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थोड़ा हट के

जलवायु परिवर्तन बन सकता है कैंसर का मुख्य कारण

आज राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस है, और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी धीरे-धीरे अपना दबदबा बढ़ा रही है। कैंसर बीमारी के मुख्य कारण जानने के लिए आप पूरा लेख पढ़ें।

जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदुषण कैंसर खतरा बढ़ा देते हैं। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है कि दुनिया भर में बढ़ते तापमान, जंगल की आग और खराब वायु गुणवत्ता की वजह से जलवायु परिवर्तन से कैंसर, विशेष रूप से फेफड़ों, त्वचा और गेस्टरोइंटस्टिनल कैंसर में उछाल आएगा। द लैंसेट ऑन्कोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने चेताया है कि पराबैंगनी या उल्ट्रावॉयलेट किरणें, हवा में प्रदुषण और खान-पान में मिलावट से कैंसर का खतरा और बढ़ सकता है। 

पत्रिका में आगे लिहा है कि आने वाले वक्त में कैंसर का उपचार और सही स्वास्थ्य प्रणाली एक चुनौती के रूप में उभर कर आने वाली है। अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रमुख लेखक रॉबर्ट ए हयात ने कहा कि, “”दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन को कम करने की लड़ाई में, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को धीमा करने के लिए सही दिशा में नहीं है।” 


जलवायु परिवर्तन का स्वास्थ्य बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है और जल्द कुछ न किया गया तो यह बढ़ते रहने की उम्मीद है। ज़्यादा तापमान, खराब वायु गुणवत्ता और वाइल्डफायर, सांस और हृदय रोगों को बहुत तेजी से बढ़ा देता है। यह बदलाव उन गंभीर बिमारियों को भी न्योता देता है जिससे मृत्यु दर बढ़ने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं, जैसे डेंगू और मलेरिआ। 

यह भी पढ़ें: सावधान! ठण्ड बढ़ा सकती है संक्रमण का खतरा

21वीं सदी में कैंसर को ही मृत्यु का प्रमुख कारण होने की भविष्वाणी की गई है। फेफड़ों के कैंसर, पहले से ही दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का प्राथमिक कारण है, वायु प्रदूषण में पार्टिकुलेट मैटर के बढ़ते जोखिम के परिणामस्वरूप, नए मामलों के 15 प्रतिशत इसी से जुड़ी बीमारी होने का अनुमान है। 

शोधकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि 2050 तक 5 लाख मौतें केवल जलवायु परिवर्तन, कैंसर और खान-पान में बदलाव से होने की आशंका है। कैंसर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के बुनियादी ढांचे में भी बड़े खामियां होने की संभावना है, जो सभी कैंसर को प्रभावित कर सकते हैं। 

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मोहित एरोन हाइपर-कन्वज्र्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर के जनक कहे जाते हैं। मोहित आरोन स्केलेबल निर्माण के क्षेत्र में 15 से अधिक वर्षों के अनुभव के उद्यमी और व्यवसायी हैं। उन्होंने 2009 में न्यूटेनिक्स और 2013 में कोहेसिटी इंक की स्थापना की। बता दें की आज ये दोनों कंपनियां यूनिकॉर्न बन गई हैं।

2018 में डॉ एरोन को राइस विश्वविद्यालय से उत्कृष्ट इंजीनियरिंग पूर्व छात्र पुरस्कार मिला। इसके अगले साल यानि 2019 में उन्हें आईआईटी दिल्ली से विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार भी मिला।

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निहंग सिखों ने दलित लखबीर सिंह की हत्या कर जारी किया था वीडियो (Wikimedia commons)

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अब आपको विस्तार से पूरी घटना बताते हैं। शुक्रवार को सिंधु बॉर्डर पर 35 साल के युवक जिसका नाम लखबीर सिंह है उसका मृत शव मिला। वह एक दलित मजदूर था। लखबीर सिंह की हत्या इतनी बर्बरता से की गई थी कि उसका एक हाथ और एक पैर कटा हुआ पाया गया और सबसे जरूरी बात यह की शव संयुक्त किसान मोर्चा के मंच के पास से मिला था। जिस कारण किसान आंदोलन और किसान नेताओ का कटघरे में खड़े होना तो तय हैं।

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