जनजाति गौरव दिवस में राष्ट्रपति शामिल होंगी

राष्ट्रपति झारखंड (Jharkhand) के खूंटी जिले के उलिहातु गांव का दौरा करेंगी जो बिरसा मुंडा (Birsa Munda) का जन्म स्थान है और वहां पुष्पांजलि अर्पित करेंगी।
जनजाति गौरव दिवस में राष्ट्रपति शामिल होंगी
जनजाति गौरव दिवस में राष्ट्रपति शामिल होंगी(IANS)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) इस साल जनजाति गौरव दिवस (Janjatiya Gaurav Divas) समारोह का नेतृत्व करेंगी। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति झारखंड (Jharkhand) के खूंटी जिले के उलिहातु गांव का दौरा करेंगी जो बिरसा मुंडा (Birsa Munda) का जन्म स्थान है और वहां पुष्पांजलि अर्पित करेंगी।

राष्ट्रपति सड़क और परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways of India) और ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगी और खूंटी से वर्चुअल रूप से कई एकलव्य विद्यालयों (Eklavya) का शिलान्यास भी करेंगी। वह खूंटी और उसके आसपास ट्राइफेड और एनआरएलएम की महिला एसएचजी सदस्यों को भी संबोधित करेंगी।

जनजाति गौरव दिवस में राष्ट्रपति शामिल होंगी
'जन्म से नहीं, कर्म से जाना जाता है मानव' का सटीक उदाहरण हैं Draupadi Murmu

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि उपराष्ट्रपति 15 नवंबर को संसद परिसर, नई दिल्ली में अन्य सांसदों के साथ बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। अर्जुन मुंडा ने कहा कि 15 से 22 नवंबर तक जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी (Kashmir Se Kanyakumari) तक और गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक गांवों और दूर-दराज के इलाकों में कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि कई कार्यक्रम जैसे युवाओं के मार्च का आयोजन और राज्यों की राजधानियों में आदिवासी कलाकारों द्वारा प्रस्तुति, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठियों/कार्यशालाओं का आयोजन, देशभर में निबंध, गीत, नृत्य, खेल और चित्रकला प्रतियोगिताओं, स्वच्छता अभियान की भी योजना राज्य सरकारों और राज्य आदिवासी अनुसंधान संस्थानों के समन्वय से बनाई गई है।

'जन्म से नहीं, कर्म से जाना जाता है मानव' का सटीक उदाहरण हैं Draupadi Murmu
'जन्म से नहीं, कर्म से जाना जाता है मानव' का सटीक उदाहरण हैं Draupadi Murmu (Wikimedia Commons)

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने देश के इतिहास और संस्कृति में आदिवासी समुदायों के योगदान को याद करने के लिए 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह दूसरा वर्ष है जब जनजाति गौरव दिवस मनाया जा रहा है।

यह दिन सभी आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने और आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रयासों को फिर से सक्रिय करने के लिए भी मनाया जाता है।

आईएएनएस/PT

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