देश को नए सुधारों की तत्काल आवश्यकता है: Ashwani Upadhyay

देश को नए सुधारों की तत्काल आवश्यकता है: Ashwani Upadhyay
देश को नए सुधारों की तत्काल आवश्यकता है: Ashwani Upadhyay [News Gram]

न्यूज़ग्राम हिंदी: सोमवार, 9 मई को दिल्ली आईटीओ स्थित गाँधी पीस फाउंडेशन में न्यूज़ग्राम और इंडिया फर्स्ट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में Developed India By 2047 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुनीश रायजादा और शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। मौके पर उपस्थित पीआईएल के लिए मशहूर Ashwani Upadhyay जी ने देश एवं दिल्ली के कई प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला।

अश्वनी जी ने देश में भ्रष्टाचार और जनसंख्या विस्फोट को सभी समस्याओं का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि 'हमारे कानूनों में बदलाव क्यों नहीं लाया जा सकता? हम विदेशों से सामान ले सकते हैं तो फिर अच्छे कानून क्यों नहीं? बेकार कानून से बेहतर है कोई कानून न हो।'

कानून व्यवस्था पर ख़ास चर्चा करते हुए Ashwani Upadhyay जी ने न्यायिक सुधारों, पुलिस सुधारों और चुनाव सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। सरकार के लिए सुझाव देते हुए वो आगे बोले, 'सेवानिवृत्त हो चुके आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, जजेस, इत्यादि लोगों की टीम बनाकर सरकार उन्हें सुधार कानूनों में संलग्न कर सकती है।'

मठ-मंदिर पर सरकारी हस्तक्षेप और कंट्रोल पर नाराजगी जताते हुए अश्विनी जी ने कहा कि 1863 के कानून द्वारा अंग्रेजों ने मठ और मंदिरों पर कंट्रोल स्थापित कर लिया और आज भी वही कानून चल रहा, जबकि मस्जिद मदरसे आज भी कंट्रोल से बाहर हैं। इस सब के साथ ही 2010 में आये FCRA कानून को घेरते हुए बाते कि यह कानून केवल हवाला फंडिंग को रीजनरेट करने के लिए बना। हवाला फंडिंग पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि, 'प्रत्येक राष्ट्र विरोधी, संस्कृति विरोधी, सनातन विरोधी गतिविधियां हवाला फंडिंग से होती है।'

कार्यक्रम में अपने संबोंधन में अश्वनी जी ने देश के युवाओं से आग्रह किया कि वो भी आगे आकर इन मुद्दों पर कार्य करें और अपने देश के प्रति कर्तव्य का निर्वहन करें।

Edited By: Prashant Singh

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