प्रशांत किशोर ने बनाई थी I-PAC, अब ED ने कसा शिकंजा, जानिए कैसे काम करती है ये कंपनी?

I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन (Prateek Jain) के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का छापा पड़ चुका है।
इस फोटो में ममता बनर्जी को देखा जा सकता है|
I-PAC पर ED ने कसा शिकंजा|x
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पश्चिम बंगाल (West Bengal) चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे नित नए विवाद उभरकर सामने आ रहे हैं। इसी बीच बड़ी खबर निकलकर आ रही है, कि I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन (Prateek Jain) के घर पर प्रवर्तन निदेशालय ईडी (ED) का छापा पड़ चुका है। यह छापा विवाद का विषय इसलिए बन चुका है, क्योंकि प्रतीक फिलहाल ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के लिए काम कर रहे हैं तथा उनकी पार्टी के लिए रणनीति बनाने का काम भी कर रहे हैं।

इसी बीच ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) प्रतीक के घर और साल्टलेक (Salt Lake) स्थित ऑफिस भी पहुंची। ममता बनर्जी ने बीजेपी और अमित शाह पर जमकर जुबानी हमला किया और उनपर आरोप भी लगाए, कि बीजेपी के इशारे पर अधिकारी उनकी पार्टी के कुछ जरुरी फाइलों को जब्त करने की कोशिश भी कर रहे थे। वो अपनी फाइलों को बचाने में सफल रहीं। उन्होंने इसी बीच (SIR) का हवाला देते हुए भी अमित शाह और बीजेपी को घेरा और बोलीं कि उनसे देश नहीं संभल रहा है और वो केवल विपक्षी दलों को डरा धमकाकर चुनावों में सफलता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल का चुनाव साल 2026 में होने वाला है, जिसके लिए सभी राजनितिक दलों ने कमर कस ली है। कोई भी राजनितिक पार्टी एक भी अवसर छोड़ना नहीं चाहती है| बंगाल में वहां की जनता का विश्वास जीतने के लिए सभी दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। देखना यह है, कि किस राजनीतिक दल को जनता का विश्वास हासिल हो पाता है। यह भी चुनाव परिणाम के बाद साफ़ हो जाएगा|इसके लिए राजननीतिक दलों में खींचतान जारी है।

कौन हैं प्रतीक जैन और क्या है I-PAC का मामला?

राजनीतिक रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के साथ में प्रतीक जैन I-PAC में कार्य कर रहे थे। बाद में प्रशांत किशोर ने I-PAC को छोड़ दिया। अभी फिलहाल प्रतीक जैन ही इसको संभालते हैं। वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) से सम्बंधित मामले की जांच करने के क्रम में प्रतीक जैन (Prateek Jain) और I-PAC के ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (ED) ने छापा मारा।

क्या है I-PAC और कैसे काम करती है ये कंपनी?

राजनीतिक रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने साल 2013 के आस-पास लोकसभा चुनाव से पहले इस कंपनी की स्थापना की। यह कंपनी राजनीतिक पार्टियों के लिए रणनीति बनाने तथा उनके डेटा पर काम करती है। बता दें, कि राजनीतिक पार्टियों के पास चुनाव लड़ने तथा उनको सलाह देने के लिए इस तरीके की कम्पनियाँ सलाहकारी भूमिका में कार्य करती हैं।

I-PAC के पूर्व के कार्यों की बात की जाये तो विभिन्न चुनावों में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के लिए ये कंपनी काम कर चुकी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी , कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस तथा अन्य का नाम शामिल है।

[RH/PY]

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