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देश

“2020 ने हमें सिखाया है कि पुरानी सीमाओं में बंधे होने का समय समाप्त हो गया है”

श्री अरविंदो सोसाइटी द्वारा आयोजित वर्चुअल 'राष्ट्रीय सम्मेलन-शून्य से सशक्तीकरण' कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने कई शिक्षकों को सम्मानित किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल। (PIB)

40 से अधिक शिक्षा अधिकारियों को उनकी नेतृत्वकारी भूमिका के लिए और 26 शिक्षकों को उनके नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शिक्षकों को सम्मानित किया। मंगलवार को श्री अरविंदो सोसाइटी द्वारा आयोजित वर्चुअल ‘राष्ट्रीय सम्मेलन-शून्य से सशक्तीकरण’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इन सभी शिक्षकों को सम्मानित किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इनोवेशन एंड लीडरशिप केसबुक-कोविड एडिशन का विमोचन भी किया। इन ई-पुस्तकों में शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों के प्रयासों और कार्यो का संकलन है।

अरविंदो सोसाइटी के कार्यकारी सदस्य विजय पोद्दार, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के ग्लोबल एजुकेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉड स्मिथ भी कार्यक्रम से जुड़े।


इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा, “यह हर्ष का विषय है कि श्री अरविंद सोसाइटी और एचडीएफसी बैंक के अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की दृष्टि के साथ संरेखित हैं। वर्ष 2020 ने हमें सिखाया है कि पुरानी विधियों और सीमाओं में बंधे होने का समय समाप्त हो गया है। शिक्षा में गुणात्मक सुधार की आवश्यकता है। असंख्य आशाओं को साकार करने के लिए, हमें शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने होंगे। हमें नई लीग पर आगे बढ़ना होगा, नए दृष्टिकोण अपनाने होंगे और अपनी वर्तमान पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 इस दिशा में हमारा ठोस कदम है।”

यह भी पढ़ें – नई शिक्षा नीति में वेद, पुराण, आयुर्वेद का ज्ञान फिर से स्थापित होगा : शिक्षाविद

उन्होंने श्री अरविंदो सोसाइटी के ‘शिक्षा में शून्य में नवाचार’ कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “इस तरह के प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यदि कक्षा में शिक्षा को रोचक और अनुभवात्मक बनाना है, तो नवाचारों को आधार बनाकर कार्य करना आवश्यक है। अनुभवात्मक शिक्षण वर्तमान समय की मांग है। विद्यार्थियों को अगर प्रारंभिक कक्षाओं से ही आनुभविक शिक्षण प्राप्त होने लगता है, तो उनकी सीखने की इच्छा और प्रश्न करने की जिज्ञासा बढ़ती है। जिज्ञासु विद्यार्थी निरंतर सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं, जिसका लाभ उन्हें जीवनभर मिलता है।”

उन्होंने बताया कि श्री अरविंदो सोसाइटी के ‘शिक्षा में शून्य में नवाचार’ कार्यक्रम के अंतर्गत देश के 300 जिलों में प्रत्येक जिले के 15 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्य तेजी से चल रहा है। यह आदर्श विद्यालय राज्य ही नहीं, देश के लिए मिसाल होंगे कि जब संकल्प पक्का हो तो सिद्ध अवश्य होता है।

यह भी पढ़ें – वैदिक काल से प्रेरणा लेकर शिक्षा के वैश्वीकरण की तैयारी

इसके अलावा उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करना है। इसकी शुरूआत मूलभूत स्तर पर, प्रारंभिक कक्षाओं से करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण देने की आवश्यकता है, जहां वे अपने विशेष गुणों को पहचानें और निखारें। (आईएएनएस)

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लगभग एक साल से चल रहा है किसान आंदोलन।(Wikimedia Commons)

लगभग एक साल से जारी किसान आंदोलन(farmers protest) जिस उद्देश्य के लिए हुआ था वह उद्देश्य की पूर्ति तो हो गई है। लेकिन आज हम लोग इस बात पर नजर डालेंगे कि इस आंदोलन के कारण देश को कितना नुकसान उठाना पड़ा। आज कैट द्वारा यह जानकारी साझा की गई कि, इस आंदोलन के चलते अब तक करीब 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ है। कैट ने कहा की, नुकसान के आंकड़े विभिन्न राज्यों से सीएआईटी की अनुसंधान शाखा द्वारा प्राप्त इनपुट पर आधारित हैं।

दरअसल देश भर के विभिन्न राज्यों से प्रतिदिन लगभग 50 हजार ट्रक माल लेकर दिल्ली(Delhi) आते हैं और करीब 30 हजार ट्रक दिल्ली से दूसरे राज्यों में माल ढोते हैं, क्योंकि दिल्ली न तो एक कृषि प्रधान राज्य है और न ही एक औद्योगिक राज्य, इसे अपने सदियों पुराने व्यापार के वितरणात्मक स्वरूप को बनाए रखने के लिए माल की खरीद-बिक्री पर निर्भर रहना पड़ता है और इसलिए दिल्ली किसान आंदोलन का प्रमुख पीड़ित है।

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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