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देश

ग्वालियर में नाथूराम गोडसे की ज्ञानशाला शुरू

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमा मंडित करने का दौर ग्वालियर में जारी है। पहले प्रतिमा स्थापित की गई और अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने ‘गोडसे ज्ञानशाला’ की शुरुआत की है। इस पर पर विपक्षी कांग्रेस ने तंज कसा है। ग्वालियर में दौलतगंज क्षेत्र में अखिल भारतीय हिंदू महासभा का कार्यालय

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमा मंडित करने का दौर ग्वालियर में जारी है। पहले प्रतिमा स्थापित की गई और अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने ‘गोडसे ज्ञानशाला’ की शुरुआत की है। इस पर पर विपक्षी कांग्रेस ने तंज कसा है। ग्वालियर में दौलतगंज क्षेत्र में अखिल भारतीय हिंदू महासभा का कार्यालय है। इस कार्यालय में महासभा के पदाधिकारियों ने ज्ञानशाला की शुरुआत की। इस स्थल पर वीर सावरकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना करने वाले डॉ. हेगडेवार और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र वाले पोस्टर लगाए गए थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, “आज ग्वालियर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद उसकी ज्ञानशाला की शुरुआत हुई, कार्यक्रम स्थल पर बाकायदा श्यामाप्रसाद मुखर्जी, डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार की भी तस्वीरें लगी थीं! प्रदेश सरकार, संघ कबीले व भाजपा की यह नूरा-कुश्ती क्या है?”

यह भी पढ़ें : बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को वापस लाने के लिए योगी सरकार की नई शुरुआत


बताया गया है कि इस ज्ञानशाला में गोडसे से जुड़े साहित्य और अन्य ‘क्रांतिकारियों’ से संबंधित ग्रंथ रखे गए हैं। ज्ञात हो कि इससे पहले भी हिंदू महासभा ने गोडसे की प्रतिमा स्थापित की थी, उसको लेकर काफी हंगामा हुआ था, तब बाद में प्रतिमा को हटा दिया गया था। भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सड़क से लेकर संसद तक में गोडसे को ‘राष्ट्रभक्त’ बता चुकी हैं और हंगामा होने पर बयान वापस ले चुकी हैं। (आईएएनएस)

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भारत का खूबसूरत क्षेत्र कोडाईकनाल।(Unsplash)

भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित कोडाईकनाल एक पर्वतीय नगर है। यह समुद्र तल 2133 मी. की ऊंचाई पर पिलानी नामक पहाड़ पे बसा हैं। ये अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से सब को मनमोहित कर देता है । खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य के कारण इसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता हैं। यहां पर घूमने का मजा तब बढ़ जाता है, जब मानसून दस्तक देता है, क्योंकि इस समय यहां के झरने वादियां और भी खूबसूरत हो जाते हैं। यहां कुरिंजी नामक एक फूल है जो कि 12 वर्षों में खिलता है, जिससे यहां की पहाड़ियों में सुंदरता और निखरती है और इसकी महक मदहोश कर देने वाली होती है। कोडाईकनाल में प्रकृति की सुंदरता अपने तमाम रूपों में नजर आती है। विशाल चट्टान , शांत झील ,फलों के बगीचे और यहां के हरे भरे दृश्य अपनी सुंदरता की कहानियां व्यक्त करते हैं। मानसून में यह जगह जन्नत सी नजर आती है। यहां पर लोग पिकनिक मनाने , घूमने फिरने , या हनीमून के लिए आते हैं।

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देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

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कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

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