इस तस्वीर में संसद का हॉल दिखाई दे रहा है, जिसमें कई बेंचें और प्रकाश व्यवस्था दिख रही है।
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुआ।Sansad TV

संसद का शीतकालीन सत्र 2025: पाँचवें दिन के लाइव अपडेट्स- सेस विधेयक पर चर्चा जारी, निजी सदस्य विधेयक भी प्रस्तुत

संसद का शीतकालीन सत्र 2025, 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक निर्धारित है। 10 विधेयकों को पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है और दो विधेयक विचार-विमर्श एवं पारित करने के लिए सूचीबद्ध हैं।

वित्त मंत्री सीतारमण ने सेस विधेयक पर भाषण दिया, वहीं राज्यसभा में पॉक्सो संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई।

लोकसभा में ‘हेल्थ सिक्योरिटी व नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025’ पर चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि हानिकारक या अवांछित उत्पाद (Demerit Goods) लोगों की पहुँच से बाहर हों ताकि उनके उपयोग को कम किया जा सके।

फंड के उपयोग और वितरण को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सेस से प्राप्त राशि स्वास्थ्य सेवाओं (जो राज्य का विषय है) और रक्षा क्षेत्र (जो केंद्र के अधीन है) पर खर्च की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व संग्रह सामान्य प्रक्रिया है और राजस्व का उपयोग आवश्यकता के अनुसार किया जा सकता है; विस्तृत आवंटन पर संसद में चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में ‘पॉक्सो (POCSO) संशोधन विधेयक, 2024’ पर विचार और पारित किए जाने पर चर्चा शुरू हुई, जिसे NCP-SCP सांसद फौज़िया खान ने प्रस्तुत किया।

इस तस्वीर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद के भीतर खड़ी होकर बोलती हुई नज़र आ रही हैं।
सांसद फौज़िया खान ने ‘पॉक्सो (POCSO) संशोधन विधेयक, 2024’ को विचार और पारित करने के लिए सदन में प्रस्तुत किया।Sansad TV

लोकसभा में सेस विधेयक पर चर्चा जारी, राज्यसभा में निजी सदस्य विधेयकों पर विचार शुरू

दोपहर 2 बजे पुनः बैठक शुरू होने के बाद, राज्यसभा में निजी सदस्य विधायी कार्य आगे बढ़ा, जिसमें सांसदों द्वारा निजी सदस्य विधेयक विचार एवं पारित करने के लिए प्रस्तुत किए गए।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन राज्यसभा की अध्यक्षता के लिए आगे आते दिख रहे है, उन्होंने सफ़ेद रंग का कुर्ता पहना है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन राज्यसभा की अध्यक्षता करने के लिए सदन में प्रवेश कर रहे हैं।Sansad TV

लोकसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित, राज्यसभा में इंडिगो मुद्दा उठाया गया

लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें कांग्रेस सांसद भजन लाल जाटव ने राजस्थान में कुपोषण की दर पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि सरकार आदिवासी बच्चों में कुपोषण से संबंधित डेटा क्यों उपलब्ध नहीं करा रही है। इसके अलावा तीन अन्य प्रश्न भी उठाए गए— ‘उर्वरकों व कृषि इनपुट पर जीएसटी संरचना का प्रभाव’, ‘लिंगानुपात में गिरावट’, और ‘गैर-संचारी रोगों (NCDs) के आँकड़े’। कुल 20 प्रश्न सूचीबद्ध थे, लेकिन डीएमके सांसदों के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सदस्यों ने “हमें न्याय चाहिए। मत सोइए।” के नारे लगाए। वे तमिलनाडु स्थित अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के भक्तों को दरगाह के पास दीप प्रज्वलन की अनुमति देने संबंधी मद्रास हाई कोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में थे। राज्य सरकार ने यह मुद्दा पहले सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया था।

उधर, राज्यसभा की कार्यवाही कागजात प्रस्तुत किए जाने और एक रिपोर्ट पेश होने के साथ शुरू हुई, जिसके बाद रबर बोर्ड के एक सदस्य के चुनाव हेतु प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद कई सदस्यों ने सदन में पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाए।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इंडिगो उड़ानों की रद्दीकरण से जुड़े मुद्दे को उठाया और कहा कि सदन के कई सदस्य उसी रात यात्रा करने वाले थे। उन्होंने कहा कि यह समस्या कंपनी के एकाधिकार के कारण उत्पन्न हुई है और ‘जिम्मेदार लोगों’ से इसे रोकने व समाधान करने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब दिया कि उन्होंने हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्री से इस मुद्दे पर बात की है और मामले की जाँच की जा रही है।

इसके बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए अनुरोध किया कि सदस्यों द्वारा लाए गए ऐसे पीओसी (PoCs) पर विचार किया जाए। इसके बाद अध्यक्ष ने डीएमके सदस्यों द्वारा नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस खारिज कर दिए, यह कहते हुए कि वे निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसके बाद सदन ने अध्यक्ष की अनुमति से उठाए जाने वाले विषयों पर चर्चा शुरू की।

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 का पाँचवाँ दिन प्रारंभ।

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 के पाँचवें दिन की शुरुआत संसद भवन के बाहर विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के साथ हुई।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने केंद्र से पश्चिम बंगाल को मनरेगा (MGNREGA) फंड जारी करने की मांग को लेकर नारे लगाए। सांसदों ने यह मुद्दा इससे पहले भी सत्र के दौरान उठाया था, जब उन्होंने बताया था कि चार वर्षों के फंड, कुल ₹52,000 करोड़, केंद्र द्वारा रोके गए हैं।

इधर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में रुपये के अवमूल्यन (जहाँ $1 = ₹90 बताया गया) पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया। वहीं डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में “निहित स्वार्थ रखने वाले तत्वों द्वारा तमिलनाडु में भड़काई गई साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति” पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन का नोटिस दिया। अन्य सदस्यों ने भी इंडिगो द्वारा उड़ानों में देरी और रद्द होने के मुद्दे को मीडिया में उठाया।

दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे आरंभ हुई।

राज्यसभा ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित किया; दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित की गई

राज्यसभा ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को ध्वनि मत (वॉयस वोट) से पारित किया। सदन ने दिन की कार्यवाही स्थगित करने से पहले विशेष उल्लेख लिए।

लोकसभा में स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (सेस) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान ही सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस विषय पर चर्चा कल, 5 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे पुनः निर्धारित की गई है।

वित्त मंत्री सीतारामन ने लोकसभा में ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ पेश किया; राज्यसभा ने विधायी कार्यवाही की ओर रुख किया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025’ पेश किया। उन्होंने कहा कि यह उपकर स्वास्थ्य उत्पादों पर नहीं लगेगा, बल्कि केवल पान मसाला जैसे अवगुणी/हानिकारक उत्पादों पर लगाया जाएगा। यह उपकर पान मसाले के उत्पादन से जुड़े उद्योग और मशीनरी पर लागू होगा।

सीतारमण ने कहा, “इस उपकर से हम उम्मीद करते हैं कि पान मसाला की खपत में कमी आएगी। इस उपकर से प्राप्त राजस्व का एक हिस्सा राज्यों को स्वास्थ्य जागरूकता या अन्य स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं/गतिविधियों के माध्यम से दिया जाएगा।”

सदस्यों ने विधेयक के द्विभाषी नाम पर सवाल उठाए और इसे अनावश्यक बताया। उन्होंने यह भी पूछा कि राज्यों को धनराशि वितरण का तरीका क्या होगा। DMK सांसद तामिझाची थंगापांडियन (Thamizachi Thangapandiyan) ने कहा कि उपकर की पूरी वसूली पहले केंद्र द्वारा की जाती है और MSMEs तथा छोटे कारोबारियों को इसका अधिक प्रभाव झेलना पड़ सकता है।

इसी बीच राज्यसभा की बैठक पुनः शुरू हुई, जहाँ केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 लिया गया। चूँकि यह मनी बिल है, इसलिए सदन इस पर चर्चा नहीं कर सकता, केवल समीक्षा कर सुझाव भेज सकता है।

कुछ सदस्यों ने कहा कि यह विधेयक अवैध तंबाकू व्यापार को बढ़ावा दे सकता है। YSRCP सांसद मेदा रघुनंदा रेड्डी ने कहा कि तंबाकू उगाने वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी ज़रूरी होगी ताकि किसान प्रभावित न हों। अन्य सदस्यों ने तंबाकू उत्पादों पर और कड़े नियम लागू करने का सुझाव दिया।

इस तस्वीर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खड़ी हो कर कुछ बोलते हुए नज़र आ रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025’ पेश किया। Sansad TV

'2025 में 3,258 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया': जयशंकर; 'ईवी पंजीकरण ने पेट्रोल और डीज़ल वाहनों को पीछे छोड़ा': गडकरी

राज्यसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत हुई, जिसमें कुल 15 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध थे।
सदस्यों ने 2025 में अमेरिका से भारतीयों की देश-निर्वासन संख्या, उच्च न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायपालिका में रिक्तियों तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर प्रश्न उठाए।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि 2025 में 3,258 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया, और 2009 से अब तक कुल 18,822 भारतीयों को निर्वासित किया गया है।
इसके कुछ देर बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और दोपहर 2 बजे पुनः बैठक का समय तय किया गया।

वहीं, लोकसभा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘इलेक्ट्रिक वाहन की वृद्धि, सुरक्षा और विनियमन’ पर बोलते हुए बताया कि 2024-25 में ईवी पंजीकरण में चार पहिया वाहनों के लिए 20.8% और दोपहिया वाहनों के लिए 33% की बढ़ोतरी हुई।
इसके मुकाबले पेट्रोल और डीज़ल वाहनों के पंजीकरण में चार पहिया श्रेणी में 4.2% और दोपहिया श्रेणी में 14% की वृद्धि दर्ज की गई।

अन्य प्रश्न छात्रवृत्ति, जनजातीय समुदायों के लिए पीएम-जनमन योजना, मुंबई मेट्रो परियोजनाएँ, नागरिक उड्डयन ढाँचा, कच्चे तेल व प्राकृतिक गैस की बढ़ती मांग आदि से जुड़े रहे।

इसके बाद सदन में लोकमहत्व के विषयों पर चर्चा शुरू हुई।

लोकसभा में प्रश्नकाल, राज्यसभा में पत्रों का प्रस्तुतिकरण।

लोकसभा में सदस्यों ने सड़क परिवहन से जुड़े प्रश्न उठाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केरल में हाईवे परियोजनाओं में हो रही देरी पर जवाब दिया। वहीं, कांग्रेस सांसद सेल्या कुमारी ने हरियाणा के गांवों में पेयजल की कमी का मुद्दा उठाया और चंद्रकांत हंडोरे ने बताया कि प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (PMSS) के तहत एससी छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही है। कुल 20 प्रश्न सूचीबद्ध थे। प्रश्नकाल के अंत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कांग्रेस सांसदों द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्तावों को खारिज कर दिया।

राज्यसभा में केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 समीक्षा हेतु पेश किया गया। चूंकि यह मनी बिल है, इसलिए उच्च सदन में इस पर चर्चा संभव नहीं है। इसके बाद कई रिपोर्टें सदन में रखी गईं।

सदन की अध्यक्षता कर रहे सीपी राधाकृष्णन ने नियम 267 का मुद्दा उठाया, जिसके तहत सांसद जरूरी विषयों पर चर्चा के लिए सदन के निर्धारित कार्य को स्थगित करने का प्रस्ताव दे सकते हैं। उनका कहना था कि यह नियम बार-बार उन मुद्दों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जो पहले से सूचीबद्ध हैं।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर जवाब दिया कि, “हमें महत्वपूर्ण विषयों पर तुरंत चर्चा का मौका नहीं मिलता। सरकार मुद्दों से बचती है, इसलिए सदस्यों को नियम 267 का सहारा लेना पड़ता है। लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव की व्यवस्था है, पर राज्यसभा में नहीं। यदि 267 भी हटा दिया गया तो यह नियम व्यर्थ हो जाएगा।”
उन्होंने अंत में कहा, “सब कुछ एक ही बार में न हटाएँ… ऐसा बुलडोज़र मत चलाइए साहब।”

इस पर सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह धारणा नहीं बननी चाहिए कि सरकार चर्चा से बचती है—सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि संसद के दूसरे दिन सर्वदलीय बैठक में उठाए गए विषय पहले ही चर्चा के लिए निर्धारित किए जा चुके हैं।

इसके बाद सदस्यों ने अध्यक्ष की अनुमति से विभिन्न मुद्दे उठाए, जिनमें डॉक्टरों पर बढ़ते हमले, नए श्रम कानून, कुछ फसलों के लिए MSP की कमी आदि शामिल थे।

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 का चौथा दिन प्रारंभ हुआ।

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 के चौथे दिन की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के विरोध में संसद भवन के बाहर विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के साथ हुई।
कई सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे और ‘मौसम का मज़ा लीजिए’ लिखे बैनर दिखाए, जो उत्तर भारत में गिरती वायु गुणवत्ता के बीच प्रधानमंत्री मोदी की हाल की टिप्पणी पर तंज माना गया।

कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दिया, जिसमें प्रदूषण पर तत्काल चर्चा की मांग की गई और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित करने की मांग रखी गई।

तमिलनाडु के विरुधुनगर से सांसद मणिकम टैगोर ने अपने नोटिस में लिखा कि,
“सरकार निष्क्रिय बनी हुई है — कार्रवाई की जगह सलाहें जारी कर रही है, समाधान की जगह समितियाँ बना रही है, और समन्वित राष्ट्रीय रणनीति की जगह केवल नारे दे रही है।”

लोकसभा ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 पारित किया; दोनों सदन स्थगित

दोनों सदन आज के लिए स्थगित कर दिए गए हैं और अब अगली बैठक 4 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे होगी। लोकसभा ने स्थगन से पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 पारित कर दिया। अब यह बिल राज्यसभा को भेजा जाएगा।

केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा समाप्त करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों और बिंदुओं का जवाब देते हुए भाषण दिया।

तंबाकू उत्पादों पर वसूले जाने वाले उत्पाद शुल्क के बंटवारे पर बोलते हुए सीतारमण ने स्पष्ट किया कि राज्यों को इस उपकर (सेस) का 41% हिस्सा मिलेगा। उन्होंने यह आरोप भी खारिज किया कि मुआवजा उपकर का पैसा केंद्र के कर्ज चुकाने में उपयोग हुआ। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह गलत आरोप है। सभी उपकर वित्त आयोग की सिफारिश पर ही वसूले गए हैं।”

उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को तंबाकू उत्पादों पर सेस दरें नहीं बढ़ाने को लेकर चेताया था। GST लागू होने के बाद से तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क नहीं बढ़ाया गया था। इसलिए अब समय है कि भारत वैश्विक मानकों के अनुसार कर बढ़ाए।

सीतारमण ने कहा कि यह एक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा है और तंबाकू की कीमत बढ़ने से इसके सेवन में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि भारत में फिलहाल तंबाकू उत्पादों पर लगभग 50% कर लगता है, जबकि विश्व औसत 70% है। कई देशों जैसे ब्रिटेन में यह कर 80% से भी अधिक है।

तंबाकू किसान, फैक्ट्री कर्मचारी और बीड़ी बनाने वाले मजदूरों पर असर के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं जैसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हल्दी, प्याज आदि वैकल्पिक फसलों की ओर स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसी योजनाएं कई वर्षों से लागू हैं और वर्तमान योजना 10 प्रमुख तंबाकू उत्पादक राज्यों (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश आदि) में विविधीकरण पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मजदूरों के लिए पूरक योजनाएं भी उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बीड़ी मजदूरों के बच्चों के लिए उपलब्ध शिक्षा सहायता योजना का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीड़ी पर कुल कर नहीं बढ़ेगा, क्योंकि नए GST ढांचे के अनुसार इसकी भरपाई की जाएगी।

अपने भाषण में सीतारमण ने एक अन्य विषय पर भी बात की और एक सांसद द्वारा IMF द्वारा भारत के GDP डेटा को ‘C’ ग्रेड दिए जाने पर की गई टिप्पणी का जवाब दिया।

वित्त मंत्री ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया। 

सार्वजनिक महत्व के मामलों पर चर्चा करने के बाद, लोकसभा ने नियम 377 के तहत आने वाले मामलों को छोड़ दिया। इस नियम के तहत सदस्य तत्काल महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का अधिकार रखते हैं। इसके बाद सदन ने विधायी कार्यों की ओर बढ़ा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर उपकर बढ़ाना है, ताकि जब जीएसटी मुआवजा उपकर खत्म हो जाए, तब सिन गुड्स (Sin Products) पर कर दर संतुलित रहे।

यह मामला अभी चर्चा के लिए रखा गया है।

संचार साथी आदेश में संशोधन की संभावना: ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) 

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि हाल ही में जारी ‘संचार साथी’ आदेश, जिसमें फोन निर्माताओं को बिक्री से पहले सरकारी ऐप अपने फोन में अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने का निर्देश दिया गया था, उसमें संशोधन की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर आदेश में बदलाव करने के लिए तैयार है।

‘ना तो जासूसी संभव है, और ना ही जासूसी होगी,’ उन्होंने गोपनीयता और कार्यक्षमता विस्तार (Function Creep) से जुड़े सवालों के जवाब में कहा।

यह मामला तब उठा है जब कई विपक्षी सांसदों ने इसे संसद में उठाया और यह ऑनलाइन भी चर्चा में आया। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन, सिंधिया ने यह स्पष्ट किया था कि आदेश में दिए जाने के बावजूद यह ऐप डाउनलोड करना ‘अनिवार्य’ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था।

मणिपुर में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को अपनाने के लिए राज्यसभा में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है।

राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे पुनः शुरू हुई, जिसकी शुरुआत स्टैच्यूटरी रिज़ॉल्यूशन खंड (Statutory Resolution Segment) से हुई। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मणिपुर में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को अपनाने के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यादव ने कहा कि यह कानून पहले ही पूरे देश में पारित हो चुका है और यह प्रस्ताव विशेष रूप से मणिपुर के लिए प्रस्तुत किया गया है, क्योंकि वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू है।

राज्यसभा की बैठक दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।

राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है और भोजनावकाश के बाद पुनः आरंभ होगी। इस दौरान, लोकसभा में जनमहत्व के विषयों पर चर्चा जारी है।

इसी बीच, विपक्षी नेताओं ने शीतकालीन सत्र की रणनीति पर विचार-विमर्श के लिए संसद में बैठक की। उधर, बीजेपी के शीर्ष नेता अमित शाह, जे.पी. नड्डा और बी.एल. संतोष भी मिले, जहाँ पार्टी से जुड़े विभिन्न मुद्दों, जिनमें बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर चर्चा भी शामिल है।

प्रश्नकाल और शून्यकाल जारी

इस सत्र में पहली बार, दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे बिना किसी व्यवधान के प्रारंभ हुई। लोकसभा ने प्रश्नकाल से कामकाज शुरू किया, जिसमें 20 प्रश्न सूचीबद्ध थे, जबकि राज्यसभा ने शून्यकाल के साथ कार्यवाही आरंभ की।

दोपहर 12 बजे, दोनों मदों का कार्य समाप्त हो गया। इसके बाद लोकसभा शून्यकाल में चली गई और राज्यसभा ने प्रश्नकाल शुरू किया, जिसमें 15 प्रश्न सूचीबद्ध थे।

सत्रों के दौरान सांसदों ने कई मुद्दे उठाए, जिनमें विशेष रूप से शिक्षा, संचार साथी आदेश, दिव्यांगता, राजमार्ग और रेल से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 का तीसरा दिन प्रारंभ

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 के तीसरे दिन (3 दिसंबर 2025) की शुरुआत विपक्षी सांसदों के संसद भवन के बाहर प्रदर्शन के साथ हुई। वे केंद्र द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों के खिलाफ विरोध कर रहे थे। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी आदि नेताओं ने “कॉरपोरेट जंगल राज नहीं — श्रम न्याय चाहिए” लिखा हुआ बैनर थाम रखा था।

यह विरोध सत्र के पहले और दूसरे दिन देशव्यापी SIR के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों की कड़ी है, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही समय से पहले स्थगित करनी पड़ी थी, और फ़्लोर लीडर्स की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे पर 9 और 10 दिसंबर 2025 को चर्चा की जाएगी।

संसद के शीतकालीन सत्र 2025 का दूसरा दिन संपन्न हुआ।

राज्यसभा की बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई और अब यह 3 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे पुनः बैठेगी। मणिपुर जीएसटी विधेयक पर विचार-विमर्श के बाद, सभापति ने कई सांसदों के विशेष उल्लेख सुने और फिर कार्यवाही समाप्त की।

इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एसआईआर मुद्दे पर जारी विरोध के कारण उत्पन्न गतिरोध पर चर्चा के लिए अपने कक्ष में दलों के नेताओं की बैठक बुलाई। लोकसभा ने 8 दिसंबर को ‘वंदे मातरम्’ पर बहस तथा 9 और 10 दिसंबर 2025 को चुनावी सुधारों पर बहस निर्धारित की है।

विपक्ष के वॉकआउट के बीच राज्यसभा ने मणिपुर जीएसटी विधेयक (Bill) वापस भेजा। 

वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा आरंभ किए गए प्रस्ताव के अनुसार मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 को राज्यसभा ने लोकसभा को वापस भेज दिया। विधेयक पर विचार-विमर्श और मतदान उस समय हुआ जब विपक्षी नेता एसआईआर मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू की स्थिति के विरोध में सदन से वॉकआउट कर रहे थे। रिजिजू ने पहले कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा के लिए समयसीमा निर्धारित करने से इनकार कर दिया था।

राज्यसभा ने मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 को विचारार्थ लिया।

सदन के पुनः प्रारंभ होने के बाद मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया। यह विधेयक 1 दिसंबर 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश किया गया था और उसी दिन पारित भी हो गया। विधेयक पर विचार करने का प्रस्ताव वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा पारित किया गया। चर्चा के लिए सूचीबद्ध सांसदों ने इस अध्यादेश का व्यापक रूप से समर्थन किया।

लोकसभा 3 दिसंबर 2025 तक स्थगित; रिजिजू ने एसआईआर पर चर्चा का आश्वासन दिया।

संसद के दोनों सदन दोपहर 2 बजे पुनः बैठक में जुटे। लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता भाजपा सांसद दिलीप सैकिया ने की। निचले सदन ने नियम 377 के तहत जनमहत्व के तात्कालिक मुद्दों को उठाया, लेकिन विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद सदन को जल्द ही 3 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष को आश्वासन दिया कि एसआईआर पर चर्चा कराई जाएगी, लेकिन यह भी दोहराया कि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की जानी चाहिए।

प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित।

दिन की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा जॉर्जिया से आए एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने से हुई, जो लोकसभा की विशेष दर्शक दीर्घा से कार्यवाही का अवलोकन कर रहा था।

इसके तुरंत बाद, अध्यक्ष ने प्रश्नकाल प्रारंभ किया, जबकि विपक्षी सांसद ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ और ‘SIR पर चर्चा करो’ के नारे लगाते रहे।

विपक्ष ने सदन के वेल में पहुँचकर विरोध किया, जिसके चलते कोई प्रश्न नहीं पूछा जा सका और सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। स्थगन के बाद बिड़ला विपक्षी नेताओं से मिलने गए।

सदन 12 बजे पुनः बैठा, लेकिन विपक्ष के जारी विरोध के कारण कार्यवाही एक बार फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

शून्यकाल के दौरान विपक्ष के विरोध के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित।

राधाकृष्णन ने सत्र की शुरुआत यह घोषणा करते हुए की कि उन्हें नियम 267 के अंतर्गत 21 नोटिस प्राप्त हुए हैं, जिनमें तात्कालिक मुद्दों पर चर्चा के लिए निर्धारित कार्य को स्थगित करने का अनुरोध किया गया है। इन नोटिसों को स्वीकार नहीं किया गया, जिसके कारण विपक्षी सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया।

जल्द ही शून्यकाल प्रारंभ हुआ, जबकि विपक्षी सदस्य लगातार विरोध करते रहे। कई सदस्य नारे लगाते हुए सदन के वेल में पहुँच गए और ‘SIR पर चर्चा करो’ का नारा लगाने लगे।

विपक्ष के नेता खड़गे ने मांग की कि इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा की जाए, यह कहते हुए कि नोटिसों को खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया। उन्होंने आगे संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

रिजिजू ने उत्तर दिया कि देश में कई मुद्दे हैं और किसी भी मुद्दे के लिए समयसीमा तय नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि इससे अन्य मुद्दों को कमजोर करने का जोखिम है।

सभा के अध्यक्ष राधाकृष्णन ने कहा कि सदन में व्यवस्था बनेगी, तभी इस मामले को उठाया जाएगा।

विरोध प्रदर्शन के बीच, सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।

शीतकालीन सत्र 2025 का दूसरा दिन प्रारंभ हुआ।

दिन (2 दिसंबर 2025) की शुरुआत संसद के बाहर विपक्षी दलों द्वारा SIR के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन से हुई। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और संसद के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेताओं ने इस विरोध में भाग लिया और ‘SIR पर चर्चा करो’ का नारा लगाया।

कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई, जिसमें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने राज्यसभा की अध्यक्षता की और लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कार्यवाही का संचालन किया।

दिन के कार्यसूची में राज्यसभा के लिए 15 तारांकित प्रश्न, प्रस्तुत किए जाने वाले 4 दस्तावेज़ों के सेट, तथा विचार-विमर्श और प्रत्यावर्तन के लिए 1 विधेयक शामिल था; जबकि लोकसभा के लिए 20 तारांकित प्रश्न, प्रस्तुत किए जाने वाले 9 दस्तावेज़ों के सेट, और 15 विधेयकों को प्रस्तुत किया जाना शामिल था। इसके अलावा, कार्यसूची में वक्तव्य, प्रस्ताव, रिपोर्टें और विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव भी सूचीबद्ध थे।

शीतकालीन सत्र 2025 का प्रथम दिन

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