Jodhpur Clashes: अशोक गहलोत सरकार में कुछ दिनों में सांप्रदायिक दंगे की 2 बड़ी घटना

Jodhpur Clashes: अशोक गहलोत सरकार में कुछ दिनों में सांप्रदायिक दंगे की 2 बड़ी घटना
जोधपुर में हुए सांप्रदायिक हिंसा का दृश्य।(साभार- सोशल मीडिया)

आज पूरे देश भर में अक्षय तृतीया और ईद का त्यौहार जोर शोर से मनाया गया। लेकिन राजस्थान के जोधपुर में सांप्रदायिक (Jodhpur Clashes) तनाव ने इस बीच एक नया विवाद शुरू कर दिया है। क्या तथाकथित 'शांतिप्रिय समुदाय' देश में शांति नहीं चाहता है? क्या कोई देश को दंगो की आग में झोंक रहा है?

Jodhpur Clashes क्यों हुआ था यह विवाद?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद सोमवार के दिन आधी रात को शुरू हुआ था, जब जोधपुर में अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने जालोरी गेट के पास एक चौराहे पर धार्मिक झंडे को लगाया था। बता दें कि यह झंडा स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर लगाया गया था, जिस वजह से हिंदू समुदाय ने आपत्ति जताई थी।

हिन्दुओं ने यह आरोप लगाया है कि परशुराम जयंती के दिन लगाए गए उनके भगवा ध्वज को हटाकर मुस्लिमों ने अपना धर्म विशेष झंडा लगाया था जिससे यह विवाद शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है।

निजी सम्पत्ति को पहुंचाया गया नुकसान

बता दें कि मंगलवार सुबह जालोरी गेट के पास ईद के नमाज के बाद लोगों ने वहां खड़े वाहनों पर पथराव किया उसमें आगजनी की और वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए कई जगहों पर बुधवार मध्य रात्रि तक कर्फ्यू लगाया गया है।

यह भी पढ़ें: शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाने में भूमिका निभाएंगी क्षेत्रीय भाषाएं-अमित शाह

अशोक गहलोत सरकार के शासन में बीते कुछ दिनों में यह दूसरी बड़ी सांप्रदायिक हिंसा की घटना है। इससे पहले करौली में एक ऐसे ही सांप्रदायिक हिंसा को शांतिप्रिय समुदाय ने बढ़ावा दिया था।

इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से शांति की अपील की है। साथ ही प्रशासन से यह भी कहा है कि जोधपुर शहर में शांति बनी रहे। कई जगहों पर कर्फ्यू भी लगाया गया है और साथ ही इंटरनेट सेवा भी बंद की गई है।

Related Stories

No stories found.
hindi.newsgram.com