

पुलिस के अनुसार पीड़िता की पहचान प्रीमा संजीवा पुजारी (Prema Sanjiva Pujari) (66) के रूप में हुई है, जो पिछले 25 वर्षों से कांदिवली पश्चिम में अपने परिवार के साथ रह रही हैं। वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थीं। जब वह डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ से गुजर रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और उनसे कहा कि पीछे कोई उन्हें बुला रहा है।
इसी दौरान पीछे खड़े दूसरे आरोपी ने महिला को डराते हुए कहा कि आगे गहनों के लिए चाकू मारकर हत्या की गई है। उसने यह कहकर भय का माहौल बना दिया कि उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें अपने गहने तुरंत उतार लेने चाहिए। महिला ने जब इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए भरोसा दिलाया।
आरोपियों (Accused) ने महिला को एक काली प्लास्टिक की थैली दी और कहा कि वह अपने सारे गहने उसमें रख दे। डर और भ्रम की स्थिति में आकर महिला ने अपने सभी सोने के गहने थैली में रख दिए। इसके बाद आरोपियों ने थैली उन्हें लौटाई और सुरक्षित रखने की सलाह देकर मौके से फरार हो गए।
कुछ ही देर बाद महिला को शक हुआ। जब उन्होंने थैली खोलकर देखी तो उसमें कुछ भी नहीं था। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता के अनुसार इस वारदात में तीन आरोपी शामिल थे। दो आरोपी सीधे महिला से बातचीत कर रहे थे, जबकि तीसरा थोड़ी दूरी पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। तीनों ने पुलिस होने का नाटक कर महिला का भरोसा जीत लिया।
घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी और कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी (Fraud) का मामला दर्ज कर लिया है। मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
मुंबई पुलिस का कहना है कि नागरिक, खासकर बुजुर्ग, किसी भी व्यक्ति पर जो खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताए, बिना पहचान पत्र देखे भरोसा न करें। किसी भी हाल में गहने या कीमती सामान अजनबियों को न सौंपें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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