके व्यक्तियों में से एक तिहाई लोग जिन्हे सर्दी-ज़ुखाम जैसे लक्षण थे , वे सच कोविड-19(Covid-19) से संक्रमित हो सकते हैं। एक समाचार वेबसाइट ने बताया की किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर टीम स्पेक्टर के मुताबिक, सर्दी, गले में खराश या नाक बहने जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों को खुद को तब तक आइसोलेट कर लेना चाहिए जब तक उनके अंदर नेगेटिव लक्षण न दिखने लगें।

उन्होंने बताया की लोगों को नाक की गंध चले जाना, खांसी और जुखाम का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। स्पेक्टर ने आगे कहा की हमने अध्ययन के बाद पाया है की 4 लोग जिन्हे सर्दी-जुखाम के लक्षण थे उनमे से 1 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

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आज के समय में लाल टोपी का मतलब सिर्फ लाल बत्ती है-नरेंद्र मोदी। (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे। मौका था 10 हजार करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन करने का, लेकिन प्रधानमंत्री ने मंच का इस्तेमाल विरोधियों पर तंज कसने के लिए किया। समाजवादी पार्टी(Samaajvadi Party) का नाम लिए बिना मोदी ने कहा, 'आज पूरा यूपी अच्छी तरह जानता है कि लाल टोपी(Red Cap) का मतलब लाल बत्ती है। उन्हें आपके कष्टों से कोई लेना-देना नहीं है।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'लाल टोपी वाले लोगों को घोटालों के लिए, अपना खजाना भरने के लिए, अवैध कब्जे के लिए, माफिया को खुली लगाम देने के लिए सत्ता की जरूरत है। लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर दया करनी है, आतंकवादियों को जेल से छुड़ाना है। याद रहे, यूपी के लिए रेड कैप यानी खतरे की घंटी वाला रेड अलर्ट है.'

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