

दिल्ली पुलिस की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों की पहचान सलमान पुत्र कबीर और सलमान पुत्र उस्मान के रूप में हुई है। दोनों आरोपी एटीएम मशीनों से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने की घटनाओं में शामिल थे और अवैध हथियारों के साथ वारदात को अंजाम देते थे।
अपराध (Crime) पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किशनगढ़ थाना पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल अपराधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 1 जनवरी को इलाके में गश्त के दौरान हेड कांस्टेबल सुभाष और हेड कांस्टेबल हितेंद्र ने एक संदिग्ध व्यक्ति को घूमते हुए देखा। पुलिस टीम को देखकर वह व्यक्ति भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान आरोपी सलमान पुत्र कबीर (Salman Son Kabir) के पास से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। मामले की जानकारी तुरंत ड्यूटी ऑफिसर को दी गई, जिसके बाद एसआई कमल चौधरी पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इस संबंध में थाना किशनगढ़ में एफआईआर संख्या 02/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी सलमान पुत्र कबीर ने एटीएम फ्रॉड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपने साथी सलमान पुत्र उस्मान का नाम उजागर किया, जिसने उसे अवैध हथियार उपलब्ध कराया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सह-आरोपी सलमान पुत्र उस्मान को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसके कब्जे से दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एटीएम मशीनों के कैश डिस्पेंसिंग शटर में छोटे धातु के जामिंग क्लिप लगा देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने की कोशिश करता, तो उसके खाते से रकम कट जाती थी, लेकिन जामिंग डिवाइस के कारण नकदी बाहर नहीं निकल पाती थी। ग्राहक इसे तकनीकी खराबी समझकर बैंक से रिफंड मिलने की उम्मीद में एटीएम छोड़ देता था। इसके बाद आरोपी जामिंग क्लिप हटाकर मशीन के भीतर फंसी नकदी निकाल लेते थे। वारदात के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए आरोपी अवैध हथियार साथ रखते थे।
आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस, ₹12,700 नकद और चार एटीएम जामिंग धातु क्लिप और एटीएम शटर तोड़ने/खोलने में इस्तेमाल किया गया एक पेचकस बरामद किया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी इससे पहले कितनी एटीएम फ्रॉड (Fraud) की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है।
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