हिंदुत्व मंदिर ‘मातोश्री’ में हनुमान चालीसा पर प्रतिबन्ध क्यों?

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल [IANS]
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल [IANS]

हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) को लेकर जारी विवाद को लेकर महाराष्ट्र (Maharashtra) की उद्धव ठाकरे (Udhaw Thakre) सरकार पर निशाना साधते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि जिस 'मातोश्री' (Matoshri) को एक जमाने में हिंदुत्व का मंदिर कहा जाता था, वहां पर अब हनुमान चालीसा पढ़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

शिवसेना (Shiv Sena) और महाराष्ट्र के ठाकरे सरकार के रवैये को लेकर सवाल खड़ा करते हुए विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल (Vinod Bansal) ने कहा कि क्या मातोश्री प्रतिबंधित क्षेत्र हो गया है? क्या यह पाकिस्तान (Pakistan) का हिस्सा हो गया है?

हिंदुत्व मंदिर 'मातोश्री' में हनुमान चालीसा पर प्रतिबन्ध। [Wikimedia Commons]
हिंदुत्व मंदिर 'मातोश्री' में हनुमान चालीसा पर प्रतिबन्ध। [Wikimedia Commons]

बंसल ने हनुमान चालीसा पर अघोषित प्रतिबंध लगाने की कोशिश करने वाले लोगों को इससे बाज आने की नसीहत देते हुए नवनीत राणा और उनके प्रति के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर भी महाराष्ट्र सरकार की निंदा की। उन्होंने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के जिस फैसले का हवाला दिया जा रहा है वह माननीय न्यायालय ने 2005 में दिया था और अगर उस समय से ही उसे पूरी तरह से लागू किया जाता तो अब तक ध्वनि प्रदूषण समाप्त हो गया होता। लेकिन इसे लागू करने में भी सरकार ने धार्मिक आधार पर भेदभाव किया।

राज ठाकरे की पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियान में विश्व हिंदू परिषद के शामिल होने की खबरों को खारिज करते हुए एक बार फिर से विहिप प्रवक्ता ने कहा कि, 'हम ( विहिप) किसी राजनीतिक दल का न तो समर्थन करते हैं और न ही किसी तरह के राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होते हैं।'

आईएएनएस (PS)

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