

मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाए रखने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। सरकार और जनता के बीच सूचनाओं का माध्यम मीडिया ही बनता है। सरकार और मीडिया के बीच खींचतान को लेकर प्रायः खबरे आती रहती हैं। कभी-कभी सरकार के आलोचनाओं की रिपोर्ट छपने का खामियाज़ा मीडिया संस्थानों को भारी पड़ जाता है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के भगवंत मान की सरकार के ऊपर एक निजी अखबार समूह (पंजाब केसरी ग्रुप ) ने आरोप लगाया है कि प्रवर्तन अधिकारियों ने पंजाब केसरी समूह के ऊपर छापा मारा है। पंजाब केसरी समूह (Punjab Kesari Group) ने आरोप लगाया है कि यह छापेमारी तब हो रही है जब आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राष्ट्रीय संयोजक के ऊपर विपक्ष के आरोप के आधार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गयी थी।
अख़बार समूह ने आरोप लगाया है कि प्रेस की आवाज़ को दबाने के लिए पंजाब सरकार के शह पर पंजाब केसरी समूह के ऊपर छापेमारी की गई है।
विजय कुमार चोपड़ा, अविनाश चोपड़ा और अमित चोपड़ा द्वारा हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से बताया गया है कि, 31 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक एक रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल के ऊपर विपक्ष के द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद 2 नवंबर 2025 से पंजाब सरकार ने पंजाब केसरी समूह को दिए जाने वाले सभी विज्ञापनों पर रोक लगा दी है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंजाब सरकार के आदेश पर ही पंजाब केसरी समूह के विभिन्न सहयोगियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गयी है।
चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जालंधर में संचालित होटल पर 12 जनवरी को जीएसटी विभाग द्वारा की गई छापेमारी की गयी है। वहीं 12 जनवरी को आबकारी विभाग द्वारा चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जालंधर में संचालित होटल में की गई छापेमारी का जिक्र किया गया है। 12 जनवरी 2026 को कारखाना विभाग के उप निदेशक द्वारा पंजाब केसरी प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
पंजाब केसरी समूह के एक्सीक्यूटिव एडिटर (Executive Editor) आकू श्रीवास्तव ने कहा है कि पंजाब केसरी समूह के ऊपर पंजाब सरकार के द्वारा किया गया यह हमला इतिहास में हुए इस अख़बार समूह के ऊपर हुए हमले की याद दिलाता है। इतिहास का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा ,जो भी पंजाब केसरी समूह की आवाज को दबाने का प्रयास किया है ,उसका पतन निश्तित हुआ है।
आकू श्रीवास्तव ने आगे कहा कि आतंकवाद के दौर में तो इस समूह ने जो कुर्बानी दी, वह आज तक दुनिया के किसी अखबारी समूह से नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा है कि सरकार ने पंजाब केसरी समूह पर छापेमारी की कार्रवाई करके अपना मुँह काला किया है।
सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों ने आरोपों की झड़ी लगा दी है, कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी के ऊपर तीखा प्रहार किया है।
कांग्रेस पार्टी (Congress Party) से कुमारी शैलजा ने कहा है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। इसकी स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता है। आम आदमी पार्टी को यह स्पष्ट करना होगा की क्या पंजाब में लोकतंत्र का अर्थ केवल सरकार की प्रशंसा तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा है कि यह जो मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है,जो कि संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
वहीं बीजेपी ने भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेता मोहनलाल बड़ौली ने कहा है कि, पंजाब में मीडिया पर खुलेआम और सीधा हमला किया गया है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सोची समझी साजिश के तहत मीडिया की आवाज़ को दबाने का आरोप लगाया है।
बता दें कि देश में विभिन्न जगहों पर समय समय पर पत्रकारों के खिलाफ की गयी तमाम गतिविधियां सरकार की तरफ से देखने को मिलती रही हैं । बीते कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में भी इस तरीके के घटनक्रम को सरकार के तरफ से अंजाम दिया गया था। साल 2017 में हाथरस मामले की रिपोर्टिंग के लिए एक पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गयी थी। ऐसे अनेक अवसर आते रहें है जब मीडिया संस्थानों की तरफ से सरकार पर आरोप लगाए जाते रहें हैं।
देखना यह है कि चारों तरफ से घिर चुकी आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब केसरी समूह द्वारा लगाए गए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
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