DGCA ने एयर इंडिया पर यूरिनेशन के मामले में लगाया 30 लाख का जुर्माना

विमानन नियामक DGCA ने फ्लाइट में यूरिनेशन मामले में एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है।
शंकर मिश्रा, एयर इंडिया फ्लाइट के यूरिनेशन मामले का दोषी 

शंकर मिश्रा, एयर इंडिया फ्लाइट के यूरिनेशन मामले का दोषी 

शंकर मिश्रा (IANS)

न्यूज़ग्राम हिंदी:  विमानन नियामक DGCA ने फ्लाइट में यूरिनेशन मामले में एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, नियामक ने 26 नवंबर, 2022 को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने के लिए एयर इंडिया की डायरेक्टर-इन-फ्लाइट सर्विसेज पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

इससे पहले एयरलाइन ने आंतरिक समिति की एक रिपोर्ट के आधार पर कथित आरोपी शंकर मिश्रा को चार महीने के लिए उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया।

डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को न्यूयॉर्क से नई दिल्ली जाने वाली एआई-102 उड़ान में यात्री दुर्व्यवहार की घटना की जानकारी 4 जनवरी, 2023 को मिली, जिसमें एक पुरुष यात्री ने नशे की हालत में कथित तौर पर एक महिला यात्री पर पेशाब किया था।"

अधिकारी ने बताया कि डीजीसीए ने एयर इंडिया के जवाबदेह प्रबंधक, एयर इंडिया के डायरेक्टर इन-फ्लाइट सर्विसेज, उस उड़ान के सभी पायलटों और केबिन क्रू सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि क्यों न उनके नियामक दायित्वों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। एयर इंडिया और इसमें शामिल कार्मिकों के लिखित उत्तर की जांच की गई।

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एयर इंडिया में दिन प्रतिदिन बढ़ती अनियंत्रित व्यवहार की घटनाएं, यात्री ने किया सहयात्री पर पेशाब


तदनुसार, मामले में प्रवर्तन कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को नियामक ने कहा, "लागू डीजीसीए नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के उल्लंघन के लिए एयर इंडिया पर 30,00,000 रुपये का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है। विमान नियम, 1937 के नियम 141 और लागू डीजीसीए नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने के कारण उक्त उड़ान के पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस तीन महीने की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। और, लागू डीजीसीए नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने के लिए एयर इंडिया के डायरेक्टर-इन-फ्लाइट सर्विसेज पर 3,00,000 रुपये का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है।"

एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह नियामक और अन्य एयरलाइंस को तदनुसार सूचित करेगी। "यात्री को पहले ही एयरलाइन की 'नो फ्लाई लिस्ट' में डाल दिया गया है। एयर इंडिया ने डीजीसीए के साथ आंतरिक समिति की रिपोर्ट की एक प्रति साझा की है और देश में संचालित अन्य एयरलाइनों को भी सूचित किया जाएगा।"

फिलहाल यह मामला कोर्ट में है और पिछले कुछ दिनों में इसमें कई मोड़ आए हैं। शंकर मिश्रा को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

--आईएएनएस/VS

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