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लॉकडाउन में हुए शिक्षा के नुकसान को कम करने के लिए डिस्टेंस लर्निंग कोर्स

सरकार ने हाल के लॉकडाउन अवधि में छात्रों की शिक्षा के नुकसान को कम करने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई और लागू की हैं।

ऑन-लाइन मोड स्टडी फॉर स्टूडेंट्स(pixabay)

सरकार ने हाल के लॉकडाउन अवधि में छात्रों की शिक्षा के नुकसान को कम करने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई और लागू की हैं। लॉकडाउन अवधि के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अधिक संस्थानों को ओपन और डिस्टेंस लर्निंग कोर्स की पेशकश करने की अनुमति देने के लिए मानदंडों में ढील दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को एक लिखित जानकारी के माध्यम से राज्यसभा को दी। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) के स्कोर और विश्वविद्यालयों की रैंकिंग 2020 में अधिक विश्वविद्यालयों को शामिल करने के लिए संशोधित यूजीसी (मुक्त और दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम और ऑनलाइन कार्यक्रम) विनियम, 2020 को अधिसूचित किया है। नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के तहत यह मानदंड। ये विवरण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रबंधन और संबद्ध क्षेत्रों, कंप्यूटर अनुप्रयोगों, कृत्रिम जैसे पाठ्यक्रमों के लिए तकनीकी संस्थानों द्वारा ओडीएल और ऑनलाइन शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने के मानदंडों को शिथिल करने के लिए मार्च, 2021 में व्यापक दिशानिर्देश अधिसूचित किए हैं।


42 नए विश्वविद्यालयों (ऑन-लाइन मोड) और 51 संस्थानों (ओडीएल और ऑनलाइन मोड) को क्रमश विभिन्न कार्यक्रमों की पेशकश करने की अनुमति दी गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने भी छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए अक्टूबर, 2020 से जून, 2021 तक विभिन्न राज्यों में 583 नए अध्ययन केंद्र खोले।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पीएम विद्या नामक एक व्यापक पहल शुरू की गई है जो शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस को सक्षम करने के लिए डिजिटल,ऑनलाइन, ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करती है।

यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने 6,696 शिक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र, बोले अवैध कमाई बंद तो कुछ लोग युवाओं को कर रहे गुमराह

इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय द्वारा विभिन्न डिजिटल पहल की जा रही हैं। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक्टिव-लनिर्ंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स (स्वयं), स्वयं प्रभा, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी (एनडीएल), वर्चुअल लैब, ई-यंत्र, फ्री ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर फॉर एजुकेशन (एफओएसएसईई) आदि की शुरूआत की गई है।(आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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