

ओडिशा (Odisha) सतर्कता विभाग ने रविवार को राज्य पुलिस के एक सीनियर इंस्पेक्टर को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया। उन्हें लाइसेंस प्राप्त शराब विक्रेता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। आरोपी बिजय कुमार बारिक वर्तमान में कटक के सीआरआरआई पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। विक्रेता ने सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बारिक बार-बार अलग-अलग मौकों पर अनुचित वित्तीय सहायता की मांग कर रहा था। लगातार बढ़ती रकम को चुकाने में असमर्थ होने पर विक्रेता ने सतर्कता विभाग से संपर्क किया।
शिकायत के आधार पर सतर्कता अधिकारियों ने रविवार को जाल बिछाया और भुवनेश्वर के राजमहल चौक पर विक्रेता से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए बारिक को रंगे हाथों पकड़ा गवाहों की मौजूदगी में बारिक के पास से पूरी रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है। जाल बिछाने के बाद भुवनेश्वर के यूनिट-1 स्थित बारिक के सरकारी आवास और कटक स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एक साथ तलाशी ली गई।
भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ताओं ने बारिक के सरकारी आवास और कार्यालय कक्ष की तलाशी के दौरान भुवनेश्वर के सिसुपालगढ़ में एक तिमंजिला इमारत, केंद्रपाड़ा जिले के डेराबिस में नवनिर्मित दो मंजिला इमारतों के कागज और 4,96,120 रुपए नकद जब्त किए।
इस संबंध में सतर्कता प्रकोष्ठ पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को राज्य सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान जारी रखने का निर्देश देते हुए कहा कि ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त (Corruption-Free) बनाने और एक ऐसा उदाहरण पेश करने का समय आ गया है जो सरकारी अधिकारियों को भ्रष्ट आचरण में लिप्त होने से रोकेगा।
2025 में सतर्कता टीमों ने राज्य भर में 487 स्थानों पर छापे मारे और अनुपातहीन संपत्ति और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की। इस कार्रवाई के तहत भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों से जुड़े 1,199 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। इन अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें 153 इमारतें, 417 भूखंड, 12 फार्महाउस और 18.3 किलोग्राम सोना शामिल हैं।
(PO)