'बांग्लादेशी खिलाड़ी और गद्दार का टैग', शाहरुख़ खान का विवादों से है पुराना नाता, इन 5 मामलों में जमकर हुई थी किरकिरी

शाहरुख़ खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को ख़रीदा है। उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेता संगीत सोम ने कहा कि शाहरुख़ जैसे गद्दारों को समझ लेना चाहिए कि आज वो जहाँ हैं, वहां उन्हें भारत की जनता ने ही पहुंचाया है।
तस्वीर में एक तरफ शाहरुख़ खान, तो दूसरी तरफ बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान
इन 5 विवादों में बुरी तरह घिरे थे शाहरुख़ खान X
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Summary

  • KKR द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिज़ुर रहमान को खरीदने पर शाहरुख़ पर “ग़द्दारी” के आरोप लगे

  • बीजेपी नेता संगीत सोम ने शाहरुख़ को “गद्दार” कहा और खिलाड़ी को रोकने की धमकी दी

  • आतंकी हाफ़िज़ सईद ने शाहरुख़ को पाकिस्तान आने का ऑफर दिया

'ग़द्दारी' एक ऐसा शब्द है, जो सिर्फ़ विश्वासघात नहीं बल्कि भरोसे की हत्या को बयान करता है, और जब यह सत्ता, व्यवस्था या अपने ही लोगों के बीच जन्म लेता है, तो इसके असर दूर तक महसूस होते हैं। देश में आजकल 'ग़द्दारी' शब्द काफी ट्रेंडिंग चल रहा है और इसके बाद बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) से जुड़े हुए हैं।

हुआ दरअसल यह है कि शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को ख़रीदा है। अब बांग्लादेश में जिस प्रकार से हिन्दुओं पर जुल्म हो रहे हैं, उसको जानने के बावजूद जब शाहरुख़ की टीम ने मुस्तफिजुर को ख़रीदा, तो उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेता संगीत सोम का गुस्सा फूट गया।

उन्होंने कहा कि अगर रहमान जैसे खिलाड़ी भारत में खेलने आए, तो वे एयरपोर्ट से बाहर भी नहीं निकल पाएंगे। शाहरुख़ जैसे गद्दारों को समझ लेना चाहिए कि आज वो जहाँ हैं, वहां उन्हें भारत की जनता ने ही पहुंचाया है।

इसी बात को लेकर शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) काफी ट्रेंडिंग में चल रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं, बॉलीवुड के बादशाह का विवादों से पुराना नाता है। ऐसे में आज हम आपको उन 5 मामलों के बारे में बताएंगे, जिनपर काफी किरकिरी हुई थी।

भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करते शाहरुख़!

मामला 2013 का है। जब एक्टर शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) ने लोकल मैगज़ीन आउटलुक टर्निंग पॉइंट्स के लिए एक खान होने नाते (Being a Khan) नाम से एक आर्टिकल लिखा, तो भारत में मुस्लिम होने पर उनकी टिप्पणियों पर उम्मीद से कहीं ज़्यादा ज़ोरदार प्रतिक्रिया हुई।

उन्होंने आर्टिकल में लिखा था कि कभी-कभी मैं अनजाने में उन राजनीतिक नेताओं का निशाना बन जाता हूँ जो मुझे उन सभी चीज़ों का प्रतीक बनाते हैं जो उन्हें भारत में मुसलमानों के बारे में गलत और देशद्रोही लगती हैं। कई रैलियों में नेताओं ने मुझसे अपना घर छोड़कर उस जगह लौटने को कहा है जिसे वे मेरा 'असली वतन' (पाकिस्तान) कहते हैं।

उनके इस आर्टिकल के बाद लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज़ सईद ने बयान दिया कि यदि शाहरुख “भारत में असुरक्षित महसूस करते हैं”, तो वे पाकिस्तान आकर बस सकते हैं और वहाँ सम्मान के साथ रह सकते हैं।

पाकिस्तान से जब इस तरह का ऑफर आया, तब उन्होंने कहा कि आर्टिकल में कहीं भी ऐसा नहीं कहा गया है या इशारा किया गया है कि मैं भारत में असुरक्षित, परेशान या दुखी महसूस करता हूँ। हम भारत में बहुत सुरक्षित और खुश हैं।

शाहरुख़ खान को कहा गया देशद्रोही!

2013 वाली घटना के बाद साल 2015 में फिर शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) विवादों में आए। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान ये कहा कि देश में असहिष्णुता (intolerance) बढ़ रही है। उस समय भारत में अवॉर्ड वापस करने का दौर चल रहा था।

ऐसे में अपने 50वें जन्मदिन पर NDTV को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि धार्मिक असहिष्णुता और सेक्युलर न होना, यह सबसे बुरा अपराध है जो आप एक देशभक्त के तौर पर कर सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या असहिष्णुता है, तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि असहिष्णुता है, बहुत ज़्यादा असहिष्णुता है।

इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर "देशद्रोही" कहा गया था, और उनकी फिल्म 'दिलवाले' का भारी विरोध हुआ था। कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया था कि "शाहरुख खान रहते भारत में हैं, पर उनकी आत्मा पाकिस्तान में बसती है।" यह सीधा 'एंटी-इंडिया' आरोप था लेकिन बाद में उन्होंने अपना ट्वीट वापस ले लिया था।

वहीं, योगी आदित्यनाथ (जो उस समय सांसद थे), उन्होंने शाहरुख़ की तुलना पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद से कर दी थी जबकि विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने उन्हें "पाकिस्तानी एजेंट" तक कह दिया था। यह सब 2015 के बयानों के बाद हुआ था।

शाहरुख़ ने पाक प्लेयर्स के लिए दिखाई हमदर्दी

ये मामला 2010 का है। उससे 2 साल यानी 2008 में भारत में मुंबई आतंकी हमला हुआ था, जिसे 26/11 के नाम से हम जानते हैं। इस घटना के बाद से ही भारत-पाक के रिश्ते में खटास ज्यादा आई थी। वहीं, देश में IPL के तीसरे सीजन को लेकर भी तैयारी चल रही थी। उस समय पाकिस्तान की टीम 'T20 वर्ल्ड चैंपियन' थी, लेकिन राजनीतिक तनाव के कारण IPL की किसी भी फ्रेंचाइजी ने एक भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को नहीं खरीदा।

विवाद तब शुरू हुआ जब नीलामी के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मालिक शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) ने एक इंटरव्यू में यह कह दिया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों का लीग में न होना "दुर्भाग्यपूर्ण" है। उनका कहना था कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए और पाकिस्तानी खिलाड़ी दुनिया के बेहतरीन T20 खिलाड़ी हैं, इसलिए उन्हें मौका मिलना चाहिए था।

शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) का इतना कहना था कि शिव सेना का विरोध शुरू हो गया। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शाहरुख की कड़ी आलोचना की गई। उन पर आरोप लगाया गया कि उन्हें "भारत से ज्यादा पाकिस्तान की चिंता है।" शिव सेना के नेताओं ने उन्हें "देशद्रोही" करार दिया और मांग की कि शाहरुख अपने बयान के लिए माफी मांगें।

उस समय शाहरुख़ की फिल्म माय नेम इज़ खान (My Name is Khan) 12 फरवरी 2010 को रिलीज़ होने वाली थी लेकिन शिवसेना ने धमकी दी कि अभिनेता माफ़ी मांगे, नहीं तो मुंबई और महाराष्ट्र में फिल्म को रिलीज़ नहीं होने देंगे। शिव सैनिकों ने कई सिनेमाघरों पर हमले किए, फिल्म के पोस्टर फाड़े और शाहरुख के घर 'मन्नत' के बाहर प्रदर्शन किया लेकिन शाहरुख ने यह कहते हुए माफ़ी नहीं मांगी कि मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है, इसलिए मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैं भारतीय हूँ और पनी देशभक्ति साबित करने की जरूरत नहीं है।

अंत में महाराष्ट्र सरकार ने सिनेमाघरों की सुरक्षा बढ़ाई और तब जाकर फिल्म रिलीज हुई लेकिन बाल ठाकरे और शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) के रिश्ते में काफी दरार आ गई थी।

शाहरुख़ ने किया तिरंगे का अपमान!

यह मामला साल 2011 जब टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप का ख़िताब जीता था। 2 अप्रैल 2011 को जब पूरा देश जश्न मना रहा था, तब शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) भी अपनी खुशी जाहिर करने के लिए मुंबई में अपनी कार की छत पर चढ़ गए और हाथों में तिरंगा लहराने लगे।

उस समय मामले ने तूल नहीं पकड़ी लेकिन करीब 1 साल के बाद अगस्त 2012 में पुणे के एक सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र ब्रह्म ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि उन्होंने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा है जिसमें शाहरुख ने तिरंगे को उल्टा पकड़ा हुआ था (यानी हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे)। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है।

पुलिस ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम' के तहत मामला दर्ज किया लेकिन घटना घटना मुंबई की थी, तो पुणे पुलिस ने केस को मुंबई पुलिस के पास भेज दिया। जब जांच हुआ, तब पता चला कि जो कुछ भी हुआ, वो जश्न की भागदौड़ और शोर-शराबे में हुआ था। ये अनजाने में गलती हुई थी, ना कि जानबूझकर की गई गलती थी। इसलिए इस मामले में कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई या सजा नहीं हुई।

'रईस' और माहिरा खान विवाद

घटना साल 2016 की है जब देश में उरी हमला हुआ था और इसमें करीब 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद देश में पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त गुस्से का माहौल था और आम जनता के साथ कई राजनीतिक दल मांग कर रहे थे कि पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम नहीं मिलना चाहिए लेकिन उसी समय शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) की फिल्म रईस रिलीज होने को तैयार थे। परेशानी यह थी कि इसमें मुख्य अभिनेत्री माहिरा खान थीं, जो एक पाकिस्तानी एक्ट्रेस हैं।

राज ठाकरे की पार्टी MNS (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने धमकी दी थी कि "जब हमारे जवान सीमा पर शहीद हो रहे हैं, तब हम पाकिस्तानी कलाकारों वाली फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चलने देंगे।" महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सिनेमाघरों में तोड़फोड़ की चेतावनी भी दी थी।

बता दें कि मामला इतना बढ़ गया कि फिल्म को बचाने के लिए शाहरुख खान को खुद राज ठाकरे के घर जाकर उनसे मिलना पड़ा। उस मीटिंग में एक समझौता हुआ। शाहरुख ने भरोसा दिलाया कि माहिरा खान फिल्म के प्रमोशन के लिए भारत नहीं आएंगी और भविष्य में वे पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे। इस शर्त के बाद ही MNS ने अपना विरोध वापस लिया और 2017 में फिल्म शांति से रिलीज हो पाई।

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