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दुनिया

लंदन में असांज के खिलाफ प्रत्यर्पण पर सुनवाई शुरू

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उन पर हैकर नियुक्त करके सेना के सीक्रेट्स चुराने का आरोप लगाते हुए 18 अभियोग लगाए गए हैं।

जूलियन असांज, विकीलीक्स।(Twitter)

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के खिलाफ लंदन के ओल्ड बेली कोर्टहाउस में प्रत्यर्पण सुनवाई शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, 49 साल के असांज लंदन के इक्वाडोरियन दूतावास में लगभग सात साल तक रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उन पर हैकर नियुक्त करके सेना के सीक्रेट्स चुराने का आरोप लगाते हुए 18 अभियोग लगाए गए हैं।

सोमवार को अदालत में ग्लास सुरक्षा के अंदर बैठे असांज को एक और अमेरिकी अभियोग पर औपचारिक रूप से फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके साथ ही उन पर लगे आरोप और व्यापक हो गए हैं। असांज पर अमेरिकी जासूसी अधिनियम के तहत मामले चल रहे हैं।


असांज पर अमेरिका पर जासूसी करने का आरोप। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

इस ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ने जिला जज वैनेसा बैरीसेटर को बताया कि वह लंदन के सबसे प्रसिद्ध कोर्टहाउस में लंबी कानूनी लड़ाई के लिए प्रत्यर्पित किए जाने को लेकर सहमत नहीं थे।

उन पर लगाए गए अभियोग में कहा गया है कि असांज और विकीलीक्स ने बार-बार ऐसी जानकारियां हासिल कीं और प्रचारित कीं जिनके सामने आने से अमेरिका की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

वहीं असांज के वकील एडवर्ड फिट्जगेराल्ड द्वारा जमा किए गए 200-पेज के प्रस्तुतिकरण में दावा किया गया है कि यह अभियोग गुप्त राजनीतिक उद्देश्यों के चलते लगाए हैं ना कि सद्भावना के तहत लगाए गए हैं।

फिट्जगेराल्ड ने कहा, “राजनीतिक मकसद से प्रत्यर्पण कराना एंग्लो-यू.एस. प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 4 (1) द्वारा निषिद्ध है। लिहाजा ऐसी मांग करना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करना है।”

यह भी पढ़ें: जी-4 के साथ भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों पर दिया अल्टीमेटम

असांज को गुप्त खुफिया और सैन्य दस्तावेजों के प्रकाशन पर दोषी पाए जाने पर अमेरिका में 175 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

सोमवार को मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले असांज की पार्टनर स्टेला मॉरिस समेत उनके समर्थक कोर्टहाउस के बाहर जमा हो गए थे।

इस मामले में लंदन में सुनवाई कई हफ्तों तक जारी रह सकती है।(आईएएनएस)

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वर्ष 2019 में हुदा मुथाना के पिता ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट में अमेरिका वापस लौटने के मामले पर तत्कालीन ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुक़द्दमा दायर किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिना किसी टिप्पणी के हुदा मुथाना के इस मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

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