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भारत, अमेरिका ने रणनीतिक साझेदारी, प्रशांत सहयोग पर चर्चा की

भारत और अमेरिका ने बुधवार को भारत-प्रशांत सहयोग और अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों के साथ-साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के उपायों पर चर्चा की।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ प्रधानमंत्री मोदी।(PIB)

भारत और अमेरिका ने बुधवार को भारत-प्रशांत सहयोग और अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों के साथ-साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। अपनी पहली भारत यात्रा पर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ गर्मजोशी से चर्चा की। ब्लिंकन ने कहा कि चर्चा में भारत-प्रशांत सहयोग को द्विपक्षीय रूप से और क्वाड के माध्यम से मजबूत करने सहित अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना शामिल है।

जयशंकर ने कहा कि यह सचिव ब्लिंकन के साथ एक व्यापक और उपयोगी चर्चा थी। उन्होंने कहा, “हमारी द्विपक्षीय साझेदारी में अगले कदमों की मैपिंग में उपयोगी, कई क्षेत्रीय चिंताओं पर विचारों का मजबूत अभिसरण, बहुपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने पर सहमत हुए।”

अमेरिका और भारत के बीच एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है जो साझा मूल्यों और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है। अमेरिका यह सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक प्रमुख वैश्विक शक्ति और महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में भारत के उदय का समर्थन करता है कि इंडो-पैसिफिक शांति, स्थिरता और बढ़ती समृद्धि और आर्थिक समावेश का क्षेत्र है।

अमेरिका देश का रास्ट्रीय ध्वज (Pixabay)


दोनों देश रक्षा, अप्रसार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, ऊर्जा, व्यापार और निवेश, शांति स्थापना सहित कई राजनयिक, आर्थिक, पर्यावरण, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कृषि, अंतरिक्ष महासागर और सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग करते हैं।

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भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति है और इंडो-पैसिफिक और उसके बाहर एक प्रमुख अमेरिकी भागीदार है। मार्च में उद्घाटन क्वाड लीडर्स समिट में, राष्ट्रपति जो बिडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 के आर्थिक और स्वास्थ्य प्रभावों का जवाब देने, जलवायु संकट से निपटन, साइबर-स्पेस, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आतंकवाद का मुकाबला, गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे के निवेश, मानवीय सहायता और आपदा राहत, और समुद्री सुरक्षा सहित साझा चुनौतियों का समाधान करने के लिए जापानी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्रियों के साथ शामिल हुए।(आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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